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बार्सिलोना अगर करे अपने में ये तीन सुधार, तो फिर बन सकता है फुटबॉल का पॉवरहाउस

बार्सिलोना

दुनिया का दूसरा सबसे धनी फुटबॉल क्लब बार्सिलोना को काफी लंबे समय के बाद दिल को तोड़ देने वाली हार का सामना करना पड़ा था, या फिर ऐसा भी कह सकते हैं मेसी के ना खेलने के कारण उसे मुंह की खानी पड़ी। शायद यहीं कारण है कि 26 बार विश्व चैंपियन रह चुकी बार्सिलोना को एथलेटिक बिल्बाओ से 1-0 से हार का सामना करना पड़ा।

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हालांकि आपकों बता दे कि बार्सिलोना यह ओपनिंग मैच 10 साल बाद हारा है। इससे पहले वह लगातार मैच को जीतते चले आए हैं।इसके पीछे कई प्रकार के कयास लगाए, लेकिन एक जो कारण उभरकर सामने आया है वह बार्सिलोना के स्टार खिलाड़ी लियोनल मेसी का चोट के कारण न खेल पाना।

बार्सिलोना को अगर एक बार फिर फुटबॉल का पॉवरहाउस बनना है तो उसे अपने में ये तीन सुधार करने होगें, जिसके बाद वह खुद को विश्व चैपिंयन के रुप में स्थापित कर लेगा। हालांकि अगर फिर से बार्सिलोना का अपना पुराना कद चाहिए, तो  उसे अपने में कुछ सुधार करने होंगे।

अपने मैनेजमेंट की शैली को बदलना होगा

बार्सिलोना

बार्सिलोना को अगर अपने पुराने फार्म में आना है, तो उसे अपने मैनेजमेंट में कुछ बदलाव करने होंगे, उसे अपने मैनेजर अर्नेस्टो वाल्वरडे को बर्खास्त करना होगा, क्योंकि अब तक हुए सारे घटनाक्रम से एक बात तो साबित हो गई कि उसके प्रबंधकीय शैली में कुछ तो गड़बड़ है, जो बार्सिलोना को अंदर से कमजोर बना रहा है।

बार्सिलोना

हालांकि किसी भी खेल में हार-जीत तो लगी रहती है, लेकिन कमांडिग होने के बावजूद किसी टीम का हार जाना खलता है। पूर्व एथलेटिक बिलबाओ प्रबंधक एकमात्र सकारात्मक बात घरेलू सफलता की ओर इशारा कर सकता है, लेकिन बार्सिलोना इससे बेहतर है।

मेसी का रिप्लेसमेंट ढूंढना

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हालांकि आपकों बता दे कि मेसी में प्रतिभा बहुत है। वो बहुत शानदार खेलते हैं, हालांकि इस समय वह चोटिल होने की वजह से बाहर है। जिसकी वजह से वह काफी समय किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया है। उनकी गैरहाजिरी में स्पेनिश के दिग्गजों ने करीब छह मैच खेले हैं, जिसमें से चार मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वहीं एक मैच में जीत तो दूसरे मैच में ड्रा का सामना करना पड़ा था।

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जिससे यह काफी अच्छे से अंदाजा लगाया जा सकता है कि मेसी की अनुपस्थिति में उन्हें किन हालातों का सामना करना पड़ा था। हो सकता है मैच के क्लब के बोर्ड ने कभी इस बारे में कुछ सोचा नहीं है, लेकिन आज नहीं तो कल उन्हें इस बारे में सोचना पड़ेगा कि मेसी अब 32 साल के हो चुके हैं उनके उम्र समय के साथ और बढ़ने वाली है तो उनकी बोर्ड को उनका रिप्लेसमेंट ढूंढना पड़ेगा। उनकी जगह किसी और खिलाड़ी को मौका देना होगा।

टीम खरीदने के बजाय टीम बनाने पर जोर दें

बार्सिलोना

अपनी इस हार को देखते हुए बार्सिलोना अपनी टीम को फिर संवारने की अपेक्षा एक नई टीम बनाने पर जोर दे रहे हैं। जिसके खरीददारी उन्होंने अभी से शुरू कर दी है। जिसके लिए वह करोड़ों रुपये गंवाने को तैयार हैं। वो अब अपनी इस टीम में विदेशी खिलाड़ियों को जगह देना चाहते हैं। जिसके लिए वह विदेशी प्रतिभाओं पर जमकर खर्च कर करने से भी नहीं चूक रहे हैं।

हालांकि वो इस बात को समझ नहीं रहे कि टीम ऐसे नहीं बनती है, बल्कि टीम खिलाड़ियों के खेल भावना के पैदा होने के बाद से बनती है। जिससे अभी तक उनकी टीम अंजान है। अगर बार्सिलोना अपनी इस टीम दोबारा बनाना चाहते हैं, इसके लिए उन्हें अपने खिलाड़ियों के बीच खेल भावना को पुनः बनाना होगा।