सुपर कप : दूसरे सेमीफाइनल में आज बेंगलुरू, बागान आमने-सामने 1

भुवनेश्वर, 17 अप्रैल; आई-लीग क्लब मोहन बागान आज सुपर कप के दूसरे सेमीफाइनल में इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की उपविजेता बेंगलुरू एफसी से भिड़ेगी। मोहन बागान को हराकर पिछले वर्ष हीरो फेडरेशन कप के फाइनल में मिली हार का बदला चुकाना चाहेगी। बेंगलुरू एफसी ने फेडरेशन कप के फाइनल में मोहन बागान को 2-0 से शिकस्त दी थी।

मोहन बागान के प्रशंसक भी फाइनल में बंगाल डर्बी की उम्मीद कर रहे हैं क्योंकि सोमवार को खेले गए पहले सेमीफाइनल में ईस्ट बंगाल ने आईएसएल टीम एफसी गोवा को 1-0 से हराकर पहले ही टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश कर लिया है।

मोहन बागान के कोच शंकरलाल चक्रवर्ती ने इस मैच से पहले कहा कि बीते सीजन में उनकी टीम शानदार फार्म में थी और इसके बावजूद बेंगलुरू ने उसे हराया था और इसी कारण वह एक बार फिर कड़े मुकाबले की उम्मीद कर रहे हैं।

मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में चक्रवर्ती ने कहा, “पिछले वर्ष हीरो फेडरेशन कप के फाइनल में बेंगलुरू एफसी ने हमारे खिलाफ शानदार खेल दिखाया था। मैच उस मैच में बेंगलुरू के आक्रामक खेल का जीवन भर नहीं भूल पाउंगा और यह मत भूलिए कि मोहन बागान शायद पिछले सत्र की सबसे बेहतरीन टीम थी।”

चक्रवर्ती ने हालांकि माना कि खिलाड़ियों के बीच तालमेल के मामले में बेंगलुरु बेहतर टीम है लेकिन उनकी टीम भी इस तालमेल को तोड़ने के लिए तैयार है।

चक्रवर्ती ने कहा, “बेंगलुरू के खिलाड़ियों का तालमेल खतरनाक है। टीम की फारवर्ड लाइन शानदार है लेकिन आपको उनके पीछे मौजूद खिलाड़ियों से भी बचकर रहना है। आधुनिक फुटबाल में बहुत परिवर्तन आ चुका है और आप मैच जीतने के लिए एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं रह सकते।”

दोनों टीमों के बीच मौजूद प्रतिद्वंद्विता के बारे में चक्रवर्ती ने कहा, “यह भारतीय फुटबाल के सबसे बड़े मैचों में से एक है लेकिन हम इस मैच के लिए तैयार हैं। भारतीय फुटबाल में बेंगलुरू एफसी के पास सबसे बेहतर सुविधाएं हैं और उनकी टीम भी पूरी तरह से तैयार है।” 

दूसरी ओर, बेंगलुरू एफसी के कोच एल्बर्ट रोका ने भी माना कि मोहन बागान एक बेहद मुश्किल टीम है।

रोका ने कहा, “इस टूर्नामेंट में हमने जितनी भी टीमों के विरुद्ध खेला है, उनमें से मोहन बागान सबसे मुश्किल टीम है। उन्होंने दोनों मैचों में शानदार प्रदर्शन किया और वह भारतीय फुटबाल के ऐतिहासिक टीमों में से एक है।”

रोका ने कहा, “इस सत्र में दोनों टीमों के बीच बहुत बदलाव आया है। हम अच्छा करने की कोशिश करेंगे लेकिन ऐसा करना आसान नहीं होगा। हमारे लिए जीत दर्ज करना मुश्किल होगा। हम मैच जीतने के प्रबल दावेदार नहीं है, जीत के सभी प्रबल दावेदार टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं इसलिए मैं अपनी टीम को जीत का प्रबल दावेदार नहीं कहना चाहूंगा।”

कोच ने टीम में सुनील छेत्री के प्रभाव पर भी जोर दिया। रोका ने कहा, “सुनील एक मिशन पर हैं। वह जितने बूढ़े हो रहे हैं, उनके खेल में उतना ही निखार आ रहा है। वह राष्ट्रीय टीम के कप्तान हैं। उनका ध्यान लक्ष्य पर केंद्रित रहा है और मैं खुश हूं कि वह हमारी टीम में हैं।”

Leave a comment