भाई अनस के पदचिन्हों पर चलकर आर्टिस्टिक जिमनास्टिक चैम्पियन बने राफे
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भाई अनस के पदचिन्हों पर चलकर आर्टिस्टिक जिमनास्टिक चैम्पियन बने राफे

Raffe becomes an Artistic gymnastics champion on the footprints of brother Anas

पुणे, 9 जनवरी: मोहम्मद राफे ने अपने बड़े भाई मोहम्मद अनस के पदचिन्हों पर चलते हुए मंगलवार को खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2019 (केआईवाईजी) में लड़कों के यू-17 वर्ग का खिताब जीता। राफे ने उत्तर प्रदेश के लिए इन खेलों में पहली स्वर्णिम सफलता दिलाई। यह इन खेलों के इस संस्करण का पहला पदक भी है।

केआईवाईजी में अपना पहला स्वर्ण जीतने के बाद राफे ने कहा, “मेहनत रंग लाई। बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। मैं शुरुआत में घबराया हुआ था लेकिन लक्ष्य को दिमाग में लिए खुद को प्रेरित करता रहा।”

राफे ने अपनी सफलता का अधिकांश श्रेय अपनी कोचिंग टीम, परिवार और अपने साथी जिमनास्ट तथा बड़े भाई मोहम्मद अनस को दिया। अनस खेलो इंडिया स्कूल गेम्स-2018 के स्टार रहे थे।

राफे ने कहा, “हमारे लिए परिवार का समर्थन और सहयोग काफी अहम है। हमारे कोच राजा बाबू सर ने हमें हमेशा चैम्पियन बनने के लिए तैयार और प्रेरित किया। अनस ने हमेशा से मुझे प्रेरित किया है और मैं सारी सफलता के लिए उनका धन्यवाद करना चाहता हूं।”

राफे 15 साल के हैं और अनस से दो साल छोटे हैं। अनस यू-21 कटेगरी में हिस्सा ले रहे हैं।

प्रयागराज (पहले इलाहाबाद) के ये भाई आपस में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रखते हैं लेकिन एक दूसरे को हमेश सहयोग करते हैं। राफे ने कहा, “हमारे अंदर काफी दमदार प्रतिस्पर्धा है। ठीक, उसी तरह हम एक दूसरे को मदद भी करते हैं। इसका कारण यह है कि हम एक दूसरे के खेल को अच्छी तरह समझते हैं।”

राफे के लिए साल 2010 में एक अहम वक्त आया था। वह जिमनास्टिक छोड़ने की कगार पर थे लेकिन जब उन्हें अहसास हुआ कि जिमनास्टिक ही उनका असल जुनून है तो उन्होंने इस खेल में खुद को रमा दिया और दिन प्रतिदिन मजबूत होते चले गए।

साल 2012 में राफे राष्ट्रीय चैम्पियन बने और फिर अपने अच्छे फार्म को बरकरार रखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते।

शुरुआती सफलता किसी भी युवा का सिर घुमा सकती है लेकिन राफे अपने लक्ष्य को लेकर निश्चित विचारधारा रखते हैं। राफे ने कहा, “मैं पहले स्वर्ण को लेकर खुश हूं लेकिन मुझे अभी अपरेटस फाइनल में भी हिस्सा लेना है और मैं इस पर ध्यान लगाते हुए अपनी टीम के लिए अधिक से अधिक पदक जीतने की कोशिश में हूं।”

राफे ने कहा, “मेरे कोच ने मेरा ध्यान खेल पर बनाए रखने के लिए अपना श्रेष्ठ दिया है। वह चाहते हैं कि मैं इस खेल में बड़ी उपलब्धियां हासिल करूं।”

इसमें कोई शक नहीं कि उत्तर प्रदेश का यह युवा देश में मौजूद जिमनास्टिक की सबसे अच्छी प्रतिभाओं में से एक है और अब वह देश के लिए खेलने के करीब हैं। इसे लेकर राफे ने कहा, “मैं अपने स्किल सेट में इजाफा करने के लिए लगातार प्रयास करूंगा। भारत के लिए 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में खेलना मेरा अगला लक्ष्य है और मैं इसके लिए अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगा।”

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