इतिहास के पन्नों से: जब खेल भावना दिखाने की वजह से पूरी नहीं हुई गेंदबाज की हैट्रिक

Trending News

Blog Post

क्रिकेट

इतिहास के पन्नों से: जब कप्तान के ईमानदारी की वजह से गेंदबाज पूरी नहीं कर पाया अपना हैट्रिक 

इतिहास के पन्नों से: जब कप्तान के ईमानदारी की वजह से गेंदबाज पूरी नहीं कर पाया अपना हैट्रिक

क्रिकेट के खेल में हैट्रिक लेना हर गेंदबाज का सपना होता है। कई गेंदबाज 2 गेंदों पर 2 विकेट लेने का कारनामा तो कई बार करते हैं लेकिन तीसरी गेंद पर विकेट नहीं ले पाते। तीसरी गेंद पर बल्लेबाज भी ज्यादा सचेत रहता है। टेस्ट क्रिकेट में अभी तक 44 हैट्रिक लिए गए हैं वहीं वनडे क्रिकेट में 49 मौके पर गेंदबाजों ने अपनी लगातार 3 गेंदों पर 3 विकेट लिया है।

45 हो सकता था आंकड़ा

इतिहास के पन्नों से: जब कप्तान के ईमानदारी की वजह से गेंदबाज पूरी नहीं कर पाया अपना हैट्रिक 1

टेस्ट क्रिकट में हैट्रिक का आंकड़ा 45 हो सकता था लेकिन इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइक ब्रेयरली की वजह से यह पूरा नहीं हो पाया था। 1977 में पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच लाहौर में वनडे मुकाबला खेला गया था।

इस मैच में गेंदबाज जॉफ कॉप ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट ले लिए। उन्होंने पहले अब्दुल कादिर और फिर सरफराज नवाज को आउट किया। इसके बाद तीसरी गेंद पर उनके पास हैट्रिक लेने का मौका था।

इकबाल कासिम थे बल्लेबाज

दो गेंदों पर दो विकेट गिरने के बाद पाकिस्तान के लिए नंबर 10 के बल्लेबाज इकबाल कासिम बल्लेबाजी करने के लिए आये। इंग्लैंड के कप्तान ने सभी फील्डरों को आगे कर दिया और ऑफ स्पिनर जॉफ कॉप के पास आसान मौका भी था।

अगली गेंद को कासिम नहीं समझ पाए और इंग्लैंड के कप्तान माइक ब्रेयरली को कैच थमा बैठे। बल्लेबाज पवेलियन लौटने लगे और इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने जश्न मनाना शुरु कर दिया। सभी खिलाड़ी कॉप को हैट्रिक लेने पर बधाई देने लगे।

असली खेल बाकी था

इतिहास के पन्नों से: जब कप्तान के ईमानदारी की वजह से गेंदबाज पूरी नहीं कर पाया अपना हैट्रिक 2

इसी बीच इंग्लैंड के कप्तान माइक ब्रेयरली ने अंपायर से कहा कि उन्हें लगता है कि उन्होंने गेंद पर सही से कैच नहीं किया है। गेंद उनके हाथ में आने से पहले जमीन को छू गई है। इसी वजह से बल्लेबाज को वापस बुला लिया जाए।

उस समय टीवी रिप्ले और थर्ड अंपायर नहीं हुआ करते थे। इसी वजह से अंपायर ने कप्तान की बात मानकर बल्लेबाज को वापस बुला लिया। ब्रेयरली की खेल भावना के लिए उनकी आज भी तारीफ होती है लेकिन कॉप का हैट्रिक पूरा नहीं हो पाया।

Related posts