WWE रॉ - SportzWiki Hindi
Connect with us

WWE रॉ

रॉ लाइव इवेंट, यह नाम लोगों ने पहली बार 1993 में सुना। 11 जनवरी, 1993 को WWF रॉ का पहला एपिसोड़ टीवी पर प्रदर्शित हुआ। WWF रॉ की इस डेब्यू इवेंट में कुल पांच मैच लड़े गए। यह वह दौर रहा जब स्कॉट स्टाइनर, अंडरटेकर और शॉन माइकल्स, ट्रिपल एच जैसे दिग्गज रैसलर इस रैसलिंग रिंग पर राज किया करते थे। WWE की रॉ ब्रांड को कंपनी की रेड ब्रांड के रूप में भी जाना जाता रहा है।

मूल रूप से WWF रॉ, केवल 60 मिनट की एक इवेंट हुआ करती थी। दो घंटे की इवेंट का आयोजन केवल किसी ख़ास मौके पर किया जाता था। अमरीकी समयानुसार यह इवेंट हमेशा से सोमवार रात को ही आयोजित होती आई है, लेकिन सभी देशों के समय में कुछ मिनटों या घंटों का अंतर होता है। इसलिए हर देश में इसका समय अलग होता है। भारतीय समयानुसार, यह इवेंट मंगलवार सुबह टीवी स्क्रीन पर प्रदर्शित होती रही है।

WWF Prime Time Wrestling

इसे WWF Prime Time Wrestling नामक शो की जगह उतारा गया था। WWE Prime Time Wrestling नाम के शो की शुरुआत 1985 में हुई थी। मूल रूप से इस शो की समयसीमा दो घंटे लम्बी हुआ करती थी। 1 जनवरी, 1985 को Prime Time Wrestling की शुरुआत हुई। जैसी वेंच्युरा और जैक रेनॉल्ड्स ने 1 जनवरी को यह शो पहली बार होस्ट किया। चार जनवरी, 1993 को Prime Time Wrestling का आख़िरी एपिसोड टीवी पर प्रदर्शित किया गया। इसके दस दिन बाद इसे WWF रॉ नाम दे दिया गया। समय भी वही रखा गया जि Prime Time Wrestling इवेंट का हुआ करता था।

WWF रॉ का डेब्यू इवेंट

WWF रॉ की डेब्यू इवेंट में कुल पांच मैच लड़े गए। न्यू-यॉर्क स्थित मैनहट्टन सेंटर में 11 जनवरी की रात, अंडरटेकर और स्कॉट स्टाइनर जैसे बड़े नाम भी इस इवेंट में शामिल रहे।

मैच 1: योकोजूना बनाम कोको-बी वेयर

WWF रॉ लाइव इवेंट का सबसे पहला मैच। इस मैच में योकोजुना ने कोको पर करीब चार मिनट चले मुक़ाबले में जीत दर्ज की।

मैच 2: ‘द स्टाइनर ब्रदर्स’(स्कॉट स्टाइनर-रिक स्टाइनर) बनाम ‘द एक्सिक्यूश्नर्स(बैरी हार्डी-डुएन गिल)

WWF रॉ के इतिहास का सबसे पहला टैग-टीम मैच। ‘द स्टाइनर ब्रदर्स’ ने केवल तीन मिनट के भीतर ही ‘द एक्सिक्यूश्नर्स’ को मात दे WWF रॉ का सबसे पहला टैगटीम मैच अपने नाम किया।

मैच 3: शॉन माइकल्स बनाम मैक्स मून

शॉन माइकल्स इस मैच में मैक्स मून के खिलाफ़ WWF इंटरकांटिनेंटल चैंपियनशिप डिफेंड करने उतरे। इस इवेंट का सबसे लम्बा मैच यही रहा। साढ़े दस मिनट तक चले मुक़ाबले में शॉन माइकल्स ने चैंपियनशिप बेल्ट अपने पास कायम रखी।

मैच 4: ‘द अंडरटेकर’ बनाम डेमियन डेमेन्टो

‘द डेड मैन’ ने केवल ढाई मिनट के भीतर ही डेमियन डेमेन्टो पर जीत हासिल कर अपने नाम WWF रॉ की डेब्यू इवेंट में सबसे कम समय में मैच जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम किया।

हालाँकि अंडरटेकर के मैच जीतने के बाद WWF रॉ लाइव इवेंट ऑफ-एयर हो चली। लेकिन इस डार्क-नाईट मैचों का इतिहास भी कोई नया नहीं है। दशकों से WWE/WWF लाइव इवेंट के बाद कम से कम एक डार्क-मैच लड़ा जाता है।

 

मैच 5: क्रश बनाम बम बम बिगेलो

यह मैच डिसक्वालिफिकेशन के रूप में ख़त्म हुआ। अंततः किसी को विजेता घोषित नहीं किया गया।

 

WWF रॉ इज़ वॉर

चार साल बीते, 1997 में WWF रॉ के नाम में कुछ बदलाव किये गए। ‘WWF रॉ’ को ‘WWF रॉ इज़ वॉर’ में तब्दील कर दिया गया। इस दौरान WWF रॉ के लोगो में भी बहुत बार बदलाव किये गए।

WCW और WWF के बीच तकरार

WWF, एक ऐसी कंपनी थी जिसे रैसलिंग कंपनी में उतरे दशकों बीत चुके थे। लेकिन 1988 में WCW(World Championship Wrestling) का आगमन हुआ। WWF रॉ लाइव सोमवार को आयोजित हुआ करती थी। लेकिन WCW ने भी 1995 से अपनी लाइव इवेंट का आयोजन सोमवार रात से ही करना शुरू किया।

दोनों कंपनियों के बीच रेटिंग्स के लिए जद्दोजहद होने लगी। जिसे ‘मंडे नाईट वॉर’ नाम दिया गया। विन्स मैकमेहन और टेड टर्नर(WCW के मालिक) के बीच दिन प्रतिदिन बैर की स्थिति उत्पन्न होने लगी। पूरे 90 के दशक में दोनों कंपनियों के बीच सम्बन्ध बहुत हद तक बिगड़ से गए।

WCW के कारण विन्स मैकमेहन की कंपनी, WWF की रेटिंग्स लगातार गिर रहीं थी। WWF उस स्थिति में पहुँच चुका था कि कंपनी पर डूबने का ख़तरा मंडराने लगा था।

इसी मंडे नाईट वॉर को गोल्डन ऐज़ कहा जाता है। यह सत्य भी है कि 90 का दशक रैसलिंग के इतिहास का स्वर्णिम दौर रहा। न केवल अधिकारियों पर, बल्कि इन दोनों कंपनियों के रैसलरों पर भी दबाव की स्थिति उत्पन्न होने लगी थी।

90 के दशक के अंतिम दौर में विन्स मैकमेहन की कंपनी आख़िरकार ख़राब दौर से बाहर निकलने में सफ़ल रही। WWF के दर्शकों की संख्या में लगातार इज़ाफ़ा होने लगा। इसे चमत्कार कहें या विन्स मैकमेहन की रणनीतियों का सफ़ल होना। मिस्टर मैकमेहन का ख़राब दौर जैसे अंतिम रूप ले चुका था।

 

बिल गोल्डबर्ग एक मॉन्स्टर

यह वह दौर रहा जब बिल गोल्डबर्ग, रैसलिंग की दुनिया में एक मॉन्स्टर के रूप में उबर रहे थे। न तो WCW में और ना ही WWF में उन्हें हारने वाला कोई रैसलर मौजूद था। गोल्डबर्ग ने रैसलिंग के स्तर को और भी ऊपर उठा दिया।

90 के दशक के आख़िरी दौर में WCW वहाँ पहुँच चुकी थी, जहाँ कुछ वर्ष पूर्व WWF थी। अब विन्स मैकमेहन की कंपनी को अविश्वसनीय फ़ायदा होने लगा। बात वहाँ तक पहुँच गयी कि WCW के मालिक के पास अपने रैसलरों की तनख्वाह देने तक के पैसे नहीं बचे।

फलस्वरूप World Championship Wrestling  को मार्केट में नीलामी के लिए उतार दिया गया। इसका फ़ायदा विन्स मैकमेहन ने उठाया और टेड टर्नर द्वारा स्थापित इस कंपनी के लगभग सभी शेयर ख़रीद लिए। आख़िरकार मंडे-नाईट वॉर का भी अंत हुआ।

WWE रॉ

WCW के सभी शो बंद कर दिए गए। अधिकतर रैसलर WWF से जुड़ चले। बीसवीं सदी समाप्त हुई और इसी के एक वर्ष के पश्चात्, WWF को दो हिस्सों में बाँटने पर चर्चाएँ शुरू हो चली। यही नहीं और भी कई बड़े बदलाव विचाराधीन थे।

आख़िरकार पांच मई, 2002 का वह दिन इसका गवाह बना, जब इस बाबत आधिकारिक पुष्टि कर दी गयी कि कंपनी का नाम WWF से WWE(World Wrestling Entertainment) रख दिया गया है। इसी के साथ लोगों ने स्मैकडाउन शब्द पहली बार सुना। पहली ब्रांड का नाम था WWE रॉ(जिसे पहले WWF रॉ के नाम से जाना जाता था) और दूसरी ब्रांड बनी WWE स्मैकडाउन।

1997 में जो ‘WWF रॉ’ को ‘WWF रॉ इज़ वॉर’ में बदला गया। कंपनी का नाम बदलने के साथ ही यह केवल ‘WWE रॉ’ रह गया।

WWE और UFN आमने सामने

कंपनी ठीकठाक रेटिंग्स कमा रही थी। 2005 में WWE ने फ़ैसला किया कि वो अमरीकी चैनल Spike TV के साथ करार को आगे नहीं बढ़ाने जा रहे हैं। अप्रैल के महीने में WWE ने घोषणा की, कि कंपनी दूसरे अमरीकी चैनल, NBC Universal  के साथ तीन साल का करार साइनकर दिया है।

लेकिन यहाँ विन्स मैकमेहन के लिए एक बड़ी दिक्कत सामने खड़ी हो गयी। UFC53(Ultimate Fight Championship) की एक ख़ास इवेंट, UFN(Ultimate Fight Night) का आयोजन Spike TV ने उसी रात किया जिस रात WWE मंडे नाईट रॉ आयोजित होनी थी।

यही नहीं, बदला लेने के लिए Spike TV ने इसका समय भी वही रखा, जिस समय मंडे नाईट रॉ लाइव इवेंट का आयोजन होना था। लेकिन इसका WWE पर कोई ख़ास असर नहीं पड़ा। समय के साथ रॉ ब्रांड का औदा बढ़ता गया और रेटिंग्स के ज़रिये कमाई भी।

 

रॉ और स्मैकडाउन एक बार फिर एक साथ

नौ वर्ष के लम्बे अन्तराल के बाद, 2011 में एक बार फिर WWE की दोनों ब्रांड्स, रॉ और स्मैकडाउन को साथ में ला दिया गया। दोनों रोस्टर के रैसलर इसी कारण एक दूसरे के खिलाफ़ लड़ सकते थे।

ऐसी कोई पाबन्दी नहीं थी कि ‘रॉ’ के रैसलर रॉ के अन्य रैसलरों के ही साथ लड़ेंगे और स्मैकडाउन के रैसलर, अन्य स्मैकडाउन के रैसलरों के साथ।

तीन घंटे की कर दी गयी WWE रॉ

23 जुलाई, 2012 को कंपनी की रॉ ब्रांड ने अपने हज़ार एपिसोड़ पूरे किये। इसी रात एक और नया बदलाव किया गया। WWE रॉ लाइव इवेंट की समय सीमा बढ़ाकर तीन घंटे कर दी गयी। यानी 60 मिनट से शुरू हुई यह इवेंट पहले 120 मिनट की हुई और फिर 180 मिनट की।

इसी कारण तीन घंटों तक दर्शकों को टीवी से बांधे रखना WWE एक चुनौती बन खड़ी हुई थी। इसलिए बैकस्टेज अधिकारियों की संख्या में बढ़ोतरी की गयी, जो नई से नई और दिलचस्प स्टोरीलाइन बनाने में सक्षम हो।

2016 में फिर अलग हुईं रॉ और स्मैकडाउन

मई 2016 में एक बार फिर रॉ और स्मैकडाउन को अलग कर दिया गया। इसी रात एक नई चैंपियनशिप बेल्ट का आगमन हुआ। रॉ की समयसीमा में कोई बदलाव नहीं हुआ, लेकिन स्मैकडाउन को WWE की एक छोटी इवेंट के रूप में तरजीह दी गयी।

स्मैकडाउन लाइव इवेंट, दो घंटे की होती रही और आज भी होती है। वहीँ WWE रॉ आज भी कंपनी की बड़ी ब्रांड बनी हुई है।

WWE यूनिवर्सल चैंपियनशिप

2016 में रॉ के अलग होने के साथ, WWE यूनिवर्सल चैंपियनशिप का आगमन हुआ। सबसे पहले WWE यूनिवर्सल चैंपियन, फिन बैलर रहे, लेकिन चोट के कारण उन्हें एक ही दिन के भीतर यह चैंपियनशिप गंवानी पड़ी।

WWE यूनिवर्सल चैंपियनशिप, WWE की सबसे नई चैंपियनशिप बेल्ट्स में से एक है। मौजूद WWE यूनिवर्सल चैंपियनशिप, ब्रॉक लैसनर हैं।

WWE यूनिवर्सल चैंपियन रैसलरों की लिस्ट:-

फिन बैलर: फिन बैलर ने समर-स्लैम 2016 में सैथ रोलिंस को हरा पहली और आख़िरी बार WWE यूनिवर्सल चैंपियनशिप अपने नाम की। चोट के चलते, एक दिन बाद ही ये चैंपियनशिप बेल्ट उन्हें छोड़नी पड़ी। इससे वो सबसे कम समय तक रहने वाले WWE यूनिवर्सल चैंपियन होने का अनचाहा रिकॉर्ड अपने नाम कर बैठे।

केविन ओवेन्स: फिन बैलर के चैंपियनशिप छोड़ने के बाद स्टोरीलाइन के मुताबिक़ इस चैंपियनशिप के लिए फैटल-फोर-वे चैंपियनशिप मैच लड़ा गया। केविन ओवेन्स, रोमन रेंस, बिग कैस और सैथ रोलिंस को हरा पहली बार WWE यूनिवर्सल चैंपियन बने।

गोल्डबर्ग: केविन ओवेन्स पिछले 188 दिनों से चैंपियनशिप की गद्दी पर विराजमान थे। फ़ास्टलेन 2017 में बिल गोल्डबर्ग ने केवल एक स्पीयर और एक जैक-हैमर लगा ओवेन्स को चैंपियनशिप की गद्दी से उतार ख़ुद उस पर विराजमान हो चले।

ब्रॉक लैसनर: ‘द बीस्ट’ और गोल्डबर्ग के बीच इससे पहले 2016 सर्वाइवर सीरीज़ में मैच हो चुका था। जहाँ गोल्डबर्ग ने केवल एक मिनट के भीतर ही लैसनर पर जीत हासिल की थी।

लेकिन यह मैच एकतरफ़ा नहीं रहा। गोल्डबर्ग को लगातार सात जर्मन सुप्लेक्स पड़े और इसके बाद एफ़-5। इसका तोड़ शायद WWE के इतिहास में रहे किसी रैस्लर के पास नहीं। फलस्वरूप, लैसनर नए चैंपियन बने।

रोमन रेंस: ब्रॉक लैसनर पिछले 500 दिन से WWE यूनिवर्सल चैंपियन बने हुए थे। लेकिन इस स्ट्रीक का अंत समर-स्लैम 2018 में हुआ। जब ‘द बिग डॉग’ रोमन रेंस ने लैसनर को हरा पहली बार WWE यूनिवर्सल चैंपियनशिप जीती।

रोमन रेंस को हुआ कैंसर

समर-स्लैम 2018 में ब्रॉक लैसनर को हरा चैंपियन बने। 63 दिन WWE यूनिवर्सल चैंपियनशिप उनके पास रही। लेकिन 63 दिन बाद 22 अक्टूबर की रात आई, जब रोमन रेंस ने ख़ुद को ल्यूकेमिया होने की ख़बर सुनाई।

ल्यूकेमिया, एक तरीके का ब्लड कैंसर। बीते छः सालों में रोमन रेंस ने WWE में इतना नाम कमाया, लेकिन एक ही रात में वो ये सब बीच रिंग में छोड़ कर चले गए। सोशल मीडिया पर रोमन रेंस के जल्द से जल्द ठीक होने को लेकर लाखों ट्वीटस किये गए।

कैंसर के कारण, रोमन रेंस बीच रिंग में ही चैंपियनशिप बेल्ट छोड़ चले गए। 22 अक्टूबर की रात के बाद से करीब एक महीने तक न तो उनके सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स खाली पड़े रहे।

WWE यूनिवर्सल चैंपियनशिप की सीट एक बार फिर ख़ाली पड़ी रही। अंततः ढाई महीने बाद, यानी दो नवम्बर, 2018 को WWE क्राउन जुअल इवेंट आयोजित की गयी। लेकिन यह भी काफ़ी समय तक आलोचनाओं में घिरी रही। आलोचनाएँ इसलिए क्योंकि इस इवेंट का आयोजन सऊदी अरब में आयोजन होना था। कुछ रैसलरों ने कुछ समस्याओं के चलते सऊदी अरब जाने से मना कर दिया। आख़िरकार ब्रॉक लैसनर और ब्रॉन स्ट्रोमैन के बीच WWE यूनिवर्सल चैंपियनशिप मैच की पुष्टि की गयी।

ब्रॉक लैसनर: ब्रॉक लैसनर ने इस मैच में WWE के मॉन्स्टर कहे जाने वाले, ब्रॉन स्ट्रोमैन को एक नहीं, दो नहीं बल्कि पूरे पांच बार एफ़-5 मूव का शिकार बनाया और दो बार WWE यूनिवर्सल चैंपियन बनने वाले पहले रैस्लर बने।

मौजूदा WWE इंटरकांटिनेंटल चैंपियनशिप

मई 2016 में जब WWE रॉ और WWE स्मैकडाउन दूसरी बार अलग हुईं। तो WWE इंटरकांटिनेंटल चैंपियनशिप को रॉ ब्रांड का हिस्सा बना दिया गया।

सैथ रोलिंस अभी के इंटरकांटिनेंटल चैंपियन हैं। जो उन्होंने समर-स्लैम 2018 में डॉल्फ़ ज़िग्लर को हरा, कुल दूसरी बार अपने नाम की।

मौजूदा WWE रॉ टैग-टीम चैंपियन

2016 में ब्रांड के विभाजन के बाद एक नई टैग-टीम चैंपियनशिप बेल्ट ने जन्म लिया। वह रही WWE स्मैकडाउन टैग-टीम चैंपियनशिप बेल्ट, जिसे स्मैकडाउन के लिए तैयार किया गया।

जो नियमित टैग-टीम चैंपियनशिप बेल्ट थी उसे रॉ में में रखा गया। एकाम और रेज़ार की टीम, ‘द ऑथर्स ऑफ़ पेन’ अभी की WWE रॉ टैग-टीम चैंपियन टीम है। यह टीम, 5 नवम्बर, 2018 को हुई WWE रॉ लाइव इवेंट में सैथ रोलिंस को टू-ऑन वन हैंडीकैप्ड मैच में हरा चैंपियन बनी।

 

मौजूदा WWE रॉ वीमेंस चैंपियन

2016 से पहले WWE डीवाज़ चैंपियनशिप के लिए डीवा रैसलरों के बीच चैंपियन बनने की होड़ रहती थी। लेकिन 2016 में WWE डीवाज़ चैंपियनशिप को ख़त्म कर इसे WWE रॉ वीमेंस चैंपियनशिप नाम दे दिया गया।

समर-स्लैम 2018 में रोंडा राउसी ने एलेक्सा ब्लिस को केवल चार मिनट के भीतर ही पटखनी दी और पहली बार WWE रॉ वीमेंस चैंपियन बनीं।

 

WWE

WWE रॉ रिजल्ट्स: 10 दिसंबर, 2018

WWE इंटरकांटिनेंटल चैंपियन सैथ रोलिंस ने मंडे नाईट रॉ की शुरुआत की है। उन्होंने रॉ एक्टिंग जनरल मैनेजर बैरन कॉर्बिन से बाहर आने का आग्रह किया।...