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मीराबाई चानू ने शुरू की 2020 टोक्यो ओलंपिक्स की तैयारी

मीराबाई चानू, जिन्हें हाल ही में राजीव गाँधी खेल रत्न पुरस्कार से नवाज़ा गया। 24 वर्ष की ही उम्र में उन्होंने ऐसे कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं, जो बड़े-बड़े दिग्गज भी नहीं कर पाए हैं। हालाँकि 2018 एशियाई खेलों में वो हिस्सा नहीं ले पाई थीं। इसलिए उनसे एक एशियन गेम्स का पदक अभी कुछ दूर ही नज़र आ रहा है। क्योंकि अगले एशियन गेम्स 2022 में होंगे।

वहीँ एक ऐसा रिकॉर्ड जो अभी तक उनके नाम नहीं जुड़ा, वह है एक ओलंपिक मेडल। उन्होंने एक नए बयान में 2020 ओलंपिक्स को लेकर ये नई इच्छा ज़ाहिर की है।

मीराबाई चानू ने शुरू की 2020 टोक्यो ओलंपिक्स की तैयारी 1

बता दें कि ये पूर्व वर्ल्ड चैंपियन, कमर में समस्या के चलते एशियन गेम्स 2018 में हिस्सा नहीं ले पाई थी। अब वो चोट से उभर चुकी हैं और अगले ओलंपिक्स के लिए कमर कस चुकी हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा,

मैं अगले ओलंपिक्स में पदक जीतने की तैयारियों में लग चुकी हैं। मैं चोट से उभर चुकी हूँ और पटियाला में ट्रेनिंग शुरू कर दी है।

बता दें कि करनम मल्लेश्वरी के बाद, मीराबाई चानू ऐसी केवल दूसरी भारतीय हैं, जो भारोत्तोलन विश्व चैंपियन बनी थीं। इसी के साथ वो ऐसी केवल तीसरी भारोत्तोलक बनीं, जिन्हें खेल रत्न पुरस्कार से नवाज़ा गया।

जब उनसे पूछा गया कि पिछले कुछ सालों में नॉर्थ-ईस्ट से काफ़ी युवा लड़कियों ने खेलों में दिलचस्पी दिखाई है, इसका कोई ख़ास कारण। इसके जवाब में उन्होंने कहा,

यह कुछ चमत्कार वाली चीज़ नहीं है। हमारा खान-पान हमें स्वस्थ रखता है। एक वजह यह भी है कि हमारी ज़िन्दगी का एक दौर खेतों में काम करने में ही बीतता है, जो हमें शारीरिक रूप से मजबूती प्रदान करता है।

बता दें कि मीराबाई चानू को ख़ुद भी इस दौर से गुज़रना पड़ा। पहाड़ों से उन्हें भी लकड़ियाँ तोड़कर लानी होती थीं।