भारत की उड़नपरी हिमा दास ने रचा इतिहास, एक महीने के अंदर जीता पांचवा स्वर्ण

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भारत की उड़नपरी हिमा दास ने रचा इतिहास, एक महीने के अंदर जीता पांचवा स्वर्ण 

भारत की उड़नपरी हिमा दास ने रचा इतिहास, एक महीने के अंदर जीता पांचवा स्वर्ण

अपने समय के सबसे बेहतरीन समय से गुजर रही भारत की उड़न परी हिमा दास ने शनिवार को एक और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है । इस महीने के 20 वें दिन में हिमा का यह पांचवां गोल्ड मेडल है, यह गोल्ड मेडल उन्होंने चेकगणराज्य में नोवे मेस्टो नाड मेटुजी ग्रां प्री में महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा में पहला पायदान हासिल किया.

भारत की उड़नपरी हिमा दास ने रचा इतिहास, एक महीने के अंदर जीता पांचवा स्वर्ण 1

इसकी जानकारी खुद हिमा ने अपने  ट्विटर अकाउंट पर एक फोटो साझा करके इस बात की जानकारी दी. फोटो के साथ हिमा ने लिखा, ‘चेक गणराज्य में 400 मीटर स्पर्धा में टॉप स्थान पर रहते हुए रेस खत्म की.

हिमा ने कुछ इस तरह जीता, एक महीने में पांचवा स्पर्ण

  • हिमा ने ग्रा. प्री की पांचवीं रेस  52.09 सेकेंड के समय निकाला. हिमा की यह पांचवी जीत है । उन्होंने कुल पांच स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिए है।
  •  इससे पहले उन्होंने 200 मीटर की रेस दो जुलाई को पोलैंड में जीता था। यह उनका चौथा स्पर्ण पदक था।
  • वहीं तीसरा गेम सात जुलाई को पोलैंड के ही कुंटो एथलेटिक्स मीट में जीता था । यह उनका तीसरा स्वर्ण पदक था।
  • वहीं दूसरी रेस 13 जुलाई को क्लाइनो (चेक गणराज्य में ) आयोजित हुई , जिसमें उन्होंने एक सप्ताह के अंदर दूसरा स्वर्ण पदक जीत लिया था।

हिमा ने पहला स्वर्ण 17 जुलाई को चेक रिपब्लिक में ही टाबोर ग्रां प्री में जीता था । यह उनका पहला स्वर्ण था जिसके बाद उन्होंने स्वर्णों की लंबी कतार खड़ी कर दी थी।

अपने दर्द को ही मरहम बनाकर हिमा ने लगाई स्वर्णों की कतार

असम की रहने वाली 19 साल की हिमा दास ने  बताया कि वह काफी समय से कमर के दर्द का सामना कर रही है । यह दर्द उनकों रह-रहकर परेशान कर रहा है, लेकिन उन्होंने कभी अपने दर्द को अपने खेल के आड़े नहीं आने दिया ।

भारत की उड़नपरी हिमा दास ने रचा इतिहास, एक महीने के अंदर जीता पांचवा स्वर्ण 2

बल्कि अपने दर्द से उभरकर उन्होंने एक के बाद एक स्वर्ण पदक जीत लिए। हिमा दास का कहना है कि दर्द को दर्द कभी नहीं समझना चाहिए , बल्कि इससे उभरकर अपना सर्वक्षेष्ठ देने की कोशिश करनी चाहिए।

दूसरे और तीसरे स्थान पर भी रहा भारत की महिलाओं का दबदबा

बता दें कि इस प्रतियोगिता में दूसरा स्थान भारत की वीके विस्मया का रहा । वह हिमा से केवल 53 से. ही पीछे रही । विस्मया ने यह रेस 52.48 सें. में निकाला ।

भारत की उड़नपरी हिमा दास ने रचा इतिहास, एक महीने के अंदर जीता पांचवा स्वर्ण 3

वहीं अगर बात तीसरे स्थान की करे तो सरिता बेन गायकवाड़ ने यह रेस 53.28 से. में निकाला ।इस तरह हम कह सकते है कि इस पूरे रेस में भारत की महिलाओं का ही दबदबा रहा ।

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