इतिहास के पन्नो से: जब ऑस्ट्रेलिया से हार चुका था भारत, लेकिन सचिन ने की ऐसी गेंदबाजी कि 10 ओवर में ही दिला दिया भारत को जीत | Sportzwiki Hindi

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इतिहास के पन्नो से: जब ऑस्ट्रेलिया से हार चुका था भारत, लेकिन सचिन ने की ऐसी गेंदबाजी कि 10 ओवर में ही दिला दिया भारत को जीत 

इतिहास के पन्नो से: जब ऑस्ट्रेलिया से हार चुका था भारत, लेकिन सचिन ने की ऐसी गेंदबाजी कि 10 ओवर में ही दिला दिया भारत को जीत

यह तो हम सभी जानते हैं कि सचिन को क्रिकेट का भगववान कहा जाता है. उनकी बल्लेबाजी को आज भी एक क्रिकेट के मानक के तौर पर देखा जाता है. लेकिन यदि आप सचिन और क्रिकेट के प्रसंशक होंगे तो आप को एक बात और पता होगी कि सचिन 1 ही ओवर में 6 अलग गेंद करने के लिए जाने जाते हैं. उनके बारे में एक बात मशहूर थी कि यदि विपक्षी टीम बड़ी साझेदारी कर रही हो और मुख्य गेंदबाज विकेट न निकाल पा रहे हों तो गेंद सचिन के हाथों में थमा दो वह विकेट निकल कर देंगे. उन्होंने कई मौकों में भारत को अपनी गेंदबाजी से जीत दिलाई. ऐसा ही एक कमाल सचिन तेंदुलकर ने साल 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पेप्सी त्रिकोणीय सीरीज के दौरान किया था.

भारत ने की बल्लेबाजी और बनाए इतने रन-

इतिहास के पन्नो से: जब ऑस्ट्रेलिया से हार चुका था भारत, लेकिन सचिन ने की ऐसी गेंदबाजी कि 10 ओवर में ही दिला दिया भारत को जीत 1

1 अपैल 1998 को कोच्चि में पेप्सी त्रिकोणीय सीरीज का पहला मैच भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया था. भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. पहले खेलते हुए भारत की टीम ने कप्तान अजहरुद्दीन के 82 रन और अजय जडेजा की शानदार 105 रन की पारी के कारण भारत की टीम 5 विकेट 309 रन बनाए.

एक तरफ जहां अजहर, जडेजा और कानितकर जैसे बल्लेबाजों ने रन बनानें में सफल रहे तो सचिन तेंदुलकर बल्लेबाजी के दौरान फ्लॉर रहे और केवल 8 रन ही बना सके.

भारत के गेंदबाजों पर टूट पड़े कंगारू-

इतिहास के पन्नो से: जब ऑस्ट्रेलिया से हार चुका था भारत, लेकिन सचिन ने की ऐसी गेंदबाजी कि 10 ओवर में ही दिला दिया भारत को जीत 2

भारत के 310 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतारी कंगारू टीम भारतीय गेंदबाजों पर तूफ़ान बनकर टूट पड़ी.  ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शानदार शुरूआत करते हुए 11.2 ओवर में ही 102 रन बना लिए. भारत को पहली सफता श्रीनाथ ने दिलाई,लेकिन इसके बाद फिर ऑस्ट्रेलियाई टीम संभली और 3 विकेट तक 203 रन 31 ओवर तक बना लिए थे. ऑस्ट्रेलियाई टीम को जीत बिल्कुल सामने नजर आने लगी थी. भारत इतने रन बनाने के बावजूद भी मैच हारने वाला था.

फिर आए सचिन रमेश तेंदुलकर, फिर..-

कप्तान अजहरुद्दीन ने ऐसे में गेंद थमाई सचिन को. इसके बाद सचिन ने अपनी गेंदबाजी प्रतिभा का गजब का नमूना पेश करते हुए कंगारू टीम को गफलत में डाल दिया. सचिन ने कंगारू कप्तान स्टीव वॉ को आउट कर ऑस्ट्रेलियाई टीम को संकट में पुहंचा दिया. एक के बाद एक बल्लेबाजों को आउट कर सचिन ने उस ऐतिहासिक मैच में 10 ओवर में 32 रन देकर 5 ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को आउट किया.

…और कंगारू दूर से देखते रह गये-

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सचिन की हैरतअंगेज गेंदबाजी के कारण ऑस्ट्रेलियाई टीम लक्ष्य से 41 रन पीछे रह गई थी. सचिन को उनके कमाल की गेंदबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया.

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