शास्त्री vs सिल्वरवुड vs लैंगर, मौजूदा दौर का बेस्ट कोच कौन, किसकी कोचिंग अब तक रही शानदार 1

किसी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम को सफ़ल बनाने में एक कोच (Coach) की बेहद अहम भूमिका होती है. जब से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टीम के साथ कोच रखने का चलन शुरु हुआ है तब से ऐसे कई दिग्गज हुए हैं जिनकी कोचिंंग में कुछ टीमों ने कामयाबी की एक अलग ही तस्वीर गढ़ी.

भारतीय टीम के लिए जॉन राइट (John Wright) और गैरी कर्स्टन (Gary Kirsten) , साउथ अफ़्रीका के लिए Well behaved, Disciplined और एक डिसेंट कोच (Coach) मिकी आर्थर (Mickey Arthur) या फिर अन्य कई टीमों के लिए कई शानदार कोच हुए हैं जिनके होते हुए टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया है. इसी सिलसिले में इस आर्टिकल में  हम बात करेंगे मौजूदा दौरे के तीन शानदार कोचेज़ के बारे में और इस निष्कर्ष तक पहुंचने की कोशिश करेंगे कि तीनों में से सबसे बेहतर कोच है.

रवि शास्त्री

Coach

मुंबई के 59 वर्षीय पूर्व सीनियर भारतीय ऑलराउंडर रवि शास्त्री (Ravi Shastri) ने भारतीय टीम के साथ मैनेजमेंट में कोच (Coach) की जिम्मेदारी से पहले बतौर टीम डायरेक्टर अपनी सेवाएं दी थी. इसके बाद उन्हें टीम का कोच भी बनाया गया. कोहली और कुंबले के बीच अनुशासन को लेकर आई विवाद की ख़बरों के बाद शास्त्री को दोबारा भारतीय टीम के कोच के तौर पर नियुक्त किया गया था.

रवि शास्त्री के कोचिंग कार्यकाल में भारतीय टीम ने काफ़ी शानदार प्रदर्शन किया है. वो अभी तक भारतीय टीम के पहले ऐसे कोच हैं जिनकी कोचिंग में टीम ने ऑस्ट्रेलिया में लगातार 2 बार टेस्ट सीरीज़ अपने नाम की. इस लिहाज़ से उनकी गिनती टीम के लिए एक सफ़ल कोच (Coach) के तौर पर की जा सकती है.

जस्टिन लैंगर

शास्त्री vs सिल्वरवुड vs लैंगर, मौजूदा दौर का बेस्ट कोच कौन, किसकी कोचिंग अब तक रही शानदार 2

पर्थ के 50 वर्षीय पूर्व सीनियर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ जस्टिन लैंगर (Justin Langer) की कोचिंग के दौरान ऑस्ट्रेलिया की टीम ने काफ़ी बेहतरीन प्रदर्शन किया है तो वहीं कई बार टीम को हार का सामना करना पड़ा है. इस दौरान टीम को इंग्लैंड के खिलाफ़ मिली टेस्ट सीरीज़ में हार के बाद भी लैंगर को काफ़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था.

इसके अलावा बीते साल दिसंबर में भारत के खिलाफ़ 4 टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज़ में मिली हार के बाद भी कोच (Coach) लैंगर और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के बीच तनाव की ख़बरें सामने आई थी. इस लिहाज़ से लैंगर की कोचिंग को ऑस्ट्रेलिया के लिए एक मिला-जुला अनुभव ही कहा जा सकता है.

क्रिस सिल्वरवुड

क्रिस जोफ्रा

यॉर्कशायर के पूर्व इंग्लिश तेज़ गेंदबाज़ क्रिस सिल्वरवुड (Chris Silverwood) ने 1996 में  इंग्लैंड के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी. 2002 तक उन्होंने अपने छोटे से क्रिकेट करियर में ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेली. लेकिन घरेलू क्रिकेट करियर में 577 फ़र्स्ट-क्लास विकेट्स के साथ उनका रिकॉर्ड काफ़ी शानदार रहा है.

अगर कोच (Coach) के तौर पर सिल्वरवुड के अनुभव की बात करें तो उन्होंने इंग्लिश टीम के कोच (Coach) के तौर पर जिम्मेदारी पूर्व विश्व चैंपियन कोच ट्रेवर बेलिस के जाने के बाद संभाली थी. तब से उनकी कोचिंग में इंग्लैंड  की टीम ने काफ़ी  बेहतरीन प्रदर्शन किया है. भारत के खिलाफ़ टेस्ट सीरीज़ की हार  को नज़रअंदाज़ कर दें तो सिल्वरवुड की कोचिंग में इंग्लैंड बहुत कम बार ही हारा है. इस लिहाज़ से वो भी एक सफ़ल कोच माने जाते हैं.

इस पूरे विमर्श के बाद जो निष्कर्ष निकलता है वो यही कि इन तीनों कोचेज़ में अगर किसी को मौजूदा समय का सबसे बेहतर माना जाए तो ज़ेहन में पहला नाम रवि शास्त्री का ही आएगा. क्योंकि उनकी कोचिंग में विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने लगातार काफ़ी बेहतरीन प्रदर्शन किया है.