Gautam Gambhir: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का चैंपियन बनने के बाद अब गौतम गंभीर इन दिनों रेस्ट करते नजर आ रहे हैं। गंभीर का इस दिनों रेस्ट चल रहा है, क्योंकि कुछ दिनों बाद आईपीएल की शुरुआत होगी और आईपीएल के समाप्ति के बाद गंभीर एक बार फिर टीम इंडिया के खिलाड़ियों के साथ में अगले सफर की शुरुआत करेंगे।
लेकिन इससे पहले उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। गौतम गंभीर ने दिपफेक और पहचान के दुरुपयोग के लिए ढाई करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है। तो आइए जान लेते हैं क्या है सारा मामला और क्यों मच रहा है इतना ज्यादा बावल।
हाई कोर्ट पहुंचे Gautam Gambhir

भारत को लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप चैंपियन बनाने में मदद करने के बाद गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) अब छुट्टियां मना रहे हैं। लेकिन इसी बीच वो कोर्ट पहुंचे और उन्होंने 16 पक्षों के खिलाफ याचिका दायर की है। गौतम गंभीर ने डिजिटल रूप से किसी और का रूप धरने, AI-जनरेटेड डीपफेक और बिना अनुमति के व्यावसायिक इस्तेमाल के एक सुनियोजित अभियान के खिलाफ अपने व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों की पूरी सुरक्षा की मांग करते हुए याचिका दायर की है।
मालूम हो कि यह दीवानी मुकदमा हाई कोर्ट के कमर्शियल डिवीज़न में दायर किया गया है, जिसमें गौतम गंभीर ने सोशल मीडिया अकाउंट, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और मध्यस्थों सहित कई प्रतिवादियों के खिलाफ तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
गंभीर की कानूनी टीम ने Instagram, X (पहले Twitter), YouTube और Facebook पर मनगढ़ंत डिजिटल सामग्री में तेज़ और चिंताजनक बढ़ोतरी को दस्तावेज़ों में दर्ज किया।
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गंभीर की टीम ने जारी किया ये बयान
इंडियन टीम के हेड कोच गंभीर (Gautam Gambhir) की टीम द्वारा जारी बयान के अनुसार, “कई अकाउंट्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फेस-स्वैपिंग और वॉइस-क्लोनिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके ऐसे असली जैसे दिखने वाले वीडियो बनाए, जिनमें झूठा दिखाया गया कि मिस्टर गंभीर ऐसे बयान दे रहे हैं जो उन्होंने कभी नहीं दिए, इनमें एक झूठा ‘इस्तीफे का ऐलान’ भी शामिल है, जिसे 29 लाख से ज़्यादा बार देखा गया, और एक मनगढ़ंत क्लिप भी जिसमें उन्हें सीनियर क्रिकेटर्स के वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के बारे में टिप्पणी करते हुए दिखाया गया था, जिसे 17 लाख से ज़्यादा बार देखा गया। सोशल मीडिया के अलावा, बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी बिना किसी इजाज़त के उनके नाम और तस्वीर वाले पोस्टर और सामान बेचने में मदद कर रहे थे।”
बता दें कि यह मुकदमा 16 प्रतिवादियों के खिलाफ दायर किया गया है, जिनमें पहचाने गए सोशल मीडिया अकाउंट (JanKey Frames, Bhupendra Paintola, Legends Revolution, gustakhedits, cricket_memer45, GemsOfCrickets, Crickaith, Sunny Upadhyay, @imRavY_), ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (Amazon, Flipkart), प्लेटफॉर्म मध्यस्थ (Meta Platforms Inc., X Corp., Google LLC / YouTube), और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा दूरसंचार विभाग शामिल हैं। इन्हें किसी भी अदालती आदेश के कार्यान्वयन को सुविधाजनक बनाने के लिए प्रोफोर्मा पक्ष के रूप में शामिल किया गया है।
गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने एक बयान में कहा है कि, “मेरी पहचान—मेरा नाम, मेरा चेहरा, मेरी आवाज़—का इस्तेमाल कुछ गुमनाम अकाउंट्स ने गलत जानकारी फैलाने और मेरी कीमत पर पैसे कमाने के लिए एक हथियार के तौर पर किया है। यह सिर्फ़ मेरे निजी दुख का मामला नहीं है; यह कानून, गरिमा और उस सुरक्षा का मामला है, जिसके हर सार्वजनिक हस्ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में हकदार है।”
FAQs
गौतम गंभीर की उम्र क्या है?
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