Rohit Sharma: भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया के लिए टी20 विश्व कप (T20 World Cup) जीतते हुए भले पूरे देश को खुश होने का मौका दिया हो, लेकिन अब कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) पर ही मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। दरअसल, रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने टीम इंडिया के टी20 विश्व कप (T20 World Cup) जीतने के बाद जाने-अनजाने में ऐसा काम कर दिया, जो उनके लिए मुसीबत बन सकता है।
Rohit Sharma की ऐसी हरकत उनके लिए बन सकती है मुसीबत

कप्तान रोहित शर्मा ने टीम इंडिया टी20 विश्व कप जीत के बाद वेस्टइंडीज के बारबाडोस की धरती पर भारतीय तिरंगे को जमीन पर गाड़ते हुए दिखते हैं। इस दौरान तिरंगा का निचला हिस्सा जमीन पर लग जाता है, जबकि नियमानुसार तिरंगे को जमीन नहीं लगाया जाना चाहिए। अब रोहित शर्मा ने वही तस्वीर अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल पर लगाते हुए नजर आते हैं। ऐसा होने के बाद भारतीय कप्तान की सोशल मीडिया पर आलोचना शुरू हो जाती है।
The Flag shall not be allowed to touch the ground or the floor. According to the law that person punished with imprisonment for a term which may extend to three years, or with fine. https://t.co/RXG99DroGZ pic.twitter.com/LrUzjShWp5
— Lordgod 🚩™ (@LordGod188) July 8, 2024
flag code of India
Part – III ,section – IV, 3.20
“The flag shall not be allowed to touch the ground or the floor or trail in water”it comes under incorrect display
Please @ImRo45 don’t disrespect the Indian flag !
I tweeted this the same day we won , but deleted the tweet https://t.co/lrIKHRVGgw
— Reddit_user (@reddit_user_) July 8, 2024
Shame on Rohit Sharma for disrespecting my beautiful national flag 👎 https://t.co/XQmVaDlm4e pic.twitter.com/MGh22JuFYV
— “ (@KohlifiedGal) July 8, 2024
क्या कहते हैं भारतीय ध्वज संहिता के नियम
भारतीय राष्ट्रीय ध्वज संहिता (भारतीय ध्वज संहिता, 2002) भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के उपयोग, प्रदर्शन और सम्मान के कई नियम कायदे हैं। ध्वज संहिता के अनुसार भारतीय तिरंगे की बनावट, आकार, अनुपात, रंग, और इसे फहराने के निश्चित दिशानिर्देश हैं। जिसके अनुसार भारतीय ध्वज खादी से बना होना चाहिए। इसमें तीन क्षैतिज पट्टियाँ होती हैं – सबसे ऊपर केसरिया (केसर), बीच में सफेद और सबसे नीचे हरा। सफेद पट्टी के बीच में एक गहरे नीले रंग का अशोक चक्र होता है। तिरंगे का मानक अनुपात 3:2 होना चाहिए।
झंडा फहराने के नियम
ध्वज को सम्मान के साथ फहराना चाहिए और तिंरगे को कभी भी जमीन पर नहीं गिराना चाहिए और नहीं गंदा या फटा हुआ झंडा फहराना चाहिए। ध्वज को सूर्योदय से सूर्यास्त तक फहराया जाना चाहिए, जब तक कि वह अच्छी तरह से रोशनी वाला न हो। भारतीय झंडे का का उपयोग किसी भी प्रकार के वेशभूषा, वर्दी या सजावट के रूप में नहीं किया जाना चाहिए। ध्वज को जलाना, फाड़ना या जानबूझकर नुकसान पहुंचाना अपराध माना जाता है। ध्वज का उपयोग किसी भी प्रकार के विज्ञापन या प्रचार सामग्री में नहीं किया जाना चाहिए।
यह भी पढ़ें: गंभीर बने कोच, तो केएल राहुल कप्तान, श्रीलंका ODI सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान! रोहित-कोहली का नाम गायब