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क्यों हारा किंग्स XI पंजाब? ये रहे 5 कारण! 

क्यों हारा किंग्स XI पंजाब? ये रहे 5 कारण!

कल पंजाब और दिल्ली के बीच खेले गये एकतरफा मैच में दिल्ली ने पंजाब को 8 विकेट से हरा कर शानदार जीत दर्ज किया, पुरे मैच में कही भी पंजाब मैच में नजर नहीं आया, लेकिन ऐसा क्या हुआ जो पंजाब के इस खराब प्रदर्शन का कारण रहा. यहाँ हम आपको बता रहे है, पंजाब के हार के 5 मुख्य कारण:

1.टॉस का हारना

इस मैच में टॉस ने अहम भूमिका निभाई और इस अहम टॉस को दिल्ली डेयरडेविल्स के कप्तान ज़हीर खान ने जीता. जैसा कि सभी क्रिकेट के जानकारों का मानना था, कि इस मैच में टॉस काफी महत्वपूर्ण होगा, और कोटला की स्पिन होती पिच का जो मिजाज है. उसे देखते हुए जहीर ने पहले फील्डिंग करने का फैसला किया. जिसका फायदा उन्हें मिला और स्पिनर अमित मिश्रा ने कमाल की गेंदबाज़ी करते हुए 4 विकेट लिए.

  1. बल्लेबाजों के बीच खराब तालमेल

इस मैच में दो खिलाड़ी रन आउट हुए, जिसमें मुरली विजय और साहा टीम के बेहतरीन बल्लेबाजों में आते हैं. लेकिन पंजाब की पारी में कई बार ऐसा देखने को मिला, जब उनके खिलाड़ी आपस में तालमेल बिठाते हुए नजर नहीं आये. इस तरह उनकी पूरी पारी के कमोबेश बेहतर तालमेल न होने की वजह से भी जल्दी सिमट गयी.

  1. मिलर का ऊपर आना और साहा को नीचे भेजना

डेविड मिलर दक्षिण अफ्रीका के लिए अक्सर 6ठे क्रम पर बल्लेबाज़ी करते आये हैं. इससे पहले वह आईपीएल में भी इसी क्रम पर खेलते रहे हैं. लेकिन इस बार जब से वह कप्तान बने हैं. काफी ऊपर बल्लेबाज़ी करने आ जाते हैं. इसके आलावा वह रिधिमान साहा को काफी नीचे भेज रहे हैं. जबकि वह आईपीएल में उपरी क्रम में काफी सफल रहे हैं.

  1. खराब शॉट सिलेक्शन

कल के मैच में जब भी कोई बल्लेबाज़ आउट हुआ वह खराब शॉट खेलकर आउट हुआ. माना की विकेट में स्पिन और रिवर्स स्विंग अच्छी मिल रही थी. लेकिन जिस तरह से पंजाब के बल्लेबाजों ने शॉट का चयन किया वह काफी निराश कर देने वाला रहा. मैक्सवेल, शान मार्श और मिलर के शॉट में समर्पण की कमी साफ़ नजर आई. जबकि इन बल्लेबाजों को पता है कि वह टीम के रीढ़ हैं. खासकर मैक्सवेल का शॉट चयन काफी खराब रहा.

  1. आत्मविश्वास की कमी

पंजाब की टीम हर बार टीम में बड़े बदलाव करती आई है. वह अक्सर ऐसे खिलाड़ियों को टीम में शमिल करती है, जिनसे उन्हें काफी उम्मीदें होती हैं. लेकिन ये खिलाड़ी जब मैदान पर खेलने उतरते हैं, तो इनमे आत्मविश्वास की कमी साफ़ देखने को मिलती है. ऐसा उनके साथ हर सीजन में होता आया है. ऐसे टीम प्रबन्धन को खिलाड़ियों में विश्वास पैदा करने की जरूरत है.

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