युवराज सिंह

इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड की मेजबानी में खेले गए इसी साल क्रिकेट के सबसे बड़े महाकुंभ आईसीसी क्रिकेट विश्व कप में भारतीय क्रिकेट टीम को सबसे प्रबल दावेदार के रूप में पेश किया जा रहा था। भारतीय टीम को ना केवल भारत बल्कि विश्व के कई फैंस खिताब को जीतने में सबसे आगे मान रहे थे।

भारतीय टीम को विश्व कप सेमीफाइनल में मिली थी हार

भारतीय टीम ने विराट कोहली की कप्तानी में इस विश्व कप में प्रदर्शन भी कुछ इसी अंदाज में किया और एक चैंपियन टीम की तरह सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। जिसके बाद तो माना जा रहा था कि अब भारतीय टीम को खिताब जीतने से कोई नहीं रोक सकता।

युवराज सिंह ने कहा अगर विश्व कप 2019 खेला होता ये खिलाड़ी तो भारत जीत सकता था तीसरा कप 1

लेकिन भारतीय टीम जो सबसे प्रमुख दावेदार मानी जा रही थी। वो सेमीफाइनल मुकाबलें में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने कौशल के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी और तमाम भारतीय फैंस के उस सपने को तोड़ दिया जो तीसरी बार विश्व कप खिताब जीतने के संपने को संजोए थे।

युवराज सिंह ने अब बतायी भारतीय टीम की हार की वजह

वैसे तो विश्व कप के सेमीफाइनल में हार के बाद उस दौर में तमाम बड़े और दिग्गज खिलाड़ियों ने अलग-अलग वजह बतायी थी। और उसी तरह से इस हार के इतने महीनों के बाद भारत के 2011 विश्व कप जीत के नायक युवराज सिंह ने बड़ी वजह बतायी। युवराज सिंह ने आजतक समाचार चैनल के एजेंडा के मंच से हार के कारण को बताया।

युवराज सिंह ने कहा अगर विश्व कप 2019 खेला होता ये खिलाड़ी तो भारत जीत सकता था तीसरा कप 2

युवराज सिंह ने कहा कि “इस विश्व कप के पीछे हार की सबसे बड़ी वजह प्लानिंग थी। 50 ओवरों के टूर्नामेंट के लिए उनकी योजना पूरी तरह से गलत थी। खिताब की प्रबल दावेदार भारत विश्व कप में नंबर चार पर स्थापित बल्लेबाज के बिना उतरा। जिससे टीम प्रभावित हुई और विराट कोहली की टीम को सेमीफाइनल से बाहर होना पड़ा।”

अंबाती रायडू को विश्व कप के नंबर 4 पर मौका नहीं देना हार की वजह

“2019 के विश्वकप के लिए नंबर 4 को लेकर टीम मैनेजमेंट का मेरी ओर बिल्कुल ध्यान नहीं था। लेकिन मुझे इस बात का बहुत अफसोस है कि अंबाती रायडू के साथ क्या हुआ। वो मेरे बाद नंबर 4 पर बहुत फिट बैठते थे। एक साल तक वो टीम में रहे। न्यूजीलैंड में रायडू ने 90 रनों की पारी खेली और मैन ऑफ द मैच रहे।”

अंबाती रायडू

 “इसके बाद विश्व कप में रायडू को ड्रॉप कर दिया। विजय शंकर और ऋषभ पंत जैसे कम अनुभवी खिलाड़ियों को मौका दिया गया। बाद में शंकर चोटिल हो कर बाहर हो गए। फिर भी इतने कम अनुभव के साथ कोई खिलाड़ी बड़ा मैच कैसे निकाल सकता है।

टीम की रणनीति पर युवराज सिंह ने उठाए सवाल

युवी ने आगे कहा कि “मेरी नाराजगी उन चीजों से है जो थिंक टैंक ने की। दिनेश कार्तिक अचानक सेमीफाइनल खेलते हैं। उन्हें पहले से पता नहीं रहता कि उन्हें किस नंबर पर बल्लेबाजी करनी है। एमएस धोनी जैसे अनुभवी खिलाड़ी नंबर 7 पर बल्लेबाजी करने उतरते हैं। यानि किसी को कुछ पता नहीं था कि सेमीफाइनल में किसे कहां उतरना है।”

युवराज सिंह ने कहा अगर विश्व कप 2019 खेला होता ये खिलाड़ी तो भारत जीत सकता था तीसरा कप 3

सेमीफाइनल जैसे इतने बड़े मैच में आप ऐसा नहीं कर सकते। उस समय नंबर 4 के बल्लेबाज(पंत) का हाई स्कोर 48 रन था। मेरा मानना है कि हार की प्रमुख वजह कमजोर प्लानिंग थी। उस वक्त समझा गया कि रोहित और विराट बड़े फॉर्म में हैं और वो आसानी से मैच निकाल लेंगे। आप विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की पिछली टीमों (2003, 2007, 2011, 2015 विश्व कप) को देखिए उनके पास पहले से ही एक सेट बल्लेबाज रहा है उनका मध्यक्रम पहले से ही तय था।”