Pakistan : पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज सरफराज अहमद ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। उनके इस फैसले के साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट के एक लंबे और यादगार अध्याय का अंत हो गया। लगभग दो दशक तक पाकिस्तान (Pakistan) का प्रतिनिधित्व करने वाले सरफराज ने टीम को कई अहम जीत दिलाईं और अपनी कप्तानी में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं।
232 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले इस खिलाड़ी ने बल्ले और विकेट के पीछे दोनों भूमिकाओं में टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। सरफराज का नाम खास तौर पर पाकिस्तान को 2017 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जिताने वाले कप्तान के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।
भारत के खिलाफ शुरू हुआ इंटरनेशनल करियर

कराची में जन्मे सरफराज अहमद ने नवंबर 2007 में भारत के खिलाफ जयपुर में खेले गए वनडे मुकाबले से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में उन्हें टीम में लगातार मौके नहीं मिले, लेकिन अपनी मेहनत और प्रदर्शन के दम पर उन्होंने टीम में स्थायी जगह बना ली।
अपने करियर में सरफराज ने 54 टेस्ट, 117 वनडे और 61 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। इन मैचों में उन्होंने कुल 6164 रन बनाए, जिसमें छह शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। विकेटकीपर के रूप में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा और उन्होंने कुल 315 कैच और 56 स्टंपिंग कीं।
कप्तानी में Pakistan की शानदार उपलब्धियां
सरफराज अहमद ने पाकिस्तान (Pakistan) टीम की कप्तानी भी लंबे समय तक संभाली। उन्होंने सभी फॉर्मेट में कुल 100 इंटरनेशनल मैचों में पाकिस्तान (Pakistan) का नेतृत्व किया, जिसमें 50 वनडे, 37 टी20 इंटरनेशनल और 13 टेस्ट मैच शामिल हैं। उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने सीमित ओवरों के क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया।
खास तौर पर टी20 इंटरनेशनल में टीम नंबर 1 रैंकिंग तक पहुंची और लगातार 11 टी20 सीरीज जीतने का विश्व रिकॉर्ड बनाया। सरफराज को मैदान पर शांत लेकिन प्रभावी कप्तान के रूप में जाना जाता था, जो खिलाड़ियों को आत्मविश्वास के साथ खेलने के लिए प्रेरित करते थे।
2017 चैंपियंस ट्रॉफी की ऐतिहासिक जीत
सरफराज अहमद के करियर का सबसे यादगार पल 2017 में इंग्लैंड में आयोजित आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी की जीत रही। उस टूर्नामेंट में पाकिस्तान (Pakistan) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में भारत को 180 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया था। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने आठ साल बाद कोई आईसीसी खिताब जीता था।
इस उपलब्धि के बाद सरफराज का नाम पाकिस्तान क्रिकेट इतिहास में दर्ज हो गया। इससे पहले वह 2006 में श्रीलंका में खेले गए आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में भी पाकिस्तान टीम के कप्तान थे और उस टूर्नामेंट में भी पाकिस्तान ने भारत को हराकर खिताब जीता था।
कई युवा खिलाड़ियों को दिया मौका
सरफराज अहमद ने अपनी कप्तानी के दौरान कई युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौका दिया और उनके करियर की शुरुआत में अहम भूमिका निभाई। उनकी कप्तानी में बाबर आजम, शाहीन शाह अफरीदी, हसन अली, इमाम-उल-हक, फहीम अशरफ, फखर जमान और शादाब खान जैसे खिलाड़ी टीम में स्थापित हुए। पाकिस्तान क्रिकेट में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें 2018 में ‘प्राइड ऑफ परफॉर्मेंस’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
बाद में मोहम्मद रिजवान के उभरने के बाद सरफराज के खेलने के मौके कम हो गए और वह आखिरी बार दिसंबर 2023 में पर्थ टेस्ट में पाकिस्तान की जर्सी में नजर आए थे। अब माना जा रहा है कि भविष्य में वह पाकिस्तान क्रिकेट से किसी नई भूमिका में जुड़े रह सकते हैं।
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