पेस और सानिया, हिंगिस के साथ विम्बलडन के फाइनल में

भारत की टेनिस सनसनी सानिया मिर्जा और मार्टिना हिंगिस की शीर्ष वरीयता प्राप्त जोड़ी ने अपना शानदार खेल जारी रखते हुए एकतरफा जीत दर्ज करके विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट में महिला युगल के फाइनल में जगह बना ली है। भारत के स्टार लिएंडर पेस भी स्विट्जरलैंड की इस खिलाड़ी के साथ मिलकर आसानी से मिश्रित युगल के खिताबी मुकाबले में पहुंचे।

भारतीय स्टार सानिया और हिंगिस ने महिला युगल के सेमीफाइनल में राकेल कोप्स जोन्स और अबीगेल स्पीयर्स की पांचवीं वरीयता प्राप्त अमेरिकी जोड़ी को केवल 56 मिनट में 6-1, 6-2 से करारी शिकस्त दी। सानिया के पास इस तरह से पहली बार महिला युगल ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने का मौका है। वह विंबलडन के फाइनल में भी पहली बार पहुंची हैं। इससे पहले वह 2011 में महिला युगल के सेमीफाइनल में हार गई थीं।

इसके बाद पेस और हिंगिस की सातवीं वरीय जोड़ी भी माइक ब्रायन और बेथानी माटेक सैंड्स की अमेरिका की शीर्ष वरीय जोड़ी को हराकर उलटफेर करते हुए मिश्रित युगल के फाइनल में पहुंचने में सफल रही। पेस और हिंगिस ने सीधे सेटों में एक घंटे और 12 मिनट में 6-3, 6-4 से जीत दर्ज की।

पेस और हिंगिस को फाइनल में ऑस्ट्रिया के एलेक्जेंडर पेया और हंगरी की टिमिया बाबोस की पांचवीं वरीय जोड़ी तथा स्वीडन के रॉबर्ट लिंडस्टेड और स्पेन की अनाबेल मेडिना गैरिग्वेज की जोड़ी के बीच होने वाले सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ना होगा। पेस और हिंगिस ने पहले सेट में दो बार जबकि दूसरे सेट में एक बार विरोधी जोड़ी की सर्विस तोड़ी। उन्होंने पहले सेट में एक बार अपनी सर्विस भी गंवाई। इस सातवीं वरीय जोड़ी ने मैच के दौरान पांच ब्रेक प्वाइंट बचाए, जबकि खुद छह में से तीन ब्रेक प्वाइंट को भुनाया।

पेस की नजरें अब अपने 16वें ग्रैंडस्लैम खिताब पर टिकी हैं। उन्होंने इसी साल हिंगिस के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलिया ओपन का खिताब भी जीता है। यह भारतीय स्टार अब तक ग्रैंडस्लैम में आठ पुरुष युगल और सात मिश्रित युगल खिताब जीता चुका है।

इससे पहले सानिया ने अपने करियर में केवल दूसरी बार महिला युगल ग्रैंडस्लैम फाइनल में जगह बनाई। इससे पहले वह 2011 में अपनी रूसी जोड़ीदार इलेना वेसनिना के साथ फ्रेंच ओपन में उप विजेता रही थीं। उन्हें आंद्रिया हाल्वाचकोवा और लूसी हाड्रेका की चेक गणराज्य की जोड़ी ने हरा दिया था।

सानिया ने तीन बार मिश्रित युगल के खिताब जीते हैं। उन्होंने हमवतन महेश भूपति के साथ मिलकर 2009 में आस्ट्रेलियाई ओपन और 2012 में फ्रेंच ओपन तथा पिछले साल ब्राजील के ब्रूनो सोरेस के साथ यूएस ओपन का खिताब जीता था। सानिया और हिंगिस मैच में शुरू से ही हावी हो गईं और उन्होंने दूसरे गेम में ही अमेरिकी जोड़ी की सर्विस तोड़ दी। इस सेट में उन्हें चार बार ब्रेक प्वाइंट का मौका मिला जिसमें से दो बार वे सफल रही।

खिताबी मुकाबले में सानिया और हिंगिस का सामना एकटेरिना मकरोवा और इलेना वेसनिना की दूसरी वरीय रूसी जोड़ी से होगा जिन्होंने एक अन्य सेमीफाइनल में हंगरी की टिमिया बाबोस और फ्रांस की कैटरीना मालदेनोविच की चौथी वरीयता प्राप्त जोड़ी को 6-3, 4-6, 6-4 से पराजित किया।

इस बीच भारत के सुमित नागल वियतनाम के अपने जोड़ीदार नाम होंग ली के साथ मिलकर लड़कों के युगल के सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं। इस आठवीं वरीय जोड़ी ने युसुके ताकाहाशी और जुम्पी यामासाकी की जापानी जोड़ी को 53 मिनट तक चले मैच में 6-2, 6-3 से हराया।

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