Virat Kohli: टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली मौजूदा समय में सिर्फ एक फॉर्मेट- वनडे ही खेलते नजर आते हैं। कोहली ने साल 2024 में भारत के टी20 वर्ल्ड कप जीतते ही इंटरनेशनल लेवल पर इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया था। वहीं, पिछले साल मई में टेस्ट फॉर्मेट से भी संन्यास का ऐलान कर दिया था।
हाल ही में पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने विराट कोहली (Virat Kohli) को लेकर एक ऐसा बयान दिया, जिससे काफी लोग खफा हो गए। मांजरेकर ने कहा कि विराट ने सबसे आसान फॉर्मेट को जारी रखना चुना, जबकि टेस्ट में खुद की कमियों को दूर नहीं किया।
संजय मांजरेकर के विराट कोहली (Virat Kohli) को लेकर दिए गए बयान के बाद शुरू हुई नई बहस

दरअसल, सिडनी में खेले गए एशेज 2025-26 के आखिरी टेस्ट में इंग्लैंड के धाकड़ बल्लेबाज जो रूट ने शानदार पारी खेली थी और अपने टेस्ट करियर का 41वां शतक जड़ा था। इसके बाद, संजय मांजरेकर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था और उन्होंने कहा था कि जैसे-जैसे जो रूट नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं, उनका ध्यान विराट कोहली (Virat Kohli) के टेस्ट रिटायरमेंट पर जाता है, जिन्होंने पिछले पांच वर्षों में संघर्ष के दौरान यह पता लगाने की कोशिश नहीं की कि उनका टेस्ट औसत 31 क्यों रहा।
मांजरेकर ने आगे कहा कि जो रूट, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन अभी भी टेस्ट में अपना नाम बना रहे हैं लेकिन विराट कोहली ने संन्यास ले लिया। कोहली के संन्यास के फैसले से ज्यादा मुझे उनके वनडे क्रिकेट जारी रखने से निराशा हुई, क्योंकि उन्होंने उस फॉर्मेट को चुना जो एक टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज के लिए आसान होता है।
इसी बयान के कारण चर्चा छिड़ गई है कि क्या वनडे क्रिकेट सबसे आसान है या फिर विराट कोहली (Virat Kohli) ने अपने शानदार प्रदर्शन से इसे ऐसा बना दिया है। ऐसे में हम आपको तीनों ही फॉर्मेट में भारत के लिए कोहली के आंकड़ों के बारे में बताने जा रहे हैं और फिर इस बात का फैसला करेंगे कि उनके लिए कौन सा फॉर्मेट आसान है।
टेस्ट, ODI और टी20I में विराट कोहली के आंकड़े
भारत के लिए विराट कोहली (Virat Kohli) ने साल 2008 में अपने करियर की शुरुआत की थी और फिर कुछ सालों में ही वो ऑल फॉर्मेट प्लेयर बन गए। कोहली ने पहले व्हाइट बॉल क्रिकेट में अपना दबदबा दिखाया और फिर टेस्ट क्रिकेट में भी कामयाबी हासिल की।
विराट कोहली के टेस्ट करियर की बात करें तो उन्होंने 123 मैचों की 210 पारियों में 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए। इस दौरान कोहली के बल्ले से 30 शतक और 31 अर्धशतक देखने को मिले। विराट ने भले ही 10,000 रनों के आंकड़े को हासिल न किया हो लेकिन वह भारत के लिए टेस्ट में चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं।
टी20 इंटरनेशनल में भी विराट कोहली (Virat Kohli) के आंकड़े काफी शानदार हैं। उन्होंने 125 मैचों की 117 पारियों में 48.69 की औसत से 4188 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 137.04 का रहा है। कोहली के नाम 1 शतक और 38 अर्धशतक भी हैं।
तीनों फॉर्मेट के आंकडों के आधार पर यह फॉर्मेट है कोहली के लिए आसान
विराट कोहली (Virat Kohli) के तीनों फॉर्मेट के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो रन, औसत और शतक के मामले में वनडे में उनका जलवा काफी ज्यादा रहा है। यह वो फॉर्मेट है, जिसने उन्हें किंग और चेज मास्टर की उपाधि दिलाई। ऐसे में कहना गलत नहीं होगा कि कोहली के लिए सबसे आसान वनडे फॉर्मेट कहा जा सकता है।
FAQs
विराट कोहली के लिए आंकड़ों के आधार पर सबसे आसान फॉर्मेट कौन सा है?
कोहली किन दो फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं?
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