भारत एक ऐसा देश है, जहां क्रिकेट को धर्म की तरह पूजा जाता है। क्रिकेट का खेल सिर्फ खेल नहीं बल्कि लोगों के जीवन का सबसे अहम हिस्सा है और हाल ही में मैदान पर कुछ ऐसा हुआ, जिसने सभी को चौंका दिया। अचानक मधुमक्खियां के हमले से मैदान पर मौजूद खिलाड़ी घायल हो गए और सभी को अस्पताल पहुँचाना पड़ा। इस दौरान अंपायरिंग कर रहे अंपायर की हालत इतनी नाजुक हो गई कि वह उनके जीवन का अंतिम मैच बन गया।
मैदान पर किया Bee ने हमला

दरअसल, बुधवार, दोपहर को उत्तर प्रदेश के कानपुर के उन्नाव में मैदान पर अचानक मधुमक्खियां के झुंड ने हमला कर दिया और इस हमले में 60 साल के अंपायर की मृत्यु हो गई।
जानकारी के अनुसार जिस अंपायर की मृत्यु हुई है वो कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन से लगभग तीन दशकों से जुड़े थे और उनका नाम मानिक गुप्ता है। बताया जा रहा है कि मानिक गुप्ता पर हमले के दौरान कई जगह डंक लगे और उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें कानपुर के एक अस्पताल में रेफर किया गया। लेकिन वहां बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। जब मधुमक्खियां के झुंड ने हमला किया उस दौरान उन्नाव के शुक्लागंज स्थित सप्रू स्टेडियम में वाईएमसीसी और पैरामाउंट के बीच मैच चल रहा था।
केसीए के महाप्रबंधक दिनेश कटियार ने कही ये बात
केसीए के महाप्रबंधक दिनेश कटियार ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए बताया कि मानिक ने केसीए के अंडर-13 लीग टूर्नामेंट के तहत आयोजित पिछले मैच में अंपायरिंग की थी। यह मैच दोपहर 1:30 बजे समाप्त हुआ। वह अपने एक दोस्त के लिए वहीं रुक गए, जो पहले मैच के बाद शुरू होने वाले दूसरे मैच में अंपायरिंग कर रहा था। तभी मधुमक्खियों ने हमला किया। केसीए महाप्रबंधक ने बताया कि करीब एक दर्जन बच्चे भी मधुमक्खियों का शिकार बने और उनमें से ज्यादातर ने सफेद टी-शर्ट पहनी हुई थी।
दिनेश कटियार ने बताया कि मधुमक्खियों के झुंड ने सफेद टी-शर्ट पहने लोगों पर हमला किया गया और इस हमले के दौरान लगभग एक दर्जन खिलाड़ी और एक अन्य अंपायर समेत कुछ अन्य लोग भी घायल हुए। इस बीच 60 साल के अंपायर मानिक को कई जगह डंक लगे और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
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परिवार को दी जाएगी आर्थिक मदद
बताते चलें कि मधुमक्खियों के हमले का शिकार हुए सभी लोगों का इलाज केसीए द्वारा कराया जा रहा है और हम सभी के बीच नहीं रहे मानिक गुप्ता को आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी। दिनेश कटियार ने बताया कि मानिक का अंतिम संस्कार गुरुवार को कानपुर के भगवत दास घाट पर संपन्न हुआ।
कटियार ने कहा, “मानिक जिला स्तरीय अंपायर थे। KCA उनके परिवार को एक्स-ग्रेसिया देगा। इसके अलावा, कानपुर की क्रिकेट टीम भी उन्नाव डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट से बात कर रही है। हमें डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन से भी कुछ फाइनेंशियल मदद की उम्मीद है। चूंकि मानिक का हमारे साथ पुराना नाता था, इसलिए हम भी उनके परिवार को फाइनेंशियल मदद दिलाने में मदद करेंगे।”
कटियार ने बताया कि मानिक फुल टाइम अंपायर थे और स्थानीय मैचों में अंपायरिंग करके मिलने वाली फीस से अपना गुजारा करते थे। उन्होंने बताया कि वो डाइबाटिसज से मरीज थे और अचानक हुए इस हमले ने उन्हें बुरी तरह झकझोर दिया था।
FAQs
मधुमक्खी के डंक से क्या किसी की मौत हो सकती है?
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