Asia Cup: 9 सितंबर से एशिया कप (Asia Cup) 2025 के 17वे संस्करण की शुरुआत होने जा रही है। पहला मुकाबला अफगानिस्तान (Afganishtan) और हांगकांग (Hongkong) की टीम के बीच खेला जाएगा। तो वहीं पाकिस्तान की टीम एशिया कप 2025 में अपना पहला मुकाबला ओमान के खिलाफ 12 सितंबर को खेलेगी।
इस आर्टिकल में हम पाकिस्तान की टीम को लेकर चर्चा करने वाले हैं कि एशिया कप 2025 में वो कौन से कारण हो सकते हैं कि पाकिस्तान की टीम सुपर 4 में भी प्रवेश करने से दूर हो सकती है। और जो एशिया कप में कमजोर टीमें है यूएई और ओमान उनसे भी टीम हार सकती है।
तो चलिए इस आर्टिकल में उन तीन कारणों के बारे में बात करते हैं जिसमें पाकिस्तान की टीम का एशिया कप जीतने का जो सपना है न केवल वह दूर होता दिखाई दे सकता है बल्कि सुपर 4 में भी पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ टी20 सीरीज हारा है पाकिस्तान
पाकिस्तान की टीम की बात की जाए तो पाकिस्तान इस वक्त एक नए कप्तान सलमान अली आगा की अगुवाई में एशिया कप खेलने पहुंचेगी। लेकिन अगर पाकिस्तान के हालिया T20 में प्रदर्शन की बात की जाए तो बांग्लादेश के खिलाफ T20 सीरीज में पाकिस्तान को 1-2 से करारी हार का सामना करना पड़ा।
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सैम अयूब और फखर ज़मान का खराब फॉर्म
एशिया कप 2025 शुरू होने से पहले पाकिस्तान की टीम की जो सबसे बड़ी चिंता है वह सलामी बल्लेबाज सैम अयूब और फखर ज़मान का फार्म में न होना है। क्योंकि टीम के यह दोनों शानदार खिलाड़ी T20 फॉर्मेट में फिलहाल फ्लॉप चल रहे हैं। फखर ज़मान का फॉर्म भी काफी समय से T20 फॉर्मेट में खराब चल रहा है।
तो वहीं पाकिस्तान की टीम के युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज सैम अयूब ने भी बांग्लादेश और वेस्टइंडीज के खिलाफ जो T20 सीरीज खेली गई उसमें कुछ खास नहीं किया। लेकिन फिर भी पाकिस्तान की टीम उनका बैक कर रही है।
फखर ज़मान और सैम अयूब की यह जोड़ी एशिया कप में भी फ्लॉप हो जाती है तो फिर पाकिस्तान की टीम का दूसरे राउंड में पहुंचना मुश्किल हो सकता है। क्योंकि यह दोनों खिलाड़ी जब चलते हैं तो एक तरफ़ा अंदाज में अपनी टीम को जीत दिलाते हैं। और अगर यही फ्लॉप रहेंगे तो पाकिस्तान की टीम का दूसरे राउंड में पहुंचना भी मुश्किल हो जाएगा।
बीते समय में यह देखा गया है कि पाकिस्तान की टीम को जब-जब ओपनिंग बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत दी है तो पाकिस्तान की टीम ने मुकाबले जीते हैं। अगर ओपनिंग जोड़ी बेहतर शुरुआत नहीं दे पाती है तो मिडिल ऑर्डर पर पूरा प्रेशर बन जाता है और उसके बाद मिडिल ऑर्डर परफॉर्म नहीं कर पाता है। पाकिस्तान की टीम की जो सफलता है वह ओपनिंग जोड़ी पर काफी कुछ निर्भर करती है और यही ओपनिंग जोड़ी इस वक्त फ्लॉप चल रही है।
मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी का कमजोर होना
पाकिस्तान की टीम की अगर मिडिल ऑर्डर की बात की जाए तो बल्लेबाजी में इस बार अनुभव थोड़ा कम दिखाई दे रहा है। क्योंकि ज्यादातर खिलाड़ी नए हैं और उन्हें बड़े टूर्नामेंट में खेलने का एक्सपोजर नहीं है।
अगर पाकिस्तान की टीम के मध्यक्रम की बात की जाए तो हुसैन तलत पाकिस्तान की टीम में है। वो उतने कंसिस्टेंट नहीं है। मोहम्मद नवाज कभी गेंदबाजी में अच्छा करते हैं तो कभी बल्लेबाजी में. कंसिस्टेंसी उतनी बेहतर नहीं है।
और यही वजह है कि पाकिस्तान की टीम का मिडिल ऑर्डर फ्लॉप हो सकता है और पाकिस्तान की टीम छोटी टीम से भी मुकाबला हार सकती है।
पाकिस्तान की टीम ने कुछ बड़े फैसले करते हुए बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान को T20 की टीम में नहीं रखा है। ऐसे में इन युवा खिलाड़ियों के ऊपर काफी ज्यादा प्रेशर है। क्योंकि जिस दिन यह रन नहीं बनाएंगे उस दिन सोशल मीडिया पर बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान को वापस लाने की मांग उठेगी. और इस प्रेशर में वह बल्लेबाज बिखर भी सकते हैं जो अभी काफी युवा है।
दबाव में बिखरना है पुरानी आदत
पाकिस्तान की टीम जब भी किसी बड़े इवेंट में खेलने जाती है तो अवाम और मीडिया का प्रेशर पाकिस्तान के ऊपर काफी ज्यादा रहता है. और एक मैच हारते ही पाकिस्तान की टीम की ट्रोलिंग सोशल मीडिया में पूर्व क्रिकेटरों द्वारा शुरू होने लगती है और यही से पाकिस्तान पर दबाव बन जाता है।
साल 2023 के एशिया कप तक पाकिस्तान का तेज गेंदबाजी अटैक सबसे खतरनाक माना जा रहा था। लेकिन भारत के खिलाफ मुकाबले में जो पिटाई केएल राहुल और विराट कोहली ने की उसके बाद पाकिस्तान की टीम का बेड़ागर्क हो गया और फिर टीम हर बड़े इवेंट में हारने लगी।
पिछले चार-पांच इवेंट में देखा गया है कि पाकिस्तान की टीम हर छोटी टीम से हारती है, चाहे वह आईसीसी का T20 विश्व कप हो जहां पर यूएसए ने पाकिस्तान को हराया। इसके अलावा जिंबॉब्वे ने भी पाकिस्तान को हराया है। अब एशिया कप में यूएई और ओमान जैसी टीम है जिनके निशाने पर पाकिस्तान की टीम जरूर होगी।
पाकिस्तान की टीम ने कुछ बड़े फैसले करते हुए बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान को T20 की टीम में नहीं रखा है। ऐसे में इन युवा खिलाड़ियों के ऊपर काफी ज्यादा प्रेशर है। क्योंकि जिस दिन यह रन नहीं बनाएंगे उस दिन सोशल मीडिया पर बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान को वापस लाने की मांग उठेगी. और इस प्रेशर में वह बल्लेबाज बिखर भी सकते हैं जो अभी काफी युवा है।
बीते समय में यह देखा गया है कि पाकिस्तान की टीम को जब-जब ओपनिंग बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत दी है तो पाकिस्तान की टीम ने मुकाबले जीते हैं। अगर ओपनिंग जोड़ी बेहतर शुरुआत नहीं दे पाती है तो मिडिल ऑर्डर पर पूरा प्रेशर बन जाता है और उसके बाद मिडिल ऑर्डर परफॉर्म नहीं कर पाता है। पाकिस्तान की टीम की जो सफलता है वह ओपनिंग जोड़ी पर काफी कुछ निर्भर करती है और यही ओपनिंग जोड़ी इस वक्त फ्लॉप चल रही है।
पाकिस्तान की टीम ने कुछ बड़े फैसले करते हुए बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान को T20 की टीम में नहीं रखा है। ऐसे में इन युवा खिलाड़ियों के ऊपर काफी ज्यादा प्रेशर है। क्योंकि जिस दिन यह रन नहीं बनाएंगे उस दिन सोशल मीडिया पर बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान को वापस लाने की मांग उठेगी. और इस प्रेशर में वह बल्लेबाज बिखर भी सकते हैं जो अभी काफी युवा है।