युवराज सिंह ने अब बताया क्यों विश्व कप 2011 फाइनल मैच में उन

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युवराज सिंह ने अब बताया क्यों विश्व कप 2011 फाइनल मैच में उनसे पहले खेले महेंद्र सिंह धोनी 

युवराज सिंह ने अब बताया क्यों विश्व कप 2011 फाइनल मैच में उनसे पहले खेले महेंद्र सिंह धोनी

विश्व कप 2011 को कल के दिन 9 वर्ष पूरे हो गये हैं. श्रीलंका के खिलाफ खेले जा रहे उस मैच में जब नंबर 5 पर खेलने के लिए युवराज सिंह की जगह महेंद्र सिंह धोनी बल्लेबाजी के लिए आये तो सभी चौंक गये थे. अब जाकर खुद दिग्गज युवराज सिंह ने बताया की क्यों उस दिन उनसे पहले महेंद्र सिंह धोनी मैदान पर उतरे थे.

युवराज सिंह ने बताया क्यों धोनी उनसे पहले आयें

विश्व कप 2011

भारतीय टीम को विश्व कप 2011 जीते हुए अब 9 वर्ष हो गये हैं. लेकिन भारतीय क्रिकेट के सुनहरी यादों में अभी भी वो पूरा मैच बसा हुआ है. एक सवाल हमेशा उठता है की फॉर्म में चल रहे युवराज सिंह से पहले क्यों फाइनल मैच में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बल्लेबाजी के लिए आयें थे. जिसने सभी को चौंका दिया था. जिसका जवाब अब देते हुए दिग्गज युवराज सिंह ने क्रिकबज्ज को दिए इंटरव्यू में कहा कि

” सचिन तेंदुलकर के आउट होने पर आप पिन ड्रॉप सुन सकते थे. फैन्स को लगा कि विश्व कप फिसल गया है. लेकिन गौती उस रात बहुत अच्छा खेल रहे थे. गौतम और विराट ने एक अच्छी साझेदारी की. तब तक उनके तीनों ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन, सूरज रणदीव और तिलकरत्ने दिलशान गेंदबाजी करने आए थे.”

धोनी के पहले जाने से राहत महसूस कर रहे थे युवराज सिंह

युवराज सिंह

फाइनल मैच के उस समय को अब सभी खिलाड़ियों ने याद किया है. खुद से पहले महेंद्र सिंह धोनी को जाता देख युवराज ने उस समय राहत महसूस किया था. धोनी ने मैच में 91 रनों की पारी खेलकर जीत में अहम योगदान दिया था. जिसके बारें में बात करते हुए अब दिग्गज आलराउंडर युवराज सिंह ने कहा कि

” महेंद्र सिंह धोनी, गैरी और सचिन तेंदुलकर के बीच इस बात पर चर्चा हुई कि क्या दायें हाथ के धोनी को ऑफ स्पिनरों की वजह से विकेट गिरने पर भेजना बेहतर था, और जब यह फैसला किया गया, तो मुझे राहत मिली. मुझे पता चल गया था की अब विकेट गिरने पर मुझे बल्लेबाजी के लिए नहीं जाना है.”

शानदार थी भारतीय टीम की वो जीत

आईसीसी विश्व कप 2011

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और कोच गैरी के उस फैसले ने मैच को बदल दिया था. उस विश्व कप में अच्छा नहीं खेल रहे धोंनी ने नाबाद 91 रनों की पारी खेलकर भारतीय टीम को खिताब दिला दिया था. जिसके कारण 28 वर्षो से चल रहा इंतजार भी ख़त्म हुआ था. उस विश्व कप को जीताने में युवराज सिंह का अहम योगदान था. वो प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट भी जिसके कारण बने थे.

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