जय शाह (Jay Shah): भारत और बांग्लादेश (IND vs BAN) के बीच खेली जाने वाली 3 मैचों की टी-20 सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया (Team India) के स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है. इस टीम में BCCI के सचिव जय शाह (Jay Shah) के दुश्मन को बाहर का रास्ता दिखा दिया है.
दरअसल, इस टी-20 श्रृंखला के लिए भारतीय टीम की कप्तानी स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव के हाथों में सौंपी गई है. इसके अलावा कुछ युवा प्लेयर्स को मौका दिया गया है लेकिन गंभीर के दुश्मन को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.
Jay Shah के दुश्मन का करियर तबाह करने में लगे हैं गंभीर
दरअसल, हम यहाँ पर जिस खिलाड़ी को जय शाह (Jay Shah) का दुश्मन बता रहे हैं वो कोई और नहीं बल्कि टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन (Ishan Kishan) हैं. ईशान ने जय शाह के निर्देशों का पालन नहीं किया था और इसी वजह से उनका सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट भी रद्द कर दिया गया था और उसके बाद से उन्हें टीम में भी नहीं चुना जा रहा है.
अब बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की टी-20 सीरीज के लिए भी ईशान को टीम इंडिया में जगह नहीं मिली है. ऐसे में अब हेड कोच गौतम गंभीर भी उनका करियर तबाह करने में लगे हुए हैं और ईशान को मौका नहीं दिया जा रहा है.

इन दो विकेटकीपर को मिला टीम इंडिया में मौका
अगर बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज के लिए घोषित हुई टीम पर नजर डालें तो इसमें दो विकेटकीपर बल्लेबाजों को मौका दिया गया है. इस लिस्ट में सबसे पहला नाम संजू सैमसन का शामिल है और उन्हें टीम में शामिल किया गया है.
इसके अलावा दूसरे विकेटकीपर के लिए जितेश शर्मा को चुना गया है, जबकि पिछले कुछ समय से उनका रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है. हालाँकि, इसके बाद भी किशन को टीम में शामिल नहीं किया गया है और उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.
दलीप ट्रॉफी में ईशान ने किया था बेहतरीन प्रदर्शन
अगर किशन की बात करें तो उन्होंने पिछले कुछ समय से घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है. सबसे पहले उन्होंने बुचि बाबू टूर्नामेंट में शतक लगाया और फिर उसके बाद किशन ने दलीप ट्रॉफी 2024 में शतक लगाया था.
बाएं हाथ के बल्लेबाज ने इंडिया ‘सी’ के लिए खेलते हुए 111 रनों की पारी खेली थी. हालाँकि, इस टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी उन्हें टीम इंडिया में मौका नहीं मिला है और जय शाह (Jay Shah) के निर्देशों का पालन नहीं करना उन्हें भारी पड़ रहा है.
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