आईसीसी के टेस्ट को छोटा करने के विरोध में बोले युवी-नेहरा

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युवराज सिंह, आशीष नेहरा ने भी किया आईसीसी के टेस्ट क्रिकेट को 4 दिन का करने का विरोध, कहा- मैं तो 5 दिन का टेस्ट खेलकर हूं खुश 

युवराज सिंह, आशीष नेहरा ने भी किया आईसीसी के टेस्ट क्रिकेट को 4 दिन का करने का विरोध, कहा- मैं तो 5 दिन का टेस्ट खेलकर हूं खुश

आईसीसी ने क्रिकेट कैलेंडर के व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए उसे सहज बनाने के लिए टेस्ट क्रिकेट के मैचों के दिनों को घटाकर 5 दिन से 4 दिन का करने पर विचार किया जा रहा है. इस मुद्दे पर बड़े-बड़े खिलाड़ी अपनी राय देते नजर आ रहे हैं. विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर, गौतम गंभीर जैसे तमाम खिलाड़ियों के बाद अब पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा और ऑलराउंडर युवराज सिंह भी टेस्ट को 4 दिन का करने के विपक्ष में बोलते नजर आए.

मैं 5 दिन का टेस्ट खेलकर हूं खुश

युवराज सिंह, आशीष नेहरा ने भी किया आईसीसी के टेस्ट क्रिकेट को 4 दिन का करने का विरोध, कहा- मैं तो 5 दिन का टेस्ट खेलकर हूं खुश 1

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने स्पोर्टस्टार के हवाले से कहा, सच कहूं तो,

आईसीसी यदि रैंक टर्नर या सीमिंग विकेट तैयार करना चाहता है तो वाकई ये काफी मुश्किल होगा. फिर से मैं कहूंगा कि टेस्ट क्रिकेट को छोटा करना बहुत अच्छा विचार नहीं है.

जब टेस्ट क्रिकेट की बात आती है, तो आप जानते हैं कि कुछ चीजें आपको बदलनी चाहिए या इसमें बहुत अधिक चीजों को हाथ नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि आप देखते हैं, इसलिए कई बार परिणाम मैच का रिजल्ट चौथे दिन ही आ जाता है. लेकिन मैं वही पुराना पांच दिवसीय टेस्ट मैच खेलकर खुश हूं.

नेहरा की बात से सहमत हैं युवराज सिंह

युवराज सिंह, आशीष नेहरा ने भी किया आईसीसी के टेस्ट क्रिकेट को 4 दिन का करने का विरोध, कहा- मैं तो 5 दिन का टेस्ट खेलकर हूं खुश 2

ऑलराउंडर खिलाड़ी युवराज सिंह ने टेस्ट को छोटा करने के प्रस्ताव पर कही गई बातों का पूर्ण रूप से समर्थन करते हुए कहा,

मैं नेहरा की बात का पूरी तरह समर्थन करता हूं. टेस्ट क्रिकेट को पांच दिन के टेस्ट के रूप में ही आगे बढ़ने देना चाहिए. 

आईसीसी ने दिया प्रस्ताव

आईसीसी

टेस्ट फ़ॉर्मेट को छोटा करने के लिए अब आईसीसी उसपर काम करना चाहता है. जिसके बारें में बोलते हुए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ केविन रॉबर्टस ने ईएसपीएनक्रिकइंफो से बात करते हुए कहा कि ये कुछ ऐसा है जिसे हमें लागू करने के बारें में सोचना चाहिए, ये ऐसा है की जिसे इमोशनल होकर नहीं चलाया जा सकता है. इसे तथ्य को सामने रखकर सोचना होगा.

हमें यह देखना होगा कि समय और ओवरों के मामले में पिछले पांच-दस वर्षों में टेस्ट मैचों की औसत लंबाई क्या है. हमें इसे ध्यान से देखने जी जरुरत है. ये आगे भविष्य में काम आ सकता है.

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