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23 साल के हर्ष दुबे ने रचा इतिहास, विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में सौराष्ट्र को हराकर विदर्भ को बनाया चैंपियन

23 साल के हर्ष दुबे ने रचा इतिहास, विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में सौराष्ट्र को हराकर Vidarbha को बनाया चैंपियन

Vijay Hazare Trophy Final: रविवार (18 जनवरी) को बेंगलुरु में स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड 1 में विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का फाइनल खेला गया, जिसमें विदर्भ (Vidarbha) ने इतिहास रचा और सौराष्ट्र को हराकर पहली बार टाइटल अपने नाम किया। विदर्भ ने यह कमाल 23 साल के हर्ष दुबे की कप्तानी में किया।

विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में विदर्भ (Vidarbha) को सौराष्ट्र के खिलाफ 38 रनों से जीत मिली। सौराष्ट्र के खिलाफ विदर्भ ने पहले दमदार बल्लेबाजी प्रदर्शन किया और फिर गेंदबाजी से कमाल करते हुए विपक्षी टीम को ऑल आउट कर दिया।

विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में विदर्भ (Vidarbha) के अथर्व तायडे का धमाकेदार शतक

23 साल के हर्ष दुबे ने रचा इतिहास, विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में सौराष्ट्र को हराकर Vidarbha को बनाया चैंपियन

सौराष्ट्र ने टॉस जीतकर विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में पहले गेंदबाजी का फैसला किया लेकिन बाद में यह गलत साबित हुआ, क्योंकि विदर्भ ने 50 ओवर में 317/8 का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। विदर्भ (Vidarbha) को इस बड़े स्कोर तक पहुंचाने में ओपनर अथर्व तायडे का बहुत ही जबरदस्त योगदान रहा, जिन्होंने एक बेहतरीन शतकीय पारी खेली और टीम की तरफ से टॉप स्कोरर भी रहे।

अथर्व तायडे ने 118 गेंदों में 123 रनों की पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। तायडे ने ओपनर अमन मोखाड़े (33) के साथ सबसे पहले 80 रनों की साझेदारी की और फिर दूसरे विकेट के लिए यश राठौड़ के साथ 133 रनों की पार्टनरशिप कर स्कोर को 200 के पार पहुंचा दिया। राठौड़ ने 61 गेंदों में 54 रन बनाए। इस दौरान 2 चौके और 2 छक्के लगाए। हालांकि, बाद के बल्लेबाज उतना ज्यादा योगदान नहीं दे पाए, यही कारण रहा कि विदर्भ (Vidarbha) की टीम 350 के स्कोर से चूक गई। सौराष्ट्र की तरफ से अंकुर पनवार ने सबसे ज्यादा 4 विकेट अपने नाम किए।

विदर्भ (Vidarbha) के गेंदबाजों के सामने सौराष्ट्र के बल्लेबाज नहीं हुए सफल

लक्ष्य का पीछा करते हुए सौराष्ट्र की शुरुआत खराब रही और उसे एक के बाद एक चार झटके लग गए। सेमीफाइनल में शतक लगाने वाले विश्वराज जडेजा भी कुछ खास कमाल नहीं कर पाए और 9 रन ही बना सके। 112 के स्कोर पर 4 विकेट गिरने के कारण सौराष्ट्र की टीम मुश्किल में नजर आ रही थी लेकिन यहां से प्रेरक मांकड़ और चिराग जानी ने पारी को संभालने का प्रयास किया और एक अहम साझेदारी करते हुए स्कोर को 200 के पार ले गए।

लग रहा था कि ये साझेदारी विदर्भ के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती है लेकिन तभी प्रेरक आउट हो गए। उन्होंने 92 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौकों की मदद से 88 रनों की पारी खेली। चिराग ने भी अर्धशतक जड़ा लेकिन अपनी पारी को ज्यादा लंबा नहीं ले जा पाए और 64 के निजी स्कोर पर आउट हो गए। इन दोनों के आउट होते ही सौराष्ट्र की पारी को ढेर होने में ज्यादा समय नहीं लगा और पूरी टीम 48.5 ओवर में 279 के स्कोर पर सिमट गई। विदर्भ (Vidarbha) की तरफ से यश ठाकुर ने जबरदस्त गेंदबाजी की और सबसे ज्यादा 4 विकेट अपने नाम किए।

विदर्भ (Vidarbha) ने पहली बार जीता विजय हजारे ट्रॉफी का खिताब

पिछले सीजन विदर्भ की टीम खिताब के काफी नजदीक पहुँच गई थी लेकिन फाइनल में उसे कर्नाटक ने हराकर बड़ा झटका दिया था। हालांकि, इस सीजन विदर्भ ने कोई गलती नहीं की और लीग स्टेज से लेकर नॉकआउट चरण में बेहतरीन खेल दिखाया और फिर फाइनल में सौराष्ट्र को हराकर इतिहास रच दिया। इस तरह विदर्भ की टीम पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी को अपने नाम करने में कामयाब रही।

FAQs

विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में विदर्भ ने सौराष्ट्र को कितने अंतर से हराया?
38 रन
विदर्भ की तरफ से फाइनल में किस बल्लेबाज ने शतक लगाया?
अथर्व तायडे

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