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कोमा से बाहर आने के बाद इस क्रिकेटर ने साझा किया दर्दनाक अनुभव, सभी का जताया आभार

कोमा से बाहर आने के बाद इस क्रिकेटर ने साझा किया दर्दनाक अनुभव, सभी का जताया आभार

Damien Martyn: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज डेमियन मार्टिन पिछले कुछ समय से कोमा में थे और जिंदगी-मौत की जंग लड़ रहे थे। उनकी हालत काफी गंभीर बताई जा रही थी लेकिन अब एक गुड न्यूज सामने आई है। मार्टिन की स्थिति में सुधार हो गया है और वो अपने घर लौट आए हैं। उन्होंने खुद इसकी जानकारी दी और साथ ही एक खास पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर कर सभी का आभार भी जताया।

डेमियन मार्टिन को मेनिन्जाइटिस जैसी गंभीर बीमारी के कारण 26 दिसंबर, 2025 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्हें इंडस कोमा में रखा गया था। हालांकि, अब उनकी हालत में सुधार को देखते हुए, उन्हें कोमा से बाहर ले आ गया है।

कोमा से बाहर आने के बाद, घर आकर डेमियन मार्टिन ने जताया सभी का आभार

कोमा से बाहर आने के बाद इस क्रिकेटर ने साझा किया दर्दनाक अनुभव, सभी का जताया आभार

डेमियन मार्टिन को मेनिन्जाइटिस नाम की गंभीर बीमारी थी। जिन लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है, उनके लिए बता दें कि मेनिन्जाइटिस एक ऐसी स्थिति है जिससे मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के आसपास के क्षेत्रों में सूजन आ जाती है। मार्टिन के बचने की संभावना 50-50 थी, और स्थिति बेहद खराब दिख रही थी। उनके साथ खेल चुके एडम गिलक्रिस्ट ने भी उनकी हालत के बारे में जानकारी दी थी और उनके जल्द ठीक होने की कामना की थी। चमत्कारी रूप से मार्टिन की स्थिति में सुधार देखने को मिला और वो कोमा से भी बाहर आ गए।

ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने घर वापस आकर उन सभी का धन्यवाद दिया है, जो उनके ठीक होने की कामना कर रहे थे। इसके अलावा उन्होंने इस मुश्किल वक्त पर अपनी जर्नी के बारे में भी बात की। उन्होंने X पर पोस्ट शेयर कर लिखा,

“यह पोस्ट मेरे परिवार, दोस्तों और उन सभी लोगों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करने के लिए है जिन्होंने मुझसे संपर्क किया! 27 दिसंबर 2025 को मेरे हाथ से मेरी जान चली गई… जब मेनिन्जाइटिस ने मेरे दिमाग पर कब्ज़ा कर लिया, और मुझे बिना बताए ही मुझे 8 दिनों के लिए लकवाग्रस्त कोमा में डाल दिया गया ताकि मैं इस भयानक बीमारी से लड़ सकूं। और मैंने लड़ाई लड़ी!”

डेमियन मार्टिन ने अपनी बीमारी के बारे में खुद किया बयां

डेमियन मार्टिन ने इस बारे में बात की कि उन्हें जीवित रहने का 50-50 मौका दिया गया था और कैसे इस पूरे अनुभव ने उनकी आंखें कई और चीजों के लिए खोल दी हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा,

“इस अनुभव ने मुझे याद दिलाया है कि जीवन का भरोसा नहीं है। सब कुछ कितनी जल्दी बदल सकता है और समय कितना अनमोल है! इस दुनिया में कितने अद्भुत लोग हैं… पैरामेडिक्स (मरमेड वाटर्स एम्बुलेंस में), डॉक्टर और नर्स (गोल्ड कोस्ट यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में)… परिवार, दोस्त और वे लोग जिन्हें मैं जानता भी नहीं था। मुझे ऐसा लगता है कि मैं इन सभी शानदार लोगों से पिछले तीन हफ्तों में मिला हूँ, या उन्होंने प्यार और समर्थन के संदेशों के माध्यम से मुझसे संपर्क किया है।”

बता दें कि डेमियन मार्टिन को ऑस्ट्रेलिया के शानदार बल्लेबाजों में से एक के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 4406 रन बनाए। वहीं, वनडे में 5346 रन स्कोर किए। भारत के खिलाफ 2003 वर्ल्ड कप फाइनल में भी मार्टिन ने कमाल की पारी खेली थी और 88 रन बनाकर कप्तान रिकी पोंटिंग के साथ 234 रनों की साझेदारी निभाई थी। इस साझेदारी के कारण ही ऑस्ट्रेलिया ने बड़ा स्कोर बनाया था और फिर भारत को हराकर ख़िताब पर कब्जा जमाया था। अगर टी20 इंटरनेशनल की बात करें तो मार्टिन ने 4 मुकाबलों में 120 रन बनाए।

FAQs

कोमा से किस देश का क्रिकेटर बाहर आया है?
ऑस्ट्रेलिया
डेमियन मार्टिन किस बीमार का शिकार थे?
मेनिन्जाइटिस

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