जब हम आक्रमक क्रिकेट की बात करते है तो पहला नाम हमारे ध्यान में (दादा) सौरव गांगुली का आता है. लेकिन गांगुली भी कभी कभी लडखडा जाते थे. और ये पहले इंटरव्यू की बात है.

ये बात 21 जून 1996 की है, जब गांगुली लॉर्ड्स के मैदान पर उतरे. और तब किसी ने सोचा भी नहीं होगा की, ये खिलाडी लॉर्ड्स के मैदान पर टी शर्ट उतारेगा.

लॉर्ड्स टेस्ट में जब पहली गेंद गांगुली को डाली गयी, तो वो बाउंसर थी जिसे गांगुली ने छोडा. और तब सभी को लगा की गांगुली शुन्य पर आउट हो जाएंगे.

जब गांगुली ने अपने पहले ही टेस्ट में दिखाया दादागिरी 1

जैसे जैसे पारी आगें बढी गांगुली अपना जलवा दिखाते गये. गांगुली शानदार शॉट लगाते गये, अॉफ ड्राईव, स्ट्रेट ड्राईव, ऐसे खेलते खेलते गांगुली ने अपना शतक पूरा किया और उन्होंने 131 रन बनाये. वे उस पारी में रिकॉर्ड बनाकर गये, और तीसरे खिलाडी बने जिन्होंने अपना पहला शतक लॉर्ड्स में लगाया. दुसरे भारतीय बने जिन्होंने पहली पारी में इतने रन बनाए.

तब जब गांगुली को उनकी पारी, और विकेट के बारे में पुछा गया, तब गांगुली जवाब देने में लडखडा रहे थे. जो अभी के गांगुली से पूरे अलग थे.

I am sagar an ardent fan of cricket. I want to become a cricket writer, i always suport virat kohli and ms dhoni in every international match, but not in ipl in ipl i always chear for mumbai indian and...

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