रिद्धिमान साहा ने बताया, धोनी के होते नहीं मिलती टीम में जगह

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रिद्धिमान साहा ने बताया, कैसे महेंद्र सिंह धोनी ने बदला उनका करियर 

रिद्धिमान साहा ने बताया, कैसे महेंद्र सिंह धोनी ने बदला उनका करियर

टीम इंडिया के टेस्ट स्पेसलिस्ट विकेटकीपर-बल्लेबाज रिद्धिमान साहा मौजूदा वक्त में सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर माने जाते हैं. अब साहा ने अपने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की तारीफ करते हुए बताया कि उनके ऊपर भी धोनी का काफी असर हुआ है. साथ ही साहा ने बताया कि किस तरह धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ऊंचे मापदंड निर्धारित किए और विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी को एक अलग स्तर तक ले गए.

मैं भी माही भाई की तरह करना चाहता हूं स्टंपिंग

रिद्धिमान साहा

महेंद्र सिंह धोनी ने 2004 में डेब्यू किया, इसके बाद से उन्होंने अपनी विकेटकीपिंग और शानदार बल्लेबाजी के दम पर जगह पक्की की और विश्व के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपरों की लिस्ट में अपना नाम दर्ज किया. धोनी की विकेटकीपिंग व बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए रिद्धिमान साहा ने स्पोर्ट्स तक पर बात करते हुए कहा

माही भाई ने काफी ऊंचा स्टैंडर्ड स्थापित किया है. ना केवल भारतीय टीम में बल्कि पूरी दुनिया के विकेटकीपरों के लिए उन्होंने एक उदाहरण पेश किया है. सभी लोग उन्हें रोल मॉडल के तौर पर मानते हैं. मैं भी माही भाई की तरह सेकेंड्स में स्टंपिंग करना चाहता हूं.

माही भाई से काफी कुछ सीखा

धोनी ने जब टीम में डेब्यू किया तो उसके बाद किसी दूसरे विकेटकीपर को टीम में अधिक मौके नहीं मिल सके. उन विकेटकीपरों में से एक साहा भी थे. मगर साहा ने उस वक्त को सही से इस्तेमाल किया और आज वह टीम इंडिया के ही नहीं विश्व के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर हैं. इस बारे में साहा ने बताया,

हमारी उम्र में 4-5 साल का अंतर है. जब हम दोनों टीम में थे तो मुझे पता था कि मुझे प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका नहीं मिलेगा. मैंने उसे एक मौके की तरह लिया और माही भाई से काफी कुछ सीखा. अगर मुझसे पूछा जाए तो मैं खुद बाहर बैठ जाउंगा और एम एस धोनी का नाम प्लेइंग इलेवन में दूंगा.

ऋषभ पंत को लेकर बोले साहा

रिद्धिमान साहा

युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को भारतीय क्रिकेट टीम में महेंद्र सिंह धोनी के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता रहा है. ऐसे में उन्हें टीम में खराब प्रदर्शन के बावजूद बैक किया जा रहा है. अब रिद्धिमान साहा ने पंत के बारे में बात करते हुए कहा,

जब ऋषभ पंत भारतीय टीम के लिए अच्छा कर रहा था तो मुझे पता था कि वो लगातार खेलेगा. इसलिए मैंने अपने मौके का इंतजार किया.

जब उसने इंग्लैंड में शतक बनाया तो मैंने उसे मैसेज किया. हमने एनसीए में बिताए गए अपने दिनों के बारे में बात किया और इंग्लैंड की परिस्थितियों और विकेटकीपर्स के लिए स्विंग फैक्टर के बारे में बात की.

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