डेविड कप

भारत और पाकिस्तान के बीच का आपसी मतभेद तो जगजाहिर, हर पल यहां कुछ न कुछ ऐसा घटता रहता है कि मतभेद और गंभीर हो जाते हैं। वहीं बात हाल की समय की करे तो जब से कश्मीर में धारा 370 खत्म की गई, तब हालात और बेकाबू हो गए है। अब ऐसे बेकाबू हालात में शायद ही कोई टीम होगी जो पाकिस्तान खेलने जाना चाहेगीं।

भारतीय डेविस टीम चाहती है कि किसी सुरक्षित जगह हो मैच

डेविस कप

वहीं बात अगर भारत की डेविस कप टीम की करे तो वह पाकिस्तान के खिलाफ अगले महीने होने वाले डेविस कप के मुकाबले को किसी तटस्थ स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग कर रही है। वहीं उनका कहना है कि राष्ट्रिय महासंघ ने अब तक सिर्फ पुनः सुरक्षा की जांच की मांग की है।

अधिकारी कर रहे पुनः सुरक्षा की मांग

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जहांं एक तरफ खिलाड़ी खेल को किसी तटस्थ स्थान पर कराने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अखिल भारतीय टेनिस संघ के महासचिव हिरण्मय चटर्जी ने अंतर्राष्ट्रीय टेनिस महासंघ(आईटीएफ) से सिर्फ पुनः सुरक्षा की जांच कराने की मांग की है। इससे खिलाड़ी और टीम प्रबंधन निराश हैं और इस मामले में आपस में सलाह मशविरा करने के बाद उन्होंने महासंघ से संपर्क करने का फैसला किया। भारतीय कप्तान महेश भूपति ने कहा, हमने एआईटीए से तटस्थ स्थान का आग्रह किया है।

खिलाड़ियों ने कहा कि मामले को बहुत हल्के में लिया जा रहा है

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वहीं जब एक खिलाड़ी से बात की गई तो उन्होंने अपना नाम न जाहिर करते हुए बताया कि एआईटीए इस मामले से जिस तरह निपटा रहा  है उससे टीम ‘काफी हैरान’ है। एआईटीए ने कहा कि अगर आईटीएफ पुन: सुरक्षा जांच के बाद 14-15 सितंबर को होने वाले मुकाबले को स्वीकृति दे देता है तो वे वीजा औपचारिकताओं पर आगे बढ़ेंगे। एआईटीए के भीतर का एक वर्ग भी हैरान है कि भारत सरकार हाल में जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष दर्जा खत्म करने के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद कोई रुख अपनाने को तैयार नहीं है।

खेल मंत्री किरण रिजिजू दे चुके हैं अपना बयान

वहीं भारत के खेल मंत्री किरण रिजिजू ने सोमवार को कहा कि एशिया ओसियाना ग्रुप ए मुकाबला द्विपक्षीय शृंखला नहीं है और डेविस कप की मेजबानी से विश्व संस्था जुड़ी है इसलिए वे टेनिस खिलाड़ियों को पाकिस्तान जाने से नहीं रोक सकते।