मैरी कॉम का वर्ल्ड चैम्पियनशिप में सिलेक्शन पर खेल मंत्रालय ने मांग जवाब

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मैरी कॉम के बिना ट्रायल वर्ल्ड चैम्पियनशिप में चयन पर खेल मंत्रालय ने मांग जवाब 

मैरी कॉम के बिना ट्रायल वर्ल्ड चैम्पियनशिप में चयन पर खेल मंत्रालय ने मांग जवाब

छह बार विश्व चैंपियन रह चुकी मैरी कॉम का बिना ट्रायल के वर्ल्ड चैपिंयनशिप में उतारने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है, दिन-प्रतिदिन यह मामला बढ़ता ही जा रहा है। वहीं इस विवाद में अब खेल मंत्रालय भी कूद पड़ा है। जिससे मामले ने और भी जोर पकड़ लिया है। मंत्रालय ने इस मामले की पूरी जानकारी मांगी है।

बिना ट्रायल के चयन पर उठा सवाल

मेैरी कॉम

मामला यह है कि मैरी कॉम का चयन वर्ल्ड चैम्पियनशिप में दो वेट कैटेगरी 51 किग्रा. और 69 किग्रा. खेलने के लिए चयन किया गया, जिसका ट्रायल नहीं कराया गया था ,सूत्रों के अनुसार पता चला है कि मैरीकॉम जिस कैटेगरी की है उसकी कैटेगरी की एक अन्य खिलाड़ी निखत जरीन भी, जिसको इस चैंपियनशिप में उतारने से मना कर दिया गया है।

मैरी कॉम

यही विवाद की जड़ भी है कि किसी खिलाड़ी को ट्रायल देने के बाद भी न चुना जाए और किसी खिलाड़ी का चयन बिना ट्रायल के ही कर लिया जाए, जिसका जवाब मांगा गया है। वहीं इस चयन विरोध में खेल मंत्रालय भी उतर आया हैं उसनें भी बॉक्सिंग फेडरेशन से जवाब मांग लिया है।

इस तरह के विवाद और कई बार भी हो चुके हैं

मैरी कॉम

हालांकि इस तरह का विवाद कोई पहली बार नहीं, इससे पहले भी कई तरह के विवाद हो चुके हैं, लेकिन यह मामला बड़ा और इस मामले में खेल मंत्रालय के कूद पड़ने से कहानी में एक बड़ा मोड़ आ गया, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, खेल मंत्री किरण रिजिजू किसी भी फेडरेशन में बिना ट्रायल के चयन के पक्ष में नहीं है।

मैरी कॉम

इस कारण उन्होंने नोटिस देकर इस पूरे मामले में जानकारी मांगी है। 2016 में भी सिलेक्शन ट्रायल को लेकर विवाद हुआ था। हरप्रीत सिंह को इंटरनेशनल टूर्नामेंट के लिए नहीं चुना गया था। तब वे कोर्ट गए थे और फैसला उनके पक्ष में आया था। आपकों बता दे कि वर्ल्ड चैंम्पियन के मुकाबले 3 से 13 अक्टूबर तक रूस में होने हैं।

खेल मंत्रालय के स्पोर्ट्स कोड 2011 के अनुसार, संघों को ट्रायल कराना जरूरी है

मैरी कॉम

खेल मंत्रालय के स्पोर्ट्स कोड 2011 के मुताबिक भारत सरकार से सहायता लेने वाले सभी खेल संघों को इंटरनेशनल इवेंट कराने से पहले ट्रायल कराना अनिवार्य है। लेकिन बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने नियम के उल्ट वर्ल्ड चैम्पियनशिप के लिए 51 किग्रा और 69 किग्रा वेट कैटेगरी के ट्रायल नहीं कराए। वहीं जब इस बारे में रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह से बात कि गई तो उन्होंने कहा- रेेसलिंग में इंटरनेशनल इवेंट से पहले ट्रायल कराते हैं। ओलिंपिक मेडलिस्ट खिलाड़ी को भी इसमें शामिल होना पड़ता है। पर ओलिंपिक में उसे ही भेजा जाता है जिसने कोटा हासिल किया हो।

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