संजय बांगर

वेस्टइंडीज दौरे के खत्म होने के साथ ही बल्लेबाजी व सहायक कोच संजय बांगर का कार्यकाल भी समाप्त हो गया। और अब यह अहम जिम्मेदारी पूर्व क्रिकेटर विक्रम राठौर को सौंपी गई है। 5 साल तक इस पद पर बने रहने के बाद विदाई लेते हुए बांगर ने कहा कि बल्लेबाजी और सहायक कोच के तौर पर टीम इंडिया को टेस्ट क्रिकेट में भारत के मिडिल ऑर्डर को मजबूत देखकर काफी खुशी महसूस करते हैं।

अपनी 5 साल के सफर पर है मुझे गर्व: संजय बांगर

संजय बांगर

अपने आखिरी अंतरराष्ट्रीय वेस्टइंडीज टूर से वापस आकर संजय बांगर ने स्पोर्ट्स्टार से बात करते हुए बताया

मुझे कोई पछतावा नहीं है क्योंकि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और मैं नए बल्लेबाजी व सहायक को विक्रम को भी शुभकामना देता हूं।

“हमने 52 टेस्ट मैचों में से 30 जीते और 122 वनडे मैचों में 82 जीते। हमने 2014 से 2019 तक लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया और हमारी टीम ने लगभग सभी देशों को उनकी घरेलू परिस्थितियों में मात दी है। मैं इस 5 साल की अपने सफर पर बहुत गर्व महसूस करता हूं।”

भारतीय टेस्ट टीम के मिडिल ऑर्डर की बात करते हुए बांगर ने कहा

” मैं टेस्ट मैचों में मजबूत मिडिल ऑर्डर वाली टीम इंडिया के साथ काफी खुश हूं। विकेटकीपर और लोएर ऑर्डर के बल्लेबाजी में मिल रहे योगदान से हमारी टीम की बल्लेबाजी में गहराई आ गई है।”

सलामी बल्लेबाजों को मजबूत करने की है जरूरत

टीम इंडिया से निकाले जाने के बाद भी खुश हैं संजय बांगर, नये बल्लेबाजी कोच के लिए कही ये बात 1

भारतीय टेस्ट टीम के सलामी बल्लेबाजों की बात करते हुए बांगर ने कहा

“हमें अपने सलामी बल्लेबाजों को मजबूत करने की जरूरत है, खासकर विदेशी परिस्थितियों में। हमारी टीम का गेंदबाजी डिपार्टमेंट काफी मजबूत है इसलिए इस बारे में हमें जरा भी चिंता करने की जरूरत नहीं है।”

बांगर पांच साल पहले टीम में शामिल हुए थे जब डंकन फ्लेचर टीम इंडिया के मुख्य कोच थे। इसके बाद उन्होंने अनिल कुंबले और रवि शास्त्री दोनों के मुख्य कोच रहते हुए बल्लेबाजी कोच की भूमिका निभाई। इस बारे में बात करते हुए बांगर ने कहा,

“वे स्पष्ट रूप से अलग थे। डंकन की बल्लेबाजी तकनीक से संबंधित एक अलग ही नजरिया था। अनिल कुंबले आश्चर्यजनक रूप से मैथेडिकल थे और रवि शास्त्री मानसिक दृढता विकसित करने में अच्छे हैं। मैंने इन सभी से काफी कुछ सीखा है।”