KL Rahul – आपको बता दे भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल (KL Rahul) अक्सर अपनी बैटिंग पोजिशन को लेकर चर्चा में रहते हैं। साथ ही टीम इंडिया में कभी उन्हें ओपनिंग करवाई जाती है, तो कभी मिडिल ऑर्डर और अब तो कई बार नंबर-6 तक भेज दिया जाता है। लेकिन असली पहचान केएल राहुल (KL Rahul) की हमेशा एक ओपनर के रूप में रही है।
क्यूंकि उन्होंने जब-जब पारी की शुरुआत की है, तो अपने बल्ले से गज़ब का जलवा बिखेरा है। तो वहीं इसका सबसे बड़ा उदाहरण रणजी ट्रॉफी 2015 में देखने को मिला, जब उन्होंने ऐसा खेल दिखाया जिसने विरोधी गेंदबाजों को पस्त कर दिया।
रणजी ट्रॉफी में आया केएल राहुल का तिहरा शतक
आपको याद दिला दे फरवरी 2015 में कर्नाटक और उत्तर प्रदेश के बीच रणजी ट्रॉफी का मुकाबला खेला गया। इस मैच में केएल राहुल (KL Rahul) ने कर्नाटक की ओर से ओपनिंग करते हुए ऐतिहासिक पारी खेली। उन्होंने 448 गेंदों पर 47 चौके और 4 छक्कों की मदद से 337 रन ठोक डाले। दरअसल, यह पारी उन्होंने करीब 671 मिनट तक बल्लेबाजी करते हुए खेली। केएल राहुल (KL Rahul) ने यूपी के गेंदबाजों पर बिल्कुल रहम नहीं दिखाया और हर तरफ रन बरसाए।
Also Read – कोच गंभीर भी जबरन नहीं दिलवा सकेंगे मोहम्मद शमी से संन्यास, बताया कब तक खेलेंगे क्रिकेट
राहुल की पारी से कर्नाटक का विशाल स्कोर
केएल राहुल (KL Rahul) की धमाकेदार बल्लेबाजी की बदौलत कर्नाटक ने पहली पारी में ही 719 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। लिहाज़ा यह किसी भी टीम को दबाव में डालने वाला स्कोर था। हालांकि मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ, लेकिन केएल राहुल (KL Rahul) की पारी रणजी इतिहास की सबसे बेहतरीन पारियों में गिनी गई। उस समय केएल राहुल (KL Rahul) ने साबित कर दिया कि वह लंबे समय तक क्रीज पर टिककर मैच का रुख बदलने वाले बल्लेबाज हैं।
टीम इंडिया में राहुल की चुनौतियां
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कहानी थोड़ी अलग जरूर रही है क्यूंकि टीम इंडिया में उन्हें कभी ओपनिंग का मौका मिला तो कभी मिडिल ऑर्डर का। याद दिला दे 2023 वर्ल्ड कप के फाइनल में उन्होंने नंबर-5 पर खेलते हुए 66 रन बनाए थे, लेकिन वह पारी थोड़ी धीमी रही और टीम इंडिया 240 रनों पर ही सिमट गई। शायद यही कारण है कि राहुल को अक्सर दबाव वाली पारियों में आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है।
विदेशों में भी दिखाया कमाल
वहीं दूसरी और रणजी ट्रॉफी के अलावा केएल राहुल (KL Rahul) ने विदेशी धरती पर भी गजब का प्रदर्शन किया है। इंग्लैंड में उन्होंने बतौर ओपनर 500 से ज्यादा रन ठोककर सुर्खियां बटोरी थीं। याद दिला दे यह कारनामा उन्होंने लगभग 22 साल बाद किया था। हालांकि इससे पहले इंग्लैंड में इतने रन बनाने वाले ओपनरों की लिस्ट में सिर्फ सुनील गावस्कर और ग्रीम स्मिथ का नाम था। केएल राहुल (KL Rahul) का यह रिकॉर्ड दिखाता है कि वह बड़े मंच पर भी बेहतरीन प्रदर्शन करने का दम रखते हैं।
तिहरे शतक की पारी क्यों है खास?
ऐसे में केएल राहुल (KL Rahul) की 337 रनों की पारी इसलिए भी खास मानी जाती है क्योंकि उन्होंने केवल बल्लेबाजी ही नहीं की, बल्कि विपक्षी गेंदबाजों का मनोबल भी तोड़ा। तो वहीं इतनी लंबी पारी खेलते हुए धैर्य, शॉट चयन और स्ट्राइक रोटेशन तीनों ही चीजों का जबरदस्त संतुलन दिखाया। लिहाज़ा, यही गुण उन्हें टीम इंडिया के लिए आज भी एक अहम खिलाड़ी बनाते हैं।