Mustafizur Rahman IPL 2026 controversy : आईपीएल 2026 के ऑक्शन के बाद क्रिकेट मैदान से ज्यादा सियासी बयानबाज़ी सुर्खियों में आ गई है। 16 दिसंबर को हुए ऑक्शन में जब कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेश के तेज़ गेंदबाज़ मुस्ताफिजुर रहमान (Mustafizur Rahman) को बड़ी रकम में खरीदा, तो यह सौदा खेल तक सीमित नहीं रहा।
इस पर मेरठ से जुड़े बीजेपी नेता संगीत सोम का बयान सामने आया, जिसने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस छेड़ दी। बयान में न सिर्फ खिलाड़ी को निशाना बनाया गया, बल्कि अभिनेता और केकेआर के मालिक शाहरुख खान पर भी तीखा हमला किया गया।
संगीत सोम का बयान और उस पर उठा विवाद

मेरठ में एक सार्वजनिक सभा के दौरान संगीत सोम ने ऐसा बयान दिया, जिसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। उन्होंने कहा कि देश में पैसे और पहचान पाने के बावजूद कुछ लोग देश के साथ गद्दारी करते हैं।
उनके शब्दों में शाहरुख खान का नाम सीधे तौर पर लिया गया, जिससे यह बयान राजनीतिक के साथ-साथ सांस्कृतिक बहस में भी बदल गया। इस बयान का वीडियो और उससे जुड़े क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जहां समर्थकों और विरोधियों दोनों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
Mustafizur Rahman को लेकर धमकी भरा दावा
अपने भाषण में संगीत सोम ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान (Mustafizur Rahman) को लेकर भी सख्त और विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे खिलाड़ी भारत में खेलने आए, तो वे एयरपोर्ट से बाहर कदम नहीं रख पाएंगे।
इस कथन को कई लोगों ने सीधे तौर पर धमकी की तरह देखा। खेल जगत के जानकारों का मानना है कि इस तरह के बयान खेल और राजनीति के बीच की सीमाओं को धुंधला करते हैं और खिलाड़ियों की सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को जन्म देते हैं।
कोलकाता नाइट राइडर्स और आईपीएल की पृष्ठभूमि
आईपीएल 2026 ऑक्शन में कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्ताफिजुर रहमान को करीब 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा। यह फैसला पूरी तरह क्रिकेटिंग रणनीति के तहत लिया गया था, ताकि टीम की गेंदबाजी को मजबूती मिले।
आईपीएल जैसे अंतरराष्ट्रीय लीग में विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी सामान्य बात है, लेकिन इस बार मामला खिलाड़ी के प्रदर्शन से ज्यादा उसकी राष्ट्रीयता और उससे जुड़ी राजनीति पर केंद्रित हो गया।
सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया और राजनीतिक पृष्ठभूमि
संगीत सोम के बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूज़र्स ने सवाल उठाया कि जब विदेश नीति के तहत भारतीय नेता दूसरे देशों में जाते हैं, तो खेल के जरिए किसी विदेशी खिलाड़ी का आना देशद्रोह कैसे हो सकता है।
वहीं, संगीत सोम का राजनीतिक इतिहास भी चर्चा में आ गया। वे पहले भी अपने बयानों और 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़े आरोपों के कारण विवादों में रहे हैं। इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या खेल को राजनीति से अलग रखना अब भी संभव है, या हर बड़ा टूर्नामेंट सियासी बयानबाज़ी का मंच बनता जाएगा।