विश्व चैम्पियनशिपः बजरंग और विनेश की जीत पर होगी निगाहें, विनेश कर सकती है

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विश्व चैम्पियनशिपः बजरंग और विनेश की जीत पर होगी निगाहें, विनेश कर सकती हैं चैम्पियनशिप जीतने की कोशिश 

विश्व चैम्पियनशिपः बजरंग और विनेश की जीत पर होगी निगाहें, विनेश कर सकती हैं चैम्पियनशिप जीतने की कोशिश

भारत के शीर्ष स्तर के पहलवानों की असली परीक्षा तो अब शुरु होने वाली है। एक तरह से कहा जाए तो अभी तक टेस्ट मैंच चल रहा था, अब तो फाइनल होगा, मतलब आर-पार की लड़ाई होगी। शनिवार को शुरू होने वाले विश्व चैंम्पियनशिप में अगर किसी की प्रतिष्ठा दांव में लगी है, तो वह बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट की, क्योंकि यही दो ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन पर सभी की निगाहें टिकी होगी।

इस चैंम्पियशिप से ही जाता है टोक्यों ओलंपिक का रास्ता

विश्व चैम्पियनशिप

शनिवार से शुरु होने वाले विश्व चैंम्पियनशिप तो बस रास्ता है टोक्यों ओलंपिक तक का सफर तय करने का। इस विश्व चैंपियनशिप में अभी तक बजरंग पुनिया और विनेश का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। जिससे लोगों को ऐसी उम्मीद है कि वह आने वाले समय में इस चैंम्पियनशिप में जीत हासिल करके,टोक्यों ओलंपिक का अपना टिकट कटवायेंगे।

हालांकि देखना यह है कि दोनों पहलवान कितनी दूर इन उम्मीदों की पोटली ढो सकते हैं। इसी चैंम्पियनशिप में एक और नाम जो उभरकर सामने आ रहा है वह है दिव्या काकरान का जिन्होंने इस विश्व चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन किया है।

बजरंग ने इस सत्र में की जीत हासिल

विश्व चेैंपियनशिप

बजरंग ने इस सत्र की सभी चार प्रतिस्पर्धाओं – डैन कोलोव, एशियाई चैम्पियनशिप अली अलीव और यासर डोगू – में जीत दर्ज की। वह विश्व चैम्पियनशिप के 65 किग्रा वर्ग में दुनिया के नंबर एक और शीर्ष वरीय पहलवान के तौर पर मैट में उतरेंगे। विनेश ने नये वजन वर्ग से सत्र की शुरूआत की जिसमें उन्होंने 50 से 53 किग्रा में खेलने का फैसला किया। हालांकि उन्होंने इस नये वजन वर्ग सांमजस्य बिठाने के लिए कुछ समय लिया, लेकिन फिर भी वह पांच फाइनल तक पहुंची, जिसमें उन्होंने तीन स्वर्ण पदक – यासर डोगू, स्पेन में ग्रां प्री और पोलैंड ओपन – जीते।

पिछले बार चोटिल होकर बाहर हुई थी विनेस

विश्व चैंपियनशिप

पिछले साल विनेश फोगाट को कोहनी की चोट के कारण बुडापेस्ट चैम्पियनशिप से बाहर होने के लिये मजबूर होना पड़ा था। विश्व चैम्पियनशिप में भारत की किसी महिला पहलवान ने स्वर्ण पदक नहीं जीता है और विनेश के पास भारत के सूखे को समाप्त करने का अच्छा मौका है।

चैम्पियनशिप को तीन शैलियों में बांटा गया है

 (पुरूष फ्रीस्टाइल):

रवि कुमार (57 किग्रा), राहुल अवारे (61 किग्रा), बजरंग पूनिया (65 किग्रा), करण (70 किग्रा), सुशील कुमार (74 किग्रा), जितेंदर (79 किग्रा), दीपक पूनिया (86 किग्रा), परवीन (92 किग्रा), मौसम खत्री (97 किग्रा) और सुमित मलिक (125 किग्रा)।

(पुरूष ग्रीको रोमन)

मंजीत (55 किग्रा), मनीष (60 किग्रा), सागर (63 किग्रा), मनीष (67 किग्रा), योगेश (72 किग्रा), गुरप्रीत सिंह (77 किग्रा), हरप्रीत सिंह (82 किग्रा), सुनील कुमार (87 किग्रा), रवि (97 किग्रा) और नवीन (130 किग्रा)।

(महिला फ्रीस्टाइल)

सीमा (50 किग्रा), विनेश फोगट (53 किग्रा), ललिता (55 किग्रा), सरिता (57 किग्रा), पूजा ढांडा (59 किग्रा), साक्षी मलिक (62 किग्रा), नवजोत कौर (65 किग्रा), दिव्या काकरान (68 किग्रा), कोमल भगवान गोले (72 किग्रा) और किरण (76 किग्रा)।

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