BCCI President Death: 25 जनवरी को भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला गुवाहाटी में खेला गया। इस मैच में एक बार फिर से भारतीय बल्लेबाजों का आतंक देखने को मिला और टीम ने 154 के लक्ष्य को 10 ओवर में ही 8 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया।
जब पूरा देश इस धमाकेदार जीत का जश्न मना रहा था, तभी एक दिल तोड़ने वाली खबर आई, जिससे मातम छा गया है, क्योंकि BCCI अध्यक्ष रह चुके इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का निधन हो गया, जिन्हें संक्षेप में आईएस बिंद्रा भी कहा जाता है।
84 साल की उम्र में BCCI अध्यक्ष का हुआ निधन

आईएस बिंद्रा को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार, वो काफी समय से बीमार चल रहे थे लेकिन रविवार को उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई और फिर शाम करीब 6:30 बजे दिल्ली में स्थित अपने आवास में आखिरी सांस ली। इस तरह उन्होंने 84 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा।
भारत में जब भी क्रिकेट को बढ़ावा देने और उसे लोकप्रिय बनाने वाले प्रशासकों की बात होगी, उसमें आईएस बिंद्रा का नाम मुख्य रूप से लिया जाएगा, जिन्होंने 1993 से लेकर 1996 तक BCCI अध्यक्ष की भूमिका निभाई। इसके अलावा पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के चीफ के रूप में 1978 से लेकर 2014 तक यानी करीब 36 साल तक अपनी सेवाएं दी। मोहाली में पीसीए स्टेडियम के विकास में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी, जिसके कारण इस स्टेडियम का नाम उनके नाम पर रखा गया और आज इसे आईएस बिंद्रा पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम नाम से जाना जाता है।
भारत को वर्ल्ड कप मेजबानी दिलाने में निभाई थी अहम भूमिका
जब वनडे वर्ल्ड कप की शुरुआत हुई थी तो इसका आयोजन इंग्लैंड में ही होता था लेकिन 1987 में बड़ा बदलाव देखने को मिला, क्योंकि उस साल के ODI वर्ल्ड कप का आयोजन पाकिस्तान के साथ भारत ने संयुक्त मेजबानी में किया। यह पहला मौका था जब वनडे वर्ल्ड कप का आयोजन इंग्लैंड के बाहर देखने को मिला। भारत को होस्टिंग राइट दिलाने में BCCI के पूर्व अध्यक्ष एनकेपी साल्वे और जगमोहन डालमिया के साथ आईएस बिंद्रा भी शामिल थे।
बिंद्रा ने पश्चिमी देशों के दबदबे को कम करने में अहम भूमिका निभाई थी, जिसके चलते भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका के नेतृत्व में एशियाई देशों ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि विश्व कप पहली बार उपमहाद्वीप में आयोजित हो। भारतीय टीम के पूर्व प्रबंधक और BCCI के वरिष्ठ अधिकारी अमृत माथुर के अनुसार, जब 1986 में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने के बाद ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी, तब बिंद्रा ने ही पाकिस्तान के सैन्य तानाशाह जनरल जिया-उल-हक को गतिरोध तोड़ने के लिए भारत आने का सुझाव दिया था।
हालांकि कई मामलों पर उनके विचार एकमत नहीं थे, फिर भी बिंद्रा और डालमिया ने यह सुनिश्चित किया कि 1996 का वर्ल्ड कप एक बार फिर भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाए। बिंद्रा एक कुशल राजनयिक और नौकरशाह थे जिन्होंने BCCI और बाद में आईसीसी में निर्णय लेने की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए अपने व्यापक नेटवर्क का इस्तेमाल किया, जहां वे शरद पवार के प्रमुख सलाहकार थे जब वे अध्यक्ष थे।
BCCI ने आईएस बिंद्रा के निधन पर जताया दुख
आईएस बिंद्रा के निधन पर BCCI ने 26 जनवरी की 12:29 AM पर ट्वीट किया और दुख जताया। बोर्ड ने अपने ट्वीट में लिखा,
“बीसीसीआई पूर्व अध्यक्ष श्री आईएस बिंद्रा के निधन पर शोक व्यक्त करता है। बोर्ड की संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवार और प्रियजनों के साथ हैं।”
The BCCI mourns the passing of former BCCI President – Mr IS Bindra. 🙏
The Board’s thoughts and prayers are with his family and loved ones. pic.twitter.com/boNAhwNSnL
— BCCI (@BCCI) January 25, 2026