एशियन कप में खेलने से आत्मविश्वास बढ़ा : सुभाशीष बोस

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एशियन कप में खेलने से आत्मविश्वास बढ़ा : सुभाशीष बोस 

एशियन कप में खेलने से आत्मविश्वास बढ़ा : सुभाशीष बोस

कोलकाता, 7 मार्च: भारतीय फुटबाल टीम के डिफेंडर सुभाशीष बोस का मानना है कि एएफसी एशियन कप में खेलने से उन्हें काफी आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने इसका श्रेय इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की टीम मुंबई एफसी सिटी को दिया है।

23 वर्षीय बोस एशियन कप में भारतीय टीम का हिस्सा थे। टीम ने टूर्नामेंट के पहले मैच में थाईलैंड को 4-1 से हराया था लेकिन इसके बाद यूएई और बहरीन से हारकर वह प्रतियोगिता से बाहर हो गई थी।

बोस ने आईएएनएस से कहा, “एशियन कप में हिस्सा लेने के बाद से मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।” 

उन्होंने कहा, “मैंने सुनील छेत्री, गुरप्रीत सिंह संधू, जेजे लालपेखलुआ, संदेश झिंगन और अनस एदाथोडिका जैसे खिलाड़ियों से बहुत कुछ सीखा है। हमें राउंड-16 (एशिश्यन कप में) के लिए क्वालीफाई करना चाहिए था।” 

बोस ने बतौर डिफेंडर आईएसएल के इस सीजन में मुंबई के लिए सभी 14 मैच खेले हैं।

बोस ने कहा, “हम एक टीम के रूप में अच्छा कर रहे हैं। अब मैं और ज्यादा आत्मविश्वास से लबरेज महसूस कर रहा हूं। इससे आपको एशियन कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों में खेलने में मदद मिलती है। आप एशिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ खेलते हैं।” 

डिफेंडर ने कहा, ” इस सीजन में मुंबई के पास अच्छा करने का मौका है। टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है।” 

एशियन कप में बहरीन से मिली हार के बाद टीम के मुख्य कोच स्टीफन कोंसटेनटाइन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

यह पूछने पर कि क्या कोच कोंसटेनटाइन ने टीम को उस समय बहरीन के खिलाफ रक्षात्मक खेलने को कहा था, बोस ने कहा, “ऐसा कुछ नहीं था। क्वालीफाई करने के लिए हमें केवल एक ड्रॉ की जरूरत थी। लेकिन सच कहूं तो कोच ने हमें कभी रक्षात्मक होने के लिए नहीं कहा था।” 

बोस ने आगे कहा, “दूसरे हाफ में हालात ही कुछ ऐसे हो गए थे कि वे बार-बार आक्रमण कर रहे थे और हमारे पास उसका कोई जवाब नहीं था। मुझे लगा कि हमने डिफेंसिव में अच्छा किया है लेकिन हम आक्रमण करने में विफल रहे।” 

बोस ने टीम का समर्थन करते हुए कहा कि यह एक अनुभवहीन टीम थी, जिसमें केवल छेत्री और संधू ही ऐसे खिलाड़ी थे जो एशियन कप-2011 में खेल चुके थे।

उन्होंने कहा, “हमें इस टूर्नामेंट से एक सीख मिली है। यह एक युवा टीम थी और खिलाड़ियों के लिए यह पहला टूर्नामेंट था। मुझे लगा कि हमने बहादुरी इसका मुकाबला किया। अब हम केवल इससे और बेहतर कर सकते हैं।” 

पुणे एफसी अकादमी से निकले बोस चर्चिल ब्रदर्स के लिए खेल चुके हैं। बेंगलुरू एफसी ने उन्हें 2017-18 सीजन में अपनी टीम से बाहर कर दिया था।

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