फुटबॉल और क्रिकेट के बाद टेनिस सटोरियों में बहुत लोकप्रिय

खेल डेस्‍क। इन दिनों टेनिस की दुनिया में खलबली मची हुई है क्‍योंकि क्रिकेट की तरह इसे भी मैच फिक्सिंग से जोड़ा जाने लगा है। ऑस्ट्रेलियाई ओपन से पहले टेनिस में भ्रष्टाचार के दावों के बाद अब टीवी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बात का खुलासा किया गया है कि टेनिस में निचले स्‍तर के जो टूर्नामेंटों होते हैं उनमे तो मैच फिक्सिंग बहुत ही साधारण सी बात है। लेकिन कभी इसे इतनी गंभीरता से लिया नहीं गया और ना ही इसे रोकने के लिए कोई प्रयास किया गया।

गौरतलब है कि वर्ष के पहले ही ग्रैंडस्लैम के शुरू होने से पहले ही एक रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया था कि पिछले एक दशक में 16 से अधिक शीर्ष 50 में शामिल खिलाड़ी फिक्सिंग में शामिल थे। फुटबॉल और क्रिकेट के बाद टेनिस सटोरियों के लिए तीसरा सबसे लोकप्रिय खेल है। फुटबॉल या क्रिकेट की तरह यह फिक्सिंग के लिए उतना आकर्षक नहीं है, लेकिन टेनिस मैच के नतीजे को प्रभावित आसानी से किया जा सकता है, लिहाजा इसमें सट्टेबाजी की गुंजाइश काफी है।

उच्च स्तर के टेनिस मैचों में सट्टे की गुंजाइश कम है, क्योंकि खिलाडि़यों को काफी पैसा मिलता है लेकिन दूसरे और निचले दर्जे के टूर्नामेंटों में काफी भ्रष्टाचार होता है और नियमित स्तर पर होता है। सटोरिए मैचों के नतीजों पर सट्टा लगाकर हजारों डॉलर कमा सकते हैं और पूर्वी यूरोप और रूस में यह काफी आम चलन है।

 

हालांकि दुनियाभर के खिलाड़ियों, कमेंटेटरों और टेनिस प्रेमियों ने टेनिस में मैच फिक्सिंग में शामिल लोगों के नामों के खुलासे की मांग की है। एक पूर्व खिलाड़ी ने तो कहा है कि यह विश्व टेनिस के लिए खतरे की घंटी है।

इस बारे में टेनिस खिलाडि़यों ने कहा
रोजर फेडरर- मैं नाम जानना चाहता हूं। क्या वह खिलाड़ी था या सहयोगी स्टाफ। डबल्स खिलाड़ी या सिंगल्स खिलाड़ी। कौन सा ग्रैंडस्लैम।
ग्रैंडस्लैम चैंपियन दिग्गज टेनिस खिलाड़ी मार्टिना नवरातिलोवा का ट्वीट- हमें तथ्यों की जानकारी चाहिए, अटकलबाजी नहीं।’
मेरी जो फर्नाडिज- इससे हमारे खेल पर काला साया पड़ा है। हमें जानना है कि वे खिलाड़ी कौन हैं।’

 

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