टीम के विकास के लिए जरूरी है इंटरकोन्टिनेंटल कप : कांस्टेंटाइन

ians / 20 May 2018

मुंबई, 20 मई; भारतीय फुटबाल टीम के कोच स्टीफन कांस्टेंटाइन मानते है कि टीम के विकास के लिए हीरो इंटरकोन्टिनेंटल कप जैसा टूर्नामेंट बहुत अहम है और मजबूत विरोधियों के खिलाफ खेलने से टीम बहुत कुछ सीखेगी। टूर्नामेंट की तैयारी के लिए प्रशिक्षण शिविर में यहां कास्टेंटाइन ने कहा, “मैं समझता हूं कि यह टूर्नामेंट टीम के विकास और फुटबाल जगत में हमारे आगे बढ़ने के लिए बहुत आवश्यक है। आम धारणा की विपरीत हमने मजबूत टीमों के खिलाफ अधिक दोस्ताना मैच खेले हैं, आप मजबूत विरोधियों के खिलाफ खेलने से बहुत कुछ सीखते हैं लेकिन हम छोटी टीमों के खिलाफ नहीं खेलना चाहते उसी तरह से बड़ी टीमें हमारे साथ खेलना नहीं चाहती।”

यह पूछे जाने पर कि यह टूर्नामेंट टीम के लिए कितना मुश्किल होगा? उन्होंने कहा, “यह अच्छी न्यूजीलैंड टूर्नामेंट में भाग ले रहा है, वह एक मजबूत टीम है। चीनी ताइपे ने गैरी व्हाइट के नेतृत्व में पिछले चार-पांच वर्षो में बेहतर प्रदर्शन किया है और मैं जानता हूं कि केन्या शारीरिक रूप से मजबूत होंगे। वह अफ्रीकी टीम है और हमारे लिए वह एक बड़ी चूनौती होंगे।”

कोच ने यह भी कहा कि शिविर में बुलाए गए खिलाड़ियों में से आधे लड़कों की उम्र 23 वर्ष यह उससे कम है और वह युवा खिलाड़ियों का अधिक मौका देने में विश्वास रखते हैं।

कांस्टेंटाइन ने कहा, “शुरुआत में हमें बुरे समय से गुजरना पड़ा। जब मैं यहां आया था तब टीम की औसत आयु 31 वर्ष थी और साढ़े तीन वर्षो में 36 खिलाड़ियों ने टीम में पर्दापण किया है। इस दौरान हमने त्रिकोणीय टूर्नामेंट, एसएएफएफ कप जीता और अब आधी टीम अंडर-23 वर्ग में आते हैं। हमें युवा खिलाड़ियों का अधिक मौके देने की आवश्यकता है।”

इंटरकोन्टिनेंटल कप में भारत अपना पहला मैच 1 जून चीनी ताइपे के विरुद्ध खेलेगी।