जब विराट कोहली की वजह से गौतम गंभीर ने “मैन ऑफ़ द मैच” लेने से मना कर दिया

sagar mhatre / 15 July 2016

ये वनडे मैच 2009 में श्रीलंका के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन में खेला गया था. भारत को उस मैच में बड़ा लक्ष्य मिला था, और दोनों ओपनर सचिन तेंदुलकर और विरेंद्र सहवाग जल्दी आउट हो गये थे.

गौतम गंभीर और विराट कोहली ने कमाल करते हुए 224 रनों की साझेदारी बनाई. दोनों ने अपने अपने शतक लगाए. कोहली 107 रन बनाकर आउट हुए, तो गंभीर ने नाबाद 150 रनों की पारी खेली. और उम्मीद के मुताबिक, गौतम गंभीर को मैन अॉफ द मैच अवॉर्ड मिला था. गंभीर ने तुरंत कोहली के साथ मैन अॉफ द मैच ट्रॉफी शेयर किया, और ये विराट कोहली का पहला वनडे शतक था. रवी शास्त्री ने सभी दर्शकों के सामने ये घोषणा किया, कि गंभीर अपना मैन अॉफ द मैच अवॉर्ड कोहली को देना चाहते हैं.

गौतम गंभीर के नाबाद 150 रन उनके वनडे करियर का सर्वाधिक स्कोर हैं.

गंभीर और कोहली के तीसरे विकेट के लिए 224 रनों की साझेदारी के बदौलत भारत ने वो मैच 7 विकेट से जीता था. गंभीर ने उस मैच के बाद कहा था, कि हम 315 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रहे थे, और इस महत्वपूर्ण क्षण ऐसी साझेदारी काफी महत्वपूर्ण होती हैं.

कोहली ने उस मैच के बाद कहा था, कि मैनें मेरा स्वाभाविक खेल खेला. और मैं खुश हूं कि, टीम जीत गयी. मैं कभी भी दबाव में नहीं था. हमारी साझेदारी काफी महत्वपूर्ण थी, और हम दोनों ने एकजुट होकर खेला.

ये रहा उस मैच की प्रेजेंटेशन सेरेमनी का विडियो:

गंभीर ने ये मैन अॉफ द मैच ट्रॉफी कोहली को इस वजह से दी, क्योंकि वो कोहली का पहला शतक था, और उससे कोहली को आत्मविश्वास मिले. और सच में कोहली ने इसके बाद कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

उस सीरीज के कप्तान विरेंद्र सहवाग ने कहा था, कि मैं कोहली के प्रदर्शन से खुश हूं, और खासकर इसलिए खुश हूं कि, टीम ने सीरीज कोलकाता में जीती.