बचपन में ही खो दिए थे माता-पिता, अब बना प्रो कबड्डी लीग के इतिहास का पहला भारतीय करोड़पति

Trending News

Blog Post

प्रो-कबड्डी

बचपन में ही खो दिए थे माता-पिता, अब बना प्रो कबड्डी लीग के इतिहास का पहला भारतीय करोड़पति 

बचपन में ही खो दिए थे माता-पिता, अब बना प्रो कबड्डी लीग के इतिहास का पहला भारतीय करोड़पति

30 और 31 मई को हाल ही में प्रो कबड्डी लीग के छठे सीजन की नीलामी हुई थी. जिसमे देश-विदेश के कुल 422 खिलाडियों की बोली लगी थी. हालाँकि, इन 422 खिलाड़ियों में से कुछ खिलाडियों को खरीददार मिले थे और कुछ खिलाड़ियों को नही.

आपकों बता दें, कि प्रो कबड्डी लीग का छठा सीजन 19 अक्टूबर से शुरू होगा और यह सीजन कुल 13 हफ़्तों तक चलेगा.

प्रो कबड्डी लीग में बने थे छह खिलाड़ी करोड़पति 

आपकों बता दें, कि प्रो कबड्डी लीग में कुल छह खिलाड़ी करोड़पति बने थे. जिसमे फजल अत्रचली, दीपक निवास हुड्डा, राहुल चौधरी, नितिन तोमर, रिशांक देव्दिगा व मोनू गोयत शामिल थे. प्रो कबड्डी लीग के इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी मोनू गोयत बने थे. जिन्होंने कुल 1.51 करोड़ की धनराशी प्राप्त की थी.

दीपक निवास हुड्डा बने थे पहले करोड़पति भारतीय 

आपकों यह भी बता दें, कि जहां ईरान के फजल अत्रचली प्रो कबड्डी लीग के इतिहास के पहले करोड़पति बने थे. वही दीपक निवास हुड्डा भारत के पहले ऐसे खिलाड़ी थे. जो प्रो कबड्डी लीग में करोड़पति बने थे. जयपुर पिंक पैंथर्स की टीम ने दीपक निवास हुड्डा को 1.15 करोड़ की कीमत पर खरीदा था.

दीपक ने बचपन में ही खो दिए थे माँ-बाप 

दीपक निवास हुड्डा की कहानी काफी भावुक है. उनके माता-पिता उनके बचपन में ही भगवान को प्यारें हो गये थे. दीपक जब मात्र 4 वर्ष के थे, तो उनकी माता का देहांत हो गया था. वह जब वह 12वीं में पढ़ाई कर तरहे थे, तो उनके पिताजी का भी देहांत हो गया था.

दीपक का जन्म 10 जून 1994 को हरियाणा में हुआ था. माता-पिता के देहांत के बाद दीपक ने परिवार का गुजारा करने के लिए काम करना शुरू कर दिया था.

कबड्डी खेलकर कमाए गये पैसों से पूरी की ग्रेजुएशन

उन्हें बचपन से ही कबड्डी का बहुत शौक था और वह अपने गांव में अपने दोस्तों के साथ जमकर कबड्डी खेला करते थे. वह धीरे-धीरे कबड्डी के एक स्टार खिलाड़ी बन गये थे. कबड्डी खेलकर कमाए गये पैसों से उन्होंने अपना ग्रेजुएशन पूरा कर लिया था.

दीपक को इसके बाद आल इंडिया यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिल गया था और उन्होंने यहां अपनी टीम को कबड्डी में गोल्ड मैडल दिलवाया था. जब उन्हें कबड्डी की नेशनल टीम में मौका मिला, तो उन्होंने अपनी टीम को 2016 में एशियाई चैंपियन बना दिया था.

Related posts

Leave a Reply

Required fields are marked *