Team India senior players retirement 2026 : भारतीय क्रिकेट की कहानी कुछ ऐसे खिलाड़ियों के बिना अधूरी है, जिन्होंने दबाव में भी कभी हार नहीं मानी और अपने प्रदर्शन से करोड़ों फैंस का भरोसा जीता। चाहे मुश्किल वक़्त में शानदार गेंदबाज़ी या फिर दबाव में शानदार बल्लेबाज़ी , इन दिग्गजों ने कई बार टीम इंडिया (Team India) को अकेले अपने कंधों पर उठाकर जीत दिलाई है।
लेकिन क्रिकेट का सच यही है कि हर शानदार सफ़र का एक न एक दिन अंत तय होता है। साल 2026 भारतीय क्रिकेट के लिए एक अहम और भावनात्मक मोड़ साबित हो सकता है, जब टीम इंडिया (Team India) के चार बड़े और अनुभवी खिलाड़ी अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कहने का फैसला ले सकते हैं। उम्र, फिटनेस और भविष्य की रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए ये दिग्गज अब अपने करियर के अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ चुके हैं।
इनके संन्यास का मतलब सिर्फ़ कुछ नामों का टीम से जाना नहीं होगा, बल्कि अनुभव, नेतृत्व और मैच जिताने वाली मानसिकता का भी खाली होना होगा। आइए जानते हैं उन चार खिलाड़ियों के बारे में, जिन्होंने भारत को अनगिनत यादगार जीत दिलाईं और जिनका 2026 में संन्यास चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन सकता है।
Team India के चार खिलाड़ी जो 2026 में कर सकते हैं संन्यास का ऐलान :
ईशांत शर्मा

ईशांत शर्मा भारतीय क्रिकेट के उन चुनिंदा तेज़ गेंदबाज़ों में रहे हैं, जिन्होंने लंबे समय तक टीम इंडिया की गेंदबाज़ी की रीढ़ बने रहकर देश को कई यादगार जीत दिलाईं। उन्होंने भारत के लिए 105 टेस्ट मैचों में 311 विकेट, 80 वनडे में 115 विकेट और 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 8 विकेट हासिल किए। खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा, जहाँ विदेशों में उनकी निरंतरता और अनुशासन ने भारत की तेज़ गेंदबाज़ी को नई पहचान दी।
हालांकि, ईशांत लंबे समय से टेस्ट टीम से बाहर चल रहे हैं और उन्होंने अपना आख़िरी टेस्ट मैच 2021 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ खेला था। इसके बाद से चयन के सीमित मौके, उम्र और टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव उनके करियर पर असर डालते नज़र आए। ऐसे में यह माना जा रहा है कि साल 2026 उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए अंतिम अध्याय साबित हो सकता है।
अजिंक्य रहाणे

अजिंक्य रहाणे लंबे समय तक भारतीय टेस्ट टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ों में शामिल रहे हैं, खासकर विदेशी परिस्थितियों में उनका संयमित और तकनीकी रूप से मज़बूत खेल टीम इंडिया के लिए बेहद अहम रहा।
उन्होंने भारत के लिए 85 टेस्ट मैचों में 5077 रन बनाए, जिसमें 26 अर्धशतक और 12 शतक शामिल हैं। वनडे क्रिकेट में रहाणे ने 90 मैचों में 2962 रन बनाए, जहाँ उनके नाम 24 फिफ्टी और 3 शतक दर्ज हैं, जबकि टी20 अंतरराष्ट्रीय में उन्होंने 20 मैचों में 375 रन बनाए और 1 अर्धशतक लगाया।
कप्तानी के मोर्चे पर भी रहाणे का योगदान ऐतिहासिक रहा है। 2020-21 बॉर्डर–गावस्कर ट्रॉफी में विराट कोहली की गैरमौजूदगी में उन्होंने टीम की कमान संभाली और ऑस्ट्रेलिया की सरज़मीं पर भारत को एक ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज़ जीत दिलाई, जिसे भारतीय क्रिकेट की सबसे यादगार उपलब्धियों में गिना जाता है।
हालांकि, रहाणे लंबे समय से टेस्ट टीम से बाहर चल रहे हैं और उन्होंने अपना आख़िरी टेस्ट मैच साल 2023 में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ खेला था। बदलते टीम संयोजन, उम्र और भविष्य की योजनाओं को देखते हुए, 2026 में उनके संन्यास को लेकर चर्चाएं तेज़ होती नज़र आ रही हैं।
उमेश यादव

उमेश यादव भारतीय क्रिकेट के उन तेज़ गेंदबाज़ों में रहे हैं, जिन्होंने अपनी रफ्तार और रिवर्स स्विंग के दम पर घरेलू और विदेशी दोनों परिस्थितियों में टीम इंडिया को कई अहम सफलताएं दिलाईं। उन्होंने भारत के लिए 57 टेस्ट मैचों में 170 विकेट, 75 वनडे मैचों में 106 विकेट और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 12 विकेट अपने नाम किए। खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा, जहाँ नई और पुरानी दोनों गेंद से उन्होंने विपक्षी बल्लेबाज़ों को लगातार परेशान किया।
हालांकि, बीते कुछ समय से उमेश यादव टीम इंडिया की योजनाओं से बाहर चल रहे हैं। उन्होंने भारत के लिए अपना आख़िरी अंतरराष्ट्रीय मैच साल 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल में खेला था। इसके बाद फिटनेस, उम्र और तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते उनके मौके सीमित होते चले गए। ऐसे में यह माना जा रहा है कि साल 2026 उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
मोहम्मद शमी

मोहम्मद शमी आधुनिक भारतीय क्रिकेट के सबसे घातक और भरोसेमंद तेज़ गेंदबाज़ों में गिने जाते हैं। उन्होंने भारत के लिए 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट, 108 वनडे में 206 विकेट और 25 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 27 विकेट हासिल किए हैं। तीनों फॉर्मैट में उनकी सीम मूवमेंट, सटीक लाइन–लेंथ और दबाव में विकेट निकालने की क्षमता ने भारत को कई बड़े और रोमांचक मुकाबलों में जीत दिलाई है। खासतौर पर ICC टूर्नामेंट्स में शमी का रिकॉर्ड उन्हें एक बड़ा मैच-विनर साबित करता है।
शमी ने भारत के लिए अपना आख़िरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला मार्च 2025 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी (CT) के फाइनल में खेला था। इसके बाद से वह घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन फिटनेस, वर्कलोड मैनेजमेंट और टीम कॉम्बिनेशन के चलते उन्हें अब तक राष्ट्रीय टीम में वापसी का मौका नहीं मिल पाया है। ऐसे हालात में यह माना जा रहा है कि साल 2026 उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर एक अहम फैसला लेकर आ सकता है।
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