Indian Player Finger Broken: इस समय भारतीय खिलाड़ियों का बुरा समय चल रहा है, क्योंकि एक के बाद एक कई खिलाड़ी चोटिल हो रहे हैं। अभी तक ऋषभ पंत, तिलक वर्मा और वाशिंगटन सुंदर इंजर्ड हुए थे, अब इस लिस्ट में बल्लेबाज सरफराज खान का नाम भी जुड़ गया है। पंत और सुंदर को टीम इंडिया के साथ होने पर इंजरी हुई, जबकि तिलक और सरफराज को विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान चोट लगी।
सरफराज खान को कर्नाटक के खिलाफ क्वार्टर फाइनल से पहले बल्लेबाजी अभ्यास के दौरान चोट लगी और इसी वजह से वो मुकाबला नहीं खेल पाए, जिसका खामियाजा उनकी टीम को हार झेलकर उठाना पड़ा।
बल्लेबाजी अभ्यास के दौरान सरफराज खान हुए चोटिल

विजय हजारे ट्रॉफी में सरफराज खान बहुत ही जबरदस्त लय में नजर आ रहे थे और उन्होंने पिछले मैच में 15 गेंद पर अर्धशतक भी बनाया था, जो लिस्ट ए में किसी भी भारतीय द्वारा सबसे तेज भी है। ऐसे में उम्मीद थी कि सरफराज क्वार्टर फाइनल मैच में भी कर्नाटक के खिलाफ अपनी अच्छा फॉर्म का फायदा उठाकर अच्छा करेंगे लेकिन उंगली में चोट के कारण वह मुकाबला नहीं खेल पाए।
टाइम ऑफ इंडिया के मुताबिक, सरफराज खान को नेट में बल्लेबाजी करते समय साईराज पाटिल की गेंद लगने से उनकी उंगली में चोट आ गई। इसके बाद सरफराज काफी दर्द में दिखे और उन्होंने बीच में ही बल्लेबाजी छोड़नी पड़ी। इसी इंजरी के कारण सरफराज को कर्नाटक के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेलने से चूकना पड़ा।
सरफराज खान को इंजरी होने के कारण मुंबई को मजबूरीवश उनके स्थान पर ओपनर ईशान मूलचंदानी को खिलाना पड़ा, जो कुछ खास नहीं कर पाए और 32 गेंदों पर 20 रन बनाकर आउट हो गए।
विजय हजारे ट्रॉफी में नजर आया सरफराज खान का प्रचंड फॉर्म
सरफराज खान की पहचान आमतौर पर रेड बॉल बल्लेबाज के रूप में आए हैं लेकिन उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में इस बार अलग ही रूप दिखाया और अपनी तूफानी बल्लेबाजी से गेंदबाजों का हाल-बेहाल कर दिया। सरफराज ने टूर्नामेंट में 5 पारियों में 75.75 की औसत से 303 रन बनाए, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल रहे। वहीं, सरफराज का स्ट्राइक रेट 190.56 का रहा।
कर्नाटक के खिलाफ मुंबई को मिली हार
विजय हजारे ट्रॉफी के पहले क्वार्टर फाइनल की बात करें तो इसमें कर्नाटक ने मुंबई को VJD मेथड की मदद से 55 रनों से हरा दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई ने टॉप ऑर्डर के साधारण प्रदर्शन के बावजूद 50 ओवर में 254/8 का स्कोर बनाया, जिसमें शम्स मुलानी की 86 रनों की पारी की अहम भूमिका रही। मुलानी के अलावा मुंबई का अन्य कोई बल्लेबाज फिफ्टी नहीं लगा पाया। कर्नाटक की तरफ से विद्याधर पाटिल ने सबसे ज्यादा तीन विकेट लिए।
जवाब में कर्नाटक ने 33 ओवर में 187/1 का स्कोर बना लिया था लेकिन तभी खराब रौशनी के कारण खेल आगे नहीं बढ़ पाया और फिर टीम को VJD मेथड के तहत विजयी घोषित कर दिया गया। कर्नाटक की तरफ से देवदत्त पडीक्कल ने एक बार फिर अपना कमाल दिखाया और 81 रनों की नाबाद पारी खेली। वहीं, करुण नायर के बल्ले से भी 74* रन आए।