Arshdeep Singh dropped from playing XI : टीम इंडिया में चयन को लेकर बहस कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब किसी खिलाड़ी को लगातार अच्छे प्रदर्शन के बावजूद प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा जाता है, तो सवाल और भी गहरे हो जाते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह (Arshdeep Singh) को पहले दो मैचों में मौका न मिलने पर अब इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है।
भारत के पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब शो में इस फैसले पर खुलकर नाराजगी जाहिर की और टीम मैनेजमेंट की सोच पर सवाल खड़े कर दिए।
चयन नीति पर अश्विन की सीधी नाराजगी

अश्विन का मानना है कि अर्शदीप (Arshdeep Singh) जैसे भरोसेमंद गेंदबाज को लगातार बेंच पर बैठाना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट ने हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा को मैच प्रैक्टिस देने की जो दलील दी, वह पूरी तरह तार्किक नहीं लगती।
अश्विन के अनुसार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में निरंतरता सबसे अहम होती है और अगर कोई गेंदबाज अच्छा कर रहा है, तो उसे अचानक बाहर बैठाने से उसकी लय टूट सकती है। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह के फैसले खिलाड़ी के आत्मविश्वास पर सीधा असर डालते हैं।
आत्मविश्वास और मानसिक पहलू की अनदेखी
अश्विन ने जोर देकर कहा कि क्रिकेट सिर्फ तकनीक और फिटनेस का खेल नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती से भी जुड़ा होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या टीम मैनेजमेंट ने कभी अर्शदीप की मानसिक स्थिति के बारे में सोचा।
उनका कहना था कि लगातार अच्छा करने के बावजूद अगर किसी खिलाड़ी को यह संदेश मिले कि उस पर भरोसा नहीं है, तो उसका असर मैदान पर दिखना तय है। अश्विन ने यह भी जोड़ा कि ऐसी स्थितियां अक्सर गेंदबाजों के साथ देखने को मिलती हैं, जबकि बल्लेबाजों को ज्यादा धैर्य दिया जाता है।
अपने अनुभव से जोड़ी तुलना
पूर्व स्पिनर ने अपने करियर के अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि वह खुद कई बार इस दौर से गुजर चुके हैं। उन्होंने बताया कि जब खिलाड़ी को बिना स्पष्ट कारण के बाहर रखा जाता है, तो वह खुद पर सवाल करने लगता है।
अश्विन के मुताबिक टीम में भरोसा महसूस करना किसी भी खिलाड़ी के प्रदर्शन के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि अर्शदीप ने जब-जब मौका मिला है, टीम के लिए जिम्मेदारी से गेंदबाजी की है और ऐसे खिलाड़ी को नजरअंदाज करना सही संकेत नहीं देता।
कोचिंग बदलाव और भविष्य की बहस
कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अर्शदीप (Arshdeep Singh) को टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी के तहत आराम दिया गया। हालांकि अश्विन इस तर्क से पूरी तरह सहमत नहीं दिखे। उनका कहना है कि मौजूदा कोच गौतम गंभीर के कार्यकाल में भी अर्शदीप इस फॉर्मेट में पूरी तरह ऑटोमैटिक चॉइस नहीं रहे हैं।
अश्विन ने यह भी कहा कि अगर तीसरे वनडे में अर्शदीप को मौका दिया जाता है, तो पहले दो मैच बाहर बैठाने से जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई तुरंत नहीं हो सकती। खिलाड़ी को शुरुआत से ही भरोसा मिलना चाहिए, ताकि वह निडर होकर मैदान में उतर सके और अपना सर्वश्रेष्ठ दे सके।
ये भी पढ़े : गंभीर के कहने पर अगरकर ने छीनी रोहित शर्मा की वनडे कप्तानी, KKR के पूर्व स्टार का खुलासा
FAQS
अर्शदीप को बाहर रखने पर किसने नाराजगी जताई?