जब खुद आउट होने का प्रयास कर रहा था ये भारतीय दिग्गज लेकिन फिर बना दिया ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड जो आज तक है कायम 1

भारतीय क्रिकेट के सबसे महान बल्लेबाज सुनिल मनोहर गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट में बड़ा ही अहम योगदान दिया है। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान लिटिल-मास्टर के नाम से मशहूर सुनिल गावस्कर ने बल्लेबाजी में कई रिकॉर्ड अपने नाम स्थापित किए हैं। लेकिन इनके नाम एक ऐसा भी रिकॉर्ड जुड़ा जिसे वो कभी भी याद करना नहीं चाहते हैं।  सन्नी ने अपने करियर में कई यादगार पारियां खेली हैं। लेकिन एक पारी ऐसी खेली हैं, जिस पर खुद सन्नी को भी मलाल है।

ये उस समय की बात हैं, जब सुनिल गावस्कर का बल्ला अपने चरम पर था। गावस्कर विश्व क्रिकेट के सबसे नामचिन बल्लेबाजों में गिने जाते थे। 7 जून 1975 को इंग्लैंड के लॉर्ड्स के मैदान में प्रुडेंशियल कप के दौरान मेजबान इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपने निर्धारित 60 ओवरों में 4 विकेट पर 334 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड के लिए उनके सलामी बल्लेबाज डेनिस एमिस ने 18 चौकों की मदद से 137 रनों की शानदार पारी खेली।सुनिल गावस्कर ने स्टीवन स्मिथ के ब्रेन फेड होने पर ली चुटकी, बताए ये रोचक आंकड़े

इस बड़े स्कोर के जवाब में भारतीय टीम ने शुरूआत की। सलामी बल्लेबाज भारत के सबसे बड़े बल्लेबाज सुनिल गावस्कर ने शुरूआत से लेकर आखिर तर पिच पर डटे रहे। उन्होनें अपनी पारी के दौरान बड़े शॉट्स लगाने की भरपूर कोशिश की। लेकिन गावस्कर को कामयाबी नहीं मिली आखिर तक पिच पर रहने के बाद भी 174 गेंदों का सामना कर महज 36 रन ही बना पाए। गावस्कर ने अपनी इस बेहद ही धीमी पारी में एक चौका लगाया।

जब खुद आउट होने का प्रयास कर रहा था ये भारतीय दिग्गज लेकिन फिर बना दिया ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड जो आज तक है कायम 2

सुनिल गावस्कर की इस धीमी पारी के कारण भारतीय टीम 3 विकेट खोकर 132 रन ही बना पाई। इस तरह इस मैच में भारतीय टीम को 202 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा। गावस्कर की इस पारी के बाद उनकी कड़ी आलोचना हुई। मीडिया ने तो सन्नी को घेरा ही साथ ही टीम के साथी खिलाड़ी भी गावस्कर से बहुत नाराज हो गए। साथी खिलाड़ी अंशुमान गायकवाड़ ने कहा, कि वास्तव में हमें तो कुछ समझ में ही नहीं आ रहा था, कि क्या हो रहा है। हालांकी गावस्कर ने इस मैच के बाद किसी से बात नहीं की और चुपचाप अकेले ही बैठे रहे।सुनील गावस्कर ने किया बड़ा खुलासा ब्रैडमैन को सचिन नहीं बल्कि इस भारतीय खिलाड़ी के खेल में थी दिलचस्पी

उस समय भारतीय टीम के मैनेजर रहे जी एस रामचन्द्र ने गावस्कर की इस पारी को लेकर बोर्ड से शिकायत की। रामचन्द्र ने कहा था, कि गावस्कर के इस रवैये से न सिर्फ टीम के मनोबल पर असर हुआ है, साथ ही इससे युवा खिलाड़ियों की मनोदशा पर भी फर्क पड़ा। वहीं सुनिल गावस्कर ने भी अपनी आत्म कथा सनी डेज में ये कबूला, कि वो पारी उनके करियर की सबसे घटिया पारी थी। बैंटिंग करते समय वो चाह रहे थे कि विकेट को छोड़ दे ताकि आउट हो सके लेकिन किस्मत देखिए, कि ऐसा भी नहीं हो पा रहा था।