Sunil Gavaskar statement on Abhishek Sharma : नागपुर में खेले गए भारत बनाम न्यूजीलैंड पहले T20I मुकाबले के बाद क्रिकेट प्रेमियों को सिर्फ भारत की जीत ही नहीं, बल्कि पीढ़ियों के अंतर को दर्शाता एक यादगार पल भी देखने को मिला।
युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की तूफानी पारी से प्रभावित होकर भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने एक ऐसा बयान दिया, जिसने आधुनिक टी20 क्रिकेट और पुराने दौर की बल्लेबाजी के फर्क को बेहद दिलचस्प अंदाज़ में सामने रखा। गावस्कर का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
अभिषेक शर्मा की निडर पारी ने बदला मैच का रुख

25 वर्षीय अभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 35 गेंदों में 84 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी में आक्रामकता के साथ-साथ बेहतरीन टाइमिंग भी देखने को मिली।
अभिषेक ने मात्र 22 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया, जो इस बात का संकेत है कि वह पावरप्ले ओवरों में विपक्षी गेंदबाजों पर कितना दबाव बना सकते हैं। शुरुआती झटकों के बावजूद उन्होंने जिम्मेदारी के साथ खेलते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया और भारत की 48 रन की जीत की नींव रखी।
उतनी गेंदें जितनी मैं खाता खोलने में लेता था : Sunil Gavaskar
मैच के बाद बातचीत के दौरान सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने मुस्कराते हुए कहा कि आज के बल्लेबाज अर्धशतक उतनी गेंदों में बना लेते हैं, जितनी गेंदें उनके दौर में खाता खोलने में लग जाया करती थीं।
यह बयान मज़ाकिया लहजे में था, लेकिन इसके पीछे टी20 क्रिकेट के बदलते स्वरूप की गहरी सच्चाई भी छिपी थी। गावस्कर ने साफ किया कि आज के खिलाड़ी अलग मानसिकता और रणनीति के साथ मैदान में उतरते हैं, जो उनके समय से बिल्कुल अलग है।
इरादे के साथ खेलना, लापरवाही नहीं
अपनी पारी पर बात करते हुए अभिषेक शर्मा ने कहा कि उनका हाई स्ट्राइक रेट किसी जल्दबाजी या लापरवाही का नतीजा नहीं, बल्कि साफ इरादे और तैयारी का परिणाम है। उन्होंने बताया कि वह हर मैच से पहले यह समझने की कोशिश करते हैं कि गेंदबाज उनके खिलाफ क्या योजना बना सकते हैं।
नेट सेशन में वीडियो एनालिसिस और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना उनकी तैयारी का अहम हिस्सा है। अभिषेक के मुताबिक, वह खुद को सिर्फ पावर हिटर नहीं मानते, बल्कि एक ऐसा बल्लेबाज समझते हैं जो टाइमिंग और हालात पर भरोसा करता है।
सूर्यकुमार यादव के साथ अहम साझेदारी
भारत ने शुरुआती ओवरों में संजू सैमसन और ईशान किशन के विकेट जल्दी गंवा दिए थे, लेकिन इसके बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अभिषेक के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी हुई।
सूर्यकुमार ने 22 गेंदों में 32 रन बनाए और हालिया खराब फॉर्म से उबरने के संकेत दिए। यह साझेदारी न सिर्फ स्कोरबोर्ड के लिए अहम थी, बल्कि टीम के आत्मविश्वास के लिहाज़ से भी बेहद जरूरी साबित हुई।