लोगों ने सोचा था कैंसर के बाद खत्म हो जाएगा मेरा करियर: युवराज सिंह

Rishikesh Kumar / 11 October 2018

भारतीय टीम से बाहर चल रहे 2011 विश्वकप के हीरो युवराज सिंह ने अपने करियर और बीमारी को लेकर कई बातें की हैं। युवराज विश्वकप के दौरान ही कैंसर से जूझ रहे थे। उनके बाद भी उन्होंने खेलना जारी रखा। विश्वकप के बाद उन्होंने अपना इलाज कराया और इसी वजह से उनके करियर का सबसे बेहतरीन दौर खराब हो गया।

मेरी सोच की तरह नहीं रहा करियर

कैंसर से लड़ाई लड़ने के बाद मैदान पर वापसी करने वाले युवराज सिंह पहले जैसी खिलाड़ी नहीं रहे। उनके खेल में वह बात नहीं थी जो 2011 विश्वकप या उससे पहले थी। अपनी बीमारी और वापसी के बारे में युवी ने क्रिकेटनेक्स्ट से बात करते हुए कहा

“मेरे साथ बात है कि जो बाहर से देखते हैं उन्हें अलग लगता है, लेकिन अंदर से वह पूरी तरह अलग है। मैच हमेशा सोचता हूँ कि जैसा मैं अपने करियर को देखना चाहता था वह वैसा नहीं हुआ। इसके बाद भी आप देखेंगे तो यह उतना बुरा भी नहीं है। कैंसर उस समय आया जब मैं अपने खेल के सबसे बेहतरीन दौर में था। जब मैं वापस आया तो सोचा कि मैं विश्वकप तक टीम में रहूँगा, लेकिन वैसा नहीं हुआ।”

लोगों ने सोचा था मेरा करियर खत्म

युवराज शुरुआत से ही कभी हार नहीं मानने वाले खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। कैंसर से लड़ाई के बाद उन्होंने इसपर मुहर भी लगा दी थी। अपने कभी हार न मानने की काबिलियत की वजह से ही वह मैदान पर दोबारा वापसी कर पाए। उन्होंने आगे कहा

“मैंने हमेशा सीखा है कि कभी हार नहीं मानो। आपके कण्ट्रोल में जो है आप उसे कण्ट्रोल कर सकते हैं। लोग सोच रहे थे कि कैंसर के बाद मेरा करियर समाप्त हो जाएगा, लेकिन मैंने उनके बाद वनडे मैचों की अपनी सबसे बड़ी पारी खेली। जब तक अपने आप पर भरोसा है, मैं क्रिकेट खेलता रहूँगा। मैं नहीं जाता की भविष्य में क्या होने वाला है लेकिन मैं बस खेलना चाहता हूँ।”