टूर्नामेंट शुरू होने से पहले आमतौर पर कप्तानों की यह बैठक टीमों की तैयारियों और रणनीतियों पर चर्चा के लिए होती है, लेकिन इस बार मामला राजनीतिक और कूटनीतिक विवादों तक पहुंच गया। सलमान आगा (Salman Ali Agha) ने बांग्लादेश के टूर्नामेंट से बाहर होने पर खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी, जिससे भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर पहले से चल रही अनिश्चितता और बढ़ गई।
बांग्लादेश के बाहर होने पर Salman Ali Agha ने जताई निराशा
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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब सलमान अली आगा (Salman Ali Agha) से बांग्लादेश की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने हमेशा पाकिस्तान का समर्थन किया है और दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध मजबूत रहे हैं।
आगा ने बांग्लादेश को भाई बताते हुए कहा कि उन्हें अफसोस है कि टीम इस बड़े ग्लोबल टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बन सकी। उनका यह बयान सोशल मीडिया और क्रिकेट हलकों में तेजी से वायरल हो गया और इसे राजनीतिक संदर्भ में भी देखा जाने लगा।
सुरक्षा कारणों से भारत जाने से मना करने पर हुआ विवाद
बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने की मुख्य वजह उनका भारत जाकर ग्रुप स्टेज मैच खेलने से इनकार करना रहा। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपने मैच भारत के बजाय किसी अन्य स्थान पर कराने की मांग की थी।
बोर्ड ने आईसीसी से मैचों को श्रीलंका में शिफ्ट करने का अनुरोध किया, लेकिन आईसीसी ने टूर्नामेंट शेड्यूल में बदलाव करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद बांग्लादेश को प्रतियोगिता से बाहर कर दिया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा विवाद खड़ा हो गया।
पाकिस्तान ने लिया भारत मैच के बहिष्कार का फैसला
बांग्लादेश के समर्थन में पाकिस्तान ने भी बड़ा कदम उठाया और 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले का बहिष्कार करने का फैसला किया। पाकिस्तान ने टूर्नामेंट में अपनी भागीदारी बरकरार रखी, लेकिन भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलने के फैसले ने टूर्नामेंट की प्रतिष्ठा और प्रतिस्पर्धा दोनों पर सवाल खड़े कर दिए।
सलमान अली आगा ने कप्तान के रूप में अपने पहले वर्ल्ड कप को लेकर उत्साह भी जताया और उम्मीद व्यक्त की कि टीम उनके नेतृत्व में अच्छा प्रदर्शन करेगी, हालांकि बहिष्कार के फैसले ने टीम की रणनीति पर भी असर डालने की संभावना बढ़ा दी है।
पाकिस्तान सरकार और बांग्लादेश का समर्थन
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने भी इस फैसले का सार्वजनिक समर्थन किया और इसे बांग्लादेश के प्रति एकजुटता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने यह फैसला सोच-समझकर लिया है और खेल में राजनीति नहीं आनी चाहिए। दूसरी ओर बांग्लादेश के युवा और खेल सलाहकार आसिफ नज़रुल ने सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान सरकार का धन्यवाद किया।
उन्होंने इस कदम को बांग्लादेश के साथ खड़े होने का प्रतीक बताया और कहा कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनका समर्थन किया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर आईसीसी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है, जिसमें बोर्ड ने उम्मीद जताई है कि पाकिस्तान अपने फैसले पर दोबारा विचार करेगा।
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