वसीम जाफर ने क्रिकेट को कहा अलविदा, कई बड़े रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज

Trending News

Blog Post

क्रिकेट

42 साल की उम्र में इस भारतीय दिग्गज ने किया क्रिकेट के सभी प्रारूपों से किया संन्यास का ऐलान 

42 साल की उम्र में इस भारतीय दिग्गज ने किया क्रिकेट के सभी प्रारूपों से किया संन्यास का ऐलान

2008 में भारत के लिए अंतिम मैच खेलने वाले 42 वर्षीय वसीम जाफर ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। उनकी गिनती भारतीय घरेलू क्रिकेट के सबहसे बेहतरीन बल्लेबाजों में की जाती है। जाफर ने 1996-97 में अपना प्रथम श्रेणी डेब्यू किया था। वह मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते थे। करियर के अंतिम दौर में उन्होंने विदर्भ का रूख किया और वहां भी बल्ले से कमाल दिखाया था।

रणजी में सबसे ज्यादा रन

42 साल की उम्र में इस भारतीय दिग्गज ने किया क्रिकेट के सभी प्रारूपों से किया संन्यास का ऐलान 1

वसीम जाफर रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उनके नाम 12038 रन दर्ज हैं। उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज 10 हजार के आंकड़े को भी नहीं छू पाया है। अमोल मजूमदार 9202 रनों के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा शतक बनाने का रिकॉर्ड भी वसीम जाफर के नाम ही दर्ज हैं। उन्होंने मुंबई और विदर्भ के लिए खेलते हुए 40 शतक बनाए हैं। 31 शतक के साथ अजय शर्मा दूसरे स्थान पर हैं। वर्तमान समय में खेल रहे किसी खिलाड़ी के 25 शतक भी नहीं हैं।

2000 में किया भारत डेब्यू

42 साल की उम्र में इस भारतीय दिग्गज ने किया क्रिकेट के सभी प्रारूपों से किया संन्यास का ऐलान 2

वसीम जाफर ने साल 2000 में भारत के लिए पहला टेस्ट मैच खेला था। इसके साथ ही 2006 में भारत के लिए पहला वनडे खेलने का मौका मिला। उनका टेस्ट करियर 31 मैचों का रहा वहीं वनडे क्रिकेट में सिर्फ दो मैचों में ही खेलने का मौका मिला।

31 मैचों के टेस्ट करियर में उन्होंने 34.10 की औसत से 1944 रन बनाए थे। इसमें 5 शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं। जाफर ने पाकिस्तान के खिलाफ कोलकाता और वेस्टइंडीज के खिलाफ उनके घर में दोहरा शतक बनाया था। 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कानपुर में उन्होंने भारत के लिए अंतिम टेस्ट खेला था।

किंग्स इलेवन पंजाब के बल्लेबाजी कोच

42 साल की उम्र में इस भारतीय दिग्गज ने किया क्रिकेट के सभी प्रारूपों से किया संन्यास का ऐलान 3

आईपीएल 2020 में वसीम जाफर किंग्स इलेवन पंजाब के बल्लेबाजी कोच हैं। हाल ही में उन्होंने रणजी ट्रॉफी खेला लेकिन उनके बल्ले से कोई खास रन नहीं निकले। 7 मैचों में उनका सबसे बड़ा स्कोर 83 रन रहा।

यहीं वजह रही कि पिछले दो बार कि रणजी ट्रॉफी विजेता विदर्भ नॉक आउट में भी जगह नहीं बना पाई। केरल के खिलाफ उन्होंने अपना अंतिम मैच खेला था। अंतिम पारी में उनके बल्ले से 57 रन निकले थे।

Related posts