Jason Holder On Asia Cup Trophy Controversy: एशिया कप 2025 को समाप्त हुए कई महीने बीत चुके हैं लेकिन ट्रॉफी विवाद अभी तक नहीं सुलझा है। टूर्नामेंट का फाइनल टीम इंडिया ने जीता था लेकिन भारतीय खेमे ने एसीसी चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था, क्योंकि वो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं। इसी वजह से नकवी ट्रॉफी अपने साथ लेकर चले गए थे।
भारत द्वारा एशिया कप (Asia Cup) की ट्रॉफी मोहसिन नकवी के हाथों से न लेने के फैसले की चारों तरफ काफी चर्चा हुई। अब इस पर वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान जेसन होल्डर ने भी अपनी राय दी है और उन्होंने पूरे मामले में भारत को गलत ठहराया है।
एशिया कप ट्रॉफी विवाद पर जेसन होल्डर ने दी प्रतिक्रिया

भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल काफी तनाव देखने को मिला। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हालात और बिगड़ गए, जिसके बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने एशिया कप (Asia Cup) के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ तक नहीं मिलाया। वहीं, एसीसी के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से भी इनकार कर दिया, क्योंकि उनका नाता पाकिस्तान क्रिकेट से है।
हालांकि, जेसन होल्डर का मानना है कि दोनों देशों को अपने मुद्दों को सुलझा लेना चाहिए। होल्डर ने ग्रेस हेडन के पॉडकास्ट पर यह बात कही। उन्होंने कहा,
“सच कहूं तो, मुझे भारत-पाकिस्तान के बीच का यह सारा तनाव पसंद नहीं है। क्रिकेट के मैदान से परे जाकर शुरू हुआ यह तनाव बेहद दुखद है। दोनों विश्व क्रिकेट की दो महाशक्तियां हैं, और जिस तरह से हालात बदले हैं… मैंने भारत को एशिया कप जीतते देखा, लेकिन वह ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं गया, मुझे लगता है यह हद से ज्यादा है।”
“ये सब बातें हमारे खेल का हिस्सा नहीं होनी चाहिए, खासकर तब जब हम दुनिया के प्रतिनिधि हैं। अगर हम विश्व शांति और दुनिया को बेहतर बनाने की बात कर रहे हैं, तो आप अपने आदर्शों और प्रेरणादाताओं से ये सब नहीं देखना चाहेंगे। अगर आप एक पीढ़ी और पूरी दुनिया को प्रेरित करने की कोशिश कर रहे हैं, तो आपको एकजुट होने का रास्ता खोजना होगा।”
क्रिकेट फील्ड से सम्बन्ध हो सकते हैं बेहतर
जेसन होल्डर ने पॉडकास्ट पर आगे कहा,
“मैं समझ सकता हूँ कि क्रिकेट के मैदान से बाहर यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है, और मुझे गलत मत समझिए, मैं इसके पीछे के लंबे इतिहास को भी समझता हूँ। लेकिन मुझे लगता है कि अगर इसमें बदलाव लाना है, तो इसकी शुरुआत क्रिकेट के मैदान पर हमारे प्रभावशाली खिलाड़ियों और टीमों से हो सकती है।
हां, मैदान के बाहर ऐसा हो सकता है, लेकिन मुझे लगता है कि इसे शांत करने और दबाने का एक तरीका यह है कि भारत और पाकिस्तान खेल में एकजुट हों। मुझे लगता है कि इससे हर चीज के संदर्भ में बहुत बड़ा बदलाव आएगा। अगर वे मैदान पर ऐसा कर सकते हैं, तो दोनों देश शायद कह सकें कि देखो, खेल के स्तर पर तो यह हो चुका है, शायद हम इसे रोजमर्रा के स्तर पर भी कर सकते हैं, इस लड़ाई को रोक सकते हैं, भारत और पाकिस्तान के बीच इस युद्ध को खत्म कर सकते हैं।”