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50 मैचों में 91 विकेट लेने वाले मोहम्मद शमी को वनडे टीम में क्यों नहीं मिल रही जगह?

भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने अपना अंतिम वनडे मैच पिछले साल सितंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। उसके बाद से उन्हें भारतीय टीम में मौका नहीं मिला है।

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शमी को पिछले साल भी सिर्फ 3 ही वनडे मैच खेले का मौका मिला। अब शानदार रिकॉर्ड के बाद भी शमी को के वनडे खेलने के बारे में बात भी नहीं हो रही।

विश्वकप 2015 में थे प्रमुख गेंदबाज

मोहम्मद शमी

विश्वकप 2015 में मोहम्मद शमी भारतीय टीम के प्रमुख गेंदबाज थे। विश्वकप में 7 मैचों में 17 विकेट लेकर वह विकेट लेने वाले गेंदबाजों में चौथे स्थान पर थे। उससे पहले भी शमी भारतीय टीम के मुख्य तेज गेंदबाज थे। इन सब के बावजूद विश्कप के बाद उन्हें सिर्फ 3 ही मैचों में खेलने का मौका मिला है।

अभी तक खेले 50 वनडे मैचों में सिर्फ 8 ही ऐसी पारियां रही हैं जिसमें उन्हें कोई विकेट नहीं मिला है। इस तरह के प्रदर्शन के बाद समझा जज सकता है कि वह किस तरह के गेंदबाज हैं।

टेस्ट मैचों में रहा है शानदार प्रदर्शन

मोहम्मद शमी

वनडे टीम से बाहर रहने वाले शमी ने टेस्ट मैचों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। हाल ही में इंग्लैंड में खेले गए टेस्ट सीरीज में उन्होंने 5 मैचों में 16 बल्लेबाजों को आउट किया। इससे पहले इसी साल की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका में भी टेस्ट सीरीज में वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। 3 मैचों में उन्होंने 15 विकेट चटकाए थे। इसी सीरीज के अंतिम टेस्ट में उन्होंने मैच जीतने वाला स्पेल फेंका था।

फिर वनडे टीम में जगह क्यों नहीं?

मोहम्मद शमी

50 वनडे मैचों में करीब 25 की औसत से 91 विकेट चटकाने वाले मोहम्मद शमी को वनडे टीम में जगह क्यों नहीं मिल रही इसका जवाब किसी के पास नहीं है। टीम मैनेजमेंट ने जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार के इंग्लैंड में चोटिल होने के बाद भी शमी को टीम में शामिल नहीं किया।

विश्कप टीम में भी उनके शामिल किये जाने पर कोई बात नहीं कर रहा। भले ही टीम की पहली पसंद भुवी और बुमराह हों लेकिन शमी के अनुभव और प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें वनडे टीम में शामिल किया जाना चाहिए।