आखिर अगले भारतीय कोच को चुने जाने में क्यों जरूरी है विराट कोहली की राय

tiwarymadan / 09 June 2016

क्रिकेट डेस्क, बीते महीने के अंत में ख़त्म हुए आईपीएल-9 सीजन के बाद अब टीम इंडिया जिंबाबवे दौरे पर रवाना हो गई है। इस दौरे के लिए टीम में ज्‍यादातर युवा खिलाड़ी ही शामिल किए गए हैं और अनुभवी खिलाडि़यों को आराम दिया गया है। जिंबाबवे दौरे पर गई टीम इंडिया की कमान सीमित ओवरें के कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी संभालेंगे।

जिंबाबवे दौरे पर भारतीय टीम को अस्‍थाई कोच दिया गया है। संजय बांगड़ टीम को आगामी दो सीरीज तक की कोचिंग देंगे और फिर इसके बाद टीम इंडिया को पूर्णकालिक नया कोच मिल जाएगा। भारतीय टीम के कोच पद के लिए बीसीसीआई ने कई आवेदन भी मंगाए हैं।

विज्ञापन के जरिए से मांगे गए इन आवेदनों की अंतिम तारीख 10 जून रखी गई है। हालांकि, अभी तक रवि शास्‍त्री, संदीप पाटिल, बलविंदर सिंह संधू, वेंकेटेश प्रसाद सरीखे पूर्व खिलाड़ी कोच बनने के लिए आवेदन कर चुके हैं।

टीम इंडिया के अगले कोच के लिए टेस्‍ट के कप्‍तान और सीमित ओवरों के उप-कप्‍तान विराट कोहली की राय को बहुत ही महत्‍वपूर्ण माना जा रह है। इसके पीछे कई वजह भी सामने आई हैं। पिछले कुछ सालों में भारतीय टीम का प्रदर्शन विदेशी पिचों जैसे-दक्षिण अफ्रीका, न्‍यूजीलैंड, ऑस्‍ट्रेलिया, इंग्‍लैंड आदि में काफी खराब रहा है और सीरीज बड़े अंतरों से गंवाई है।

अब चूंकि टेस्‍ट की कप्‍तानी विराट कोहली के हाथों में है और आने वाले समय में वनडे के कप्‍तान भी वही बन सकते हैं इसलिए नए कोच को लेकर उनकी राय काफी अहम होने वाली है।

विराट कोहली ने पिछले साल हुई श्रीलंका के खिलाफ टेस्‍ट सीरीज में काफी अच्‍छी तरह से टीम को संभाला था। उनके नेतृत्‍व में लंबे अरसे से खराब गेंदबाजी करने वाले टीम के खिलाड़ी भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए दिखे थे। ऐसे में विराट कोहली को लंबे समय तक कप्‍तान के रूप में देखा जा रहा है।

इसके साथ ही टीम के पूर्व डायरेक्‍टर रवि शास्‍त्री ने भी विराट कोहली की काफी प्रशंसा की है। विराट के बारे में उन्‍होंने कई ऐसे बयान दिए हैं जिससे साफ तौर पर जाहिर होता है कि दोनों के बीच में काफी अच्‍छे संबंध हैं। ऐसे में यदि रवि अलगे मुख्‍य कोच बनते हैं तो विराट की राय बहुत ही जरूरी रहने वाली है।

पूर्व समय में भी देखा गया है कि सौरव गांगुली की जॉन राइट और गैरी कर्स्‍टन की धोनी के साथ काफी बढि़या संबंध रहे हैं और इससे साफ तौर पर टीम के बेहतर प्रदर्शन पर भी प्रभाव पड़ा है। इनके समय टीम ने लगातार अच्‍छा प्रदर्शन किया था। और कई अहम सीरीज अपने नाम की थी।

कप्‍तान और कोच के अच्‍छे संबंध से ही टीम का भविष्‍य बेहतर होता है, इसमें कोई दो राय नहीं है। अगर दोनों के बीच अच्‍छी तरह नहीं बनती है तो टीम के अन्‍य खिलाड़ी भी अपने खेल पर ज्‍यादा ध्‍यान नहीं दे पाते हैं और प्रदर्शन लगातार गिरता रहता है।

कुछ साल पहले जब ग्रेग चैपल और सौरव गांगुली के संबंध खराब हुए थे तो टीम इंडिया को लगातार बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा था। इसी वजह से टीम इंडिया के अगले कोच में टेस्‍ट के कप्‍तान और भविष्‍य के वनडे के कप्‍तान मानें जा रहे विराट कोहली की राय काफी अहम साबित होने वाली है।