गोपीचंद उत्कृष्ट शिक्षक के उदाहरण : मोदी

ians / 28 August 2016

नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद को एक उत्कृष्ट शिक्षक का उदाहरण बताया। मोदी ने कहा, “मैं खेल के प्रति गोपीचंद की कड़ी मेहनत और लगन को सलाम करता हूं।”

गोपीचंद के नेतृत्व में भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी.सिंधु ने रियो ओलम्पिक में भारत को रजत पदक दिलाया है।

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मोदी ने कहा कि एक मां की भांति ही शिक्षक का होना भी महत्वपूर्ण होता है।

उन्होंने कहा, “मेरे लिए पांच सितम्बर केवल शिक्षक दिवस नहीं है, बल्कि ज्ञान का दिन है। हमारे जीवन में शिक्षक का होना उतना ही जरूरी है, जिनता मां का होना। वे विद्यार्थियों के जीवन की चिंता करते हुए अपना जीवन व्यतीत कर देते हैं।”

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मोदी ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि दी, जिनके जन्मदिन को प्रत्येक वर्ष शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “उन्हें एक शिक्षक के रूप में पहचाना जाना पसंद था। उन्होंने राष्ट्रपति होने के बावजूद शिक्षक का अपना अद्भुत जीवन जिया।”

मोदी ने कहा कि वह अब भी अपनी एक शिक्षक के संपर्क में हैं, जिनकी उम्र इस समय 90 वर्ष है। इस शिक्षक ने वर्षो पहले मोदी को पढ़ाया था। वह प्रधानमंत्री को अपने हाथों से पत्र लिखते हैं।

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प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं एक माह में जो भी काम करता हूं, वह उसका विश्लेषण करते हैं। वह अब भी मुझे नई-नई चीजें बताते हैं, जिसे वह किताबों में पढ़ते हैं। यह कुछ इस तरह है, जैसे वह दूर से हर महीने मेरी कक्षा लेते हैं।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि सुंदर लिखावट लिखने वालों के प्रति उनके मन में अपार सम्मान है, क्योंकि उनकी खुद की हस्त लिखावट अच्छी नहीं है।

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