Sri Lanka’s Bowler Completed 1000 FC Wickets: जिस उम्र में काफी सारे गेंदबाज संन्यास का ऐलान कर देते हैं, उस उम्र में श्रीलंका के बाएं हाथ के स्लो लेफ्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिनर मालिंदा पुष्पकुमारा ने इतिहास रचने का काम किया है। रेड बॉल क्रिकेट में 500 विकेट लेना भी एक बड़ी उपलब्धि होती है लेकिन पुष्पाकुमारा ने 1000 फर्स्ट क्लास विकेट पूरे कर इतिहास रच दिया है।
इस तरह फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 1000 विकेट लेने के मामले में मालिंदा पुष्पाकुमारा श्रीलंका (Sri Lanka) के चौथे गेंदबाज बन गए हैं। उन्होंने दिग्गजों के क्लब को ज्वाइन कर लिया है, जिसमें टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन भी शामिल हैं।
श्रीलंका (Sri Lanka) के मालिंदा पुष्पकुमारा ने किया फर्स्ट क्लास में 1000 विकेट लेने का कारनामा

38 साल के मालिंदा पुष्पकुमारा ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 1000 विकेट लेने की उपलब्धि ने श्रीलंका (Sri Lanka) मेजर लीग के तीन दिवसीय टूर्नामेंट में बदुरेलिया स्पोर्ट्स क्लब की ओर से मूर्स स्पोर्ट्स क्लब के खिलाफ खेलते हुए हासिल की। इस मुकाबले से पहले उनके नाम 998 विकेट थे। इसके बाद, पुष्पकुमारा ने मैच में 7 विकेट लेकर 137 रन दिए और बदुरेलिया ने एक पारी और 46 रनों से जीत दर्ज की। तीन दिवसीय मैच के अंतिम दिन सुबह, पुष्पकुमारा के 1000वें शिकार के रूप में मूर्स के पासिंदु सूरियाबंदारा क्लीन बोल्ड हो गए।
मालिंदा पुष्पकुमारा फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 1000 विकेट के आंकड़े को हासिल करने वाले 218वें गेंदबाज हैं। हालांकि, इसमें से 215 खिलाड़ी संन्यास ले चुके हैं और सिर्फ साइमन हार्मर व जेम्स एंडरसन ही एक्टिव हैं।
ये 4 श्रीलंकाई खिलाड़ी कर चुके हैं फर्स्ट क्लास में 1000 विकेट लेने का कारनामा
श्रीलंका (Sri Lanka) के पास एक से बढ़कर एक स्पिनर रहे और इसका श्रेय उनके फर्स्ट क्लास क्रिकेट को जाता है। मुथैया मुरलीधरन और रंगना हेराथ ने सालों तक बल्लेबाजों क अपने इशारे पर नचाया। ये दोनों ही गेंदबाज फर्स्ट क्लास में 1000 विकेट लेने का कारनामा कर चुके हैं। मुरलीधरन ने 1374 विकेट अपने नाम किए, जबकि रंगना हेरथ ने 1080 विकेट चटकाए।
वहीं, इन दोनों के साथ शामिल तीसरे गेंदबाज दिनुका हेट्टियाराची हैं, जिन्होंने 1001 विकेट हासिल किए। अब फर्स्ट क्लास में श्रीलंका (Sri Lanka) की तरफ से 1000 विकेट लेने वाले गेंदबाजों के क्लब मालिंदा पुष्पकुमारा की भी एंट्री हो गई है।
श्रीलंका (Sri Lanka) के लिए करियर नहीं रहा खास, फर्स्ट क्लास में बनाया अपना नाम
मालिंदा पुष्पकुमारा की बात करें तो उन्होंने फर्स्ट क्लास करियर की शुरुआत 2006 में की थी। हालांकि, इसके बाद उन्हें लगभग 11 साल का इंतजार करना पड़ा, तब जाकर श्रीलंका (Sri Lanka) के लिए 2017 में टेस्ट डेब्यू का मौका मिला। पुष्पकुमारा ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत भारत के खिलाफ कोलंबो में की थी। हालांकि, उनका टेस्ट करियर सिर्फ 4 मुकाबलों तक ही सीमित रह गया, जिसमें उन्होंने 14 विकेट चटकाए हैं।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में मालिंदा पुष्पकुमारा का प्रदर्शन बहुत ही लाजवाब रहा है। उन्होंने अभी तक अपने करियर में 173 मुकाबले खेले हैं और इस दौरान 20.02 की औसत से 1005 विकेट अपने नाम किए हैं। उन्होंने 28 बार 10 विकेट हॉल और 86 बार 5 विकेट हॉल भी लिया है। साफ़ पता चलता है कि यह खिलाड़ी उन अनलकी प्लेयर्स में से एक है, जो घरेलू क्रिकेट में चमकने के बावजूद इंटरनेशनल क्रिकेट में खास कमाल नहीं दिखा पाया।